अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस:कोरोनाकाल में बेहतर सेवाएं देने पर डॉ. साक्षी को किया सम्मानित, बच्चों को दी छात्रवृत्ति

पठानकोट9 महीने पहले
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डाॅक्टर साक्षी को पुरस्कार देकर सम्मानित करती जीएनडीयू काॅलेज नरोट जैमल सिंह की प्रिंसिपल डा.अर्पणा व राष्ट्र उपाध्यक्ष सुधा शर्मा। - Dainik Bhaskar
डाॅक्टर साक्षी को पुरस्कार देकर सम्मानित करती जीएनडीयू काॅलेज नरोट जैमल सिंह की प्रिंसिपल डा.अर्पणा व राष्ट्र उपाध्यक्ष सुधा शर्मा।
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शहीद मक्खन सिंह सरकारी सेकेंडरी स्कूल में कार्यक्रम

पीठ परिषद आदित्यवाहिनी आनंदवाहिनी खानपुर मनवाल की ओर से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शहीद मक्खन सिंह सरकारी सेकेंडरी स्कूल में कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम के दौरान डाॅक्टर साक्षी को कोविड में चिंतपूर्णी मेडिकल काॅलेज में बनाए आईसोलेशन वार्ड में बेहतर सेवाए देने पर स्पेशल तौर पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

डाक्टर साक्षी ने संस्था सदस्यों का धन्यवाद किया और कहा कि वह लोगों की सेवा के लिए आगे भी ऐसे कार्य जारी रखेंगी। वहीं कार्यक्रम में राष्ट्रीय भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाए देने वाली डाक्टरों और महिलाओं को सम्मानित किया गया। संस्था द्वारा विभिन्न काॅलेजों के बच्चों को छात्रवृतियां दी गईं। कार्यक्रम में जीएनडीयू काॅलेज नरोट जैमल सिंह की प्रिंसिपल डाॅ.अर्पणा, जिला शिक्षा अधिकारी वरिंद्र पराशर विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्य वक्ता के रूप में शोभा पराशर मौजूद रहीं। जिन्होंने व्यक्ति व समाज के निर्माण में मातृशक्ति का योगदान विषय पर अपने विचार रखे।

नारी समाज की वास्तविक शिल्पकार, माता के व्यक्तित्व और कृतित्व का प्रभाव बच्चे पर निश्चित रूप से पड़ता है

सनातन धर्म में नारी सम्मान सर्वोच्च

राष्ट्र उपाध्यक्ष आनंदवाहिनी सुधा शर्मा ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि नारी समाज की वास्तविक शिल्पकार है। माता के व्यक्तित्व व कृतित्व का प्रभाव बच्चे पर निश्चित रूप से पड़ता है। उन्होंने बताया कि नारी का माता के रूप में पिता के एक हजार गुणा ऊंचा स्थान है। सनातन धर्म में नारी सम्मान सर्वोच्च है। कार्यक्रम में संस्था के अधिकारी, सदस्य, मातृशक्ति व बाल आनंदवाहिनी के सदस्य मौजूद रहे।

कविता

‘सम्मान करो सम्मान करो महिलाओं का सब सम्मान करो’

महिला क्या है--महिला मां है, बेटी है, बहन है, पत्नी है। आज महिला दिवस पर सभी महिलाओं को समर्पित एक कविता
सम्मान करो सम्मान करो महिलाओं का सब सम्मान करो,
लेकर मन में नई आशाऐं, महिलाओं का उत्थान करो. 2
सुरक्षित हो महिला का हर पल, न कहीं भी बलत्कार हो, घर पर रहें या काम पर न कहीं भी अत्याचार हो।
सबको समझो बेटी और बहन, न कहीं भी परेशान करो। 2
बेटी जब पैदा होती है, सब कहते लक्ष्मी आई है। पर उसके पैदा होने पर नहीं देते लोग बधाई है। लक्ष्मी की करके तुम पूजा घर अपने को धनवान करो। 2
पत्नी जब घर में आती है, आते ही मित्र बन जाती है। दुनिया की सारी ऊंच नीच,वो आपको सब समझाती है। जो घर को स्वर्ग बना देती, उस पत्नी पर अभिमान करो। 2
बेटी, बहन, पत्नी बनती, वो दिल से मां बन जाती है। जब भी जीवन में कष्ट आऐ वो ठंडी छांव बन जाती है।
उस मां के दूध के कर्ज का न जग वालो अपमान करो।2
वो डाॅक्टर बनी, वकील बनी, शिक्षक बनकर भी दिखा दिया, वो साइंस में भी गुरु बनी चांद पे तिरंगा लहरा दिया। जो देश विदेश में चमक गई घर पर तो उसका मान करो।
सम्मान करो सम्मान करो महिलाओं का सब सम्मान करो।
ले कर मन में नई आशाएं, महिलाओं का उत्थान करो।

-डॉ राज ठुकराल पठानकोट

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