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एक-एक कर बुलाया जाएगा:सिविल में ढाई माह बाद कल से शुरू होगी इलेक्टिव सर्जरी, 100 से अधिक केस पेंडिंग

पठानकोट18 दिन पहले
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कोविड के चलते सिविल अस्पताल में सिर्फ सिजेरियन और इमरजेंसी में हडि्डयाें का ऑपरेशन किया जा रहा था। - Dainik Bhaskar
कोविड के चलते सिविल अस्पताल में सिर्फ सिजेरियन और इमरजेंसी में हडि्डयाें का ऑपरेशन किया जा रहा था।
  • अस्पताल में भीड़ न हो, इसके लिए मरीजों को तारीख दी जाएगी

कोरोना की रफ्तार कम होने पर सिविल अस्पताल में मार्च से बंद पड़ी इलेक्टिव सर्जरी मंगलवार से शुरू हाे जाएगी। जिसके चलते पेंडिग चल रहे इलेक्टिव सर्जरी में हार्निया, पेंडिक्स, बच्चेदानी में रसोली, बवासीर, कान, आंख, मुंह की सर्जरी, आर्थो ऑपरेशन समेत 15 तरह के ऑपरेशन मंगलवार यानि कल से हो जाएंगे। इन ढाई महीने में करीब 100 इलेक्टिव सर्जरी पेंडिंग चल रही है।

जिसके चलते अब सिविल के डाक्टर्स द्वारा इलेक्टिव सर्जरी करवाने वाले मरीजों के तीमारदारों से सम्पर्क कर समय देकर अस्पताल में बुलाकर ऑपरेशन किया जाएगा। इससे पहले कोविड के चलते सिविल अस्पताल में सिर्फ सिजेरियन और इमरजेंसी में हडि्डयाें का ऑपरेशन किया जा रहा था। स्टाफ का कहना है कि सिविल अस्पताल में रुटीन में 10 से 15 इलेक्टिव सर्जरी और 10 सिजेरियन होते हैं।

एसएमओ डाॅ.राकेश सरपाल ने बताया कि कोविड के चलते सिविल में मार्च महीने से इलेक्टिव सर्जरी बंद थी। लेकिन अब जिले में कोरोना की रफ्तार कम होने पर सरकार के आदेश पर मंगलवार से सिविल में इलेक्टिव सर्जरी को शुरू करवाया जाएगा।

इसके लिए ऑपरेट करवाने वाले लोगों को बुलाकर सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाएगा और अस्पताल में भीड़ न हो, इसके लिए मरीजाें काे तारीख दी जाएगी और एक-एक करके बुलाकर इलेक्टिव सर्जरी की जाएगी।

मई में रोजाना 400 से पार आ रहे थे केस, जून में घट कर हुए 80, मौतों का आंकड़ा भी गिरा, एक्टिव केस मात्र 672

काेराेना की दूसरी लहर मई के पहले सप्ताह में शुरू हाे गई थी इस दाैरान रोजाना 400 से अधिक पाजिटिव केस मिल रहे थे। लेकिन अब कोरोना का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है और जून में पाजिटिव केसाें की संख्या कम होकर 80 के नीचे पहुंच गई है।

रोजाना 1500 से अधिक लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं रविवार को जिले में 56 नए केस मिले एक व्यक्ति की माैत हुई। वहीं 124 लोग स्वस्थ हुए। जिले में कोरोना से मरने वालाें का आंकड़ा 391 पहुंच गया है। वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या घटकर 672 रह गई है। सिविल सर्जन डा.हरविंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को 2323 सेंपलो की आई रिपोर्ट में 56 लोग पाजिटिव आए हैं।

अब तक 187902 लोगों को लग चुकी है वैक्सीन

रविवार को 331 लोगों के कोरोना की जांच हेतु सैंपल लिए गए। 880 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। अब तक जिले में 18 हजार 109 पाॅजिटिव केस मिल चुके हैं, जबकि 17047 लोगों ने रिकवर किया है। रविवार को जिले में 804 लोगों को वैक्सीन लगी। जिले में अब तक 187902 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।

तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई जा रही

कोरोना की तीसरी लहर के अंदेशे ने जहां लोगों को परेशान में डाल दिया है। कहा जा रहा है कि अगर तीसरी लहर आई तो बच्चों को ज्यादा खतरा रहेगा, क्योंकि अभी तक बच्चों की वैक्सीनेशन शुरू नहीं हो पाई है। इसमें हमें बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है।

चाइल्ड विशेषज्ञय डाक्टरों का कहना है कि बच्चों की इम्युनिटी को मजबूत बनाकर तीसरी लहर से निपटना आसान होगा। इसके लिए जरूरी है उनके खान-पीन, फिजिकल, तनाव मुक्त, दिनचर्या और सावधानी के मानकों पर खास ध्यान रखा जाए।

बच्चों को न फास्ट फूड दें, न ठंडा पानी पिलाएं

  • बच्चों को फास्ट फूड से बचाए, क्योंकि इनमें किसी न किसी रूप में केमिकल होता है। यह इम्युनिटी पर दुष्प्रभाव डालता है।
  • घर में तैयार खाना खिलाएं। उनकी बेहतर इम्युनिटी के लिए चने और मूंगफली दें। सुबह के समय रात को भिगोया 2-3 बादाम, मुनक्का, एक अखरोट और एक अंजीर आदि दें।
  • हमेशा सीजन फल और सब्जिया खिलाएं, उनके खाने में टमाटर, खीरा, निंबू और प्याज जरूर दें।

यदि बच्चों में खांसी, जुकाम के लक्षण दिखें तो तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं

बच्चों के डाक्टर अभय गर्ग का कहना है कि बच्चों में खांसी, जुकाम और पेट की समस्या होने पर तुरंत डाक्टर से सम्पर्क करें। बिना डाक्टर की सलाह के कोई दवा जैसे एंटीबायोटिक, एंटीवायरल, ड्रग्स, स्टेराइडस आदि बिल्कु भी न खिलाए।

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