पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

यूरिया संकट:जिले में स्टॉक जीरो, हिमाचल और जेएंडके से 200 रुपए तक महंगी बोरी ला रहे किसान

पठानकोट3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • किसान आंदोलन के चलते यूरिया और डीएपी की मालगाड़ियां सूबे से बाहर फंसी

किसानों के रेल रोको आंदोलन की वजह से पंजाब में ट्रेनों का परिचालन महीने से बंद है। इसके चलते पंजाब में यूरिया की किल्लत हो गई है। खेतीबाड़ी विभाग की मानें तो पठानकोट में यूरिया का स्टॉक शून्य हो गया है। किसान पड़ोसी राज्य हिमाचल के इंदौरा, डमटाल, जसूर तथा जेएंडके के कठुआ से खाद ला रहे हैं। लिहाजा सामान्य में 280 रुपए मिलने वाली यूरिया की बोरी डेढ़ सौ से दो रुपए महंगी में मिल रही है।

जिले में हर साल यूरिया की 11 लाख 710 मीट्रिक टन यूरिया की खपत होती है और प्रदेश में कई दूसरी कंपनियों से यूरिया एवं डीएपी की सप्लाई होती है, लेकिन मुख्य तौर पर महाराष्ट्र तथा गुजरात की फर्टीलाइजर कंपनियों से यूरिया व डीएपी आती है। इस बार किसान आंदोलन के चलते यूरिया व डीएपी से लदी गाड़ियां राजस्थान, हरियाणा में फंसी हुई हैं। इसके चलते पठानकोट में यूरिया की किल्लत शुरू हो गई है और यूरिया का स्टॉक जीरो हो गया है। ब्लाक खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह ने बताया कि जिले में यूरिया का स्टाक जीरो है, किसान पड़ोसी राज्यों पर निर्भर हैं। 23 नवंबर तक किसानों ने ट्रैक से हटने का भरोसा दिया है, जिसके बाद ट्रेन चलने पर खाद यहां पहुंच जाएगी।

हिमाचल से लाए खाद : मुल्खराज
गोतरा लाहड़ी कोठे के किसान मुल्ख राज ने कहा कि आसपास कहीं खाद नहीं मिल रही। फसल को नुकसान से बचाने के लिए हिमाचल से अपने खर्च पर डेढ़ सौ रुपए महंगी बोरी लेकर आए हैं।

सरकार मुहैया कराए खाद: बलवंत
गांव घोह के किसान बलवंत सिंह ने कहा कि गेहूं, आलू और मटर में खाद की जरूरत होती है। यूरिया नहीं मिल रही है, उसकी किल्लत को दूर करने के लिए सरकार कदम उठाए।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- परिस्थिति तथा समय में तालमेल बिठाकर कार्य करने में सक्षम रहेंगे। माता-पिता तथा बुजुर्गों के प्रति मन में सेवा भाव बना रहेगा। विद्यार्थी तथा युवा अपने अध्ययन तथा कैरियर के प्रति पूरी तरह फोकस ...

और पढ़ें