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पंजाब अचीवमेंट सर्वे में 100% भागीदारी का सच:एक स्मार्टफोन पर पढ़ रहे चार बच्चे, 45 हजार में से 20 फीसदी के पास मोबाइल नहीं

पठानकोट10 दिन पहले
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आनंदपुर रड़ा में फोन की टूटी स्क्रीन दिखाता मजदूर का बच्चा।
  • सर्वे को घर-घर जा रहे अध्यापक, पहली के बच्चे से 10, दूसरी से 5वीं तक 15, छठी से 12वीं तक के बच्चों से पूछे जा रहे 20 प्रश्न

कोरोना के चलते लॉकडाउन होने से स्कूलों में पढ़ाई ठप है। हालांकि एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से पहली से प्लस-टू तक के स्टूडेंट्स की ऑनलाइन स्टडी कराने के दावे किए जा रहे हैं और स्कूल बंद होने की स्थिति में मासिक परीक्षा नहीं हो पाने के चलते स्टूडेंट्स के डिपार्टमेंट की ओर से स्टूडेंट्स को मूल्यांकन के लिए पंजाब अचीवमेंट सर्वे कराया जा रहा है ताकि स्टूडेंट्स की स्थिति का पता चल सके।

भास्कर के रियलिटी चेक में सामने आया कि जिले के 45 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स में 20 फीसदी के पेरेंट्स के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। कई जगह पर टूटे मोबाइल से पढ़ाई हो रही है। बता दें कि पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए पंजाब अचीवमेंट सर्वे 11 नवंबर से करवाया जा रहा है। इसमें 11 से 16 नवंबर तक पहली से 5वीं और 16 से 20 नवंबर तक छठी से दसवीं और 20 से 24 नवंबर तक प्लस-वन और टू के स्टूडेंट्स ने सर्वे में हिस्सा ले रहे हैं।

सर्वे में पहली के लिए 10 प्रश्न और दूसरी से पांचवीं तक 15 प्रश्न पूछे गए। छठी से बारहवीं तक 20 प्रश्नों के 2-2 अंक हैं। स्टूडेंट्स को लिंक पहले से निर्धारित आईडी पर भेजे जाते हैं। लिंक दो दिन के लिए उपलब्ध कराया जाता है। एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से दावा किया गया है कि ऑनलाइन अचीवमेंट सर्वे में जिले के 48 हजार 417 हिस्सा ले रहे हैं।

अभी तक प्राइमरी के 15 हजार 295 बच्चों ने हिस्सा लिया है। नौवीं से प्लस-2 तक के सभी बच्चों के पास स्मार्ट फोन हैं, जिनके पास नहीं हैं, वे अपने दोस्तों के साथ सांझा कर रहे हैं। पहली से आठवीं तक के बच्चों में कई 2 फीसदी मजदूर वापस लौट गए हैं। हालांकि, उनसे टीचर का कांटेक्ट नहीं हो पा रहा है, उनके नाम काटने का दावा किया गया है।

चार बच्चों के पास एक स्मार्टफोन, पेरेंट्स बोले-अचीवमेंट टेस्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं

आनंदपुर कुलियां में रहते प्रवासी मजदूरों के बच्चे सरकारी स्कूल आनंदपुर टंकी, शहीद मक्खन सिंह स्कूल में पढ़ते हैं। प्रवासी राज कुमार ने बताया कि फेरी लगाते हैं और पहले यहां 8 बच्चे थे, उनमें से 4 वापस लौट गए हैं। 4 बच्चों के पास दो स्मार्टफोन हैं, उनमें एक की स्क्रीन टूटी है। एक समय में एक ही बच्चा स्मार्टफोन पर पढ़ सकता है। सरकारी स्कूल आनंदपुर में पढ़ते इन बच्चों ने बताया कि दो दिन से नेटवर्क नहीं है। अचीवमेंट सर्वे को टेस्ट के बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है।

प्राइमरी के बच्चों को ऑनलाइन याद कराना मुश्किल : शिक्षक

सर्वे में स्टूडेंट्स की 100 फीसदी शमूलियत के लिए दबाव डालकर टीचरों को पेरेंट्स को अवेयर करने के लिए पहले भेजा गया और अब जब मूल्यांकन शुरू हो गया तो टीचर डोर टू डोर टेस्ट कराने के लिए पहुंच रहे हैं। स्टूडेंट्स को पेपर में हिस्सा लेने के लिए कहा जा रहा है। उन्हें सवाल पूछे जा रहे हैं। वहीं, कई टीचर्स ने सवाल उठाया है कि यदि टीचर ही घर-घर जाकर पंजाब अचीवमेंट सर्वे के लिए टेस्ट करवाएंगे तो बच्चों का सही मूल्यांकन कैसे हो पाएगा और टेस्ट की पारदर्शिता कैसे रहेगी।

हर टीचर अपना रिकार्ड ठीक रखने के लिए बच्चों को सही जवाब बता ही देगा। वहीं, लमीनी एरिया में सरकारी स्कूल की दो टीचर्स ने माना कि सभी पेरेंट्स के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, इसलिए टीचर्स घरों में जाकर बच्चों से सवाल देते हैं और उनके जवाब नोट किए जाते हैं।

सही जवाब के बारे में उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के साथ स्कूल में ही दिक्कत होती है और अब तो छह महीने से स्कूल बंद हैं, सही जवाब दे पाना भी मुश्किल है। इसलिए थोड़ी बहुत मदद करवा दी जाती है। सर्वे सेकेंडरी के लिए होना चाहिए जिनकी बौद्धिक क्षमता प्राइमरी के बच्चों से ज्यादा होती है।

डीईओ प्राइमरी बोले-अचीवमेंट सर्वे में बच्चों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा

प्रोत्साहित कर रहे हैं टीचर जिला शिक्षा अधिकारी प्राइमरी बलदेव राज ने कहा कि अचीवमेंट सर्वे के लिए बच्चों को प्रोत्साहित किया गया है और उसका अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। टीचर्स की ओर से घर-घर जाकर स्टूडेंट्स को पेपर देने के लिए उत्साहित किया गया है। उसमें 100 फीसदी तक स्टूडेंट्स की भागीदारी रही है।

स्मार्टफोन तो दूर कीपैड फोन भी नहीं, बच्चे पढ़ें कैसे, न ही अचीवमेंट सर्वे का पता है : सतीश

लमीनी एरिया के रहने वाले राजमिस्त्री सतीश कुमार का बेटा जतिन प्राइमरी स्कूल लमीनी में ही तीसरी कक्षा का स्टूडेंट है। उनके पास स्मार्टफोन दूर कीपैड वाला फोन तक नहीं है। सतीश कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के चलते 6 महीने से बच्चे घर पर हैं। अचीवमेंट सर्वे के बारे में उन्होंने कहा कि पता नहीं हैं। टीचर कभी आए नहीं हैं।

एक फोन था वो भी खराब हो गया टीचर ने आकर कराया टेस्ट : चंपा

उपरली लमीनी की चंपा देवी की बेटी प्राइमरी स्कूल लमीनी में 5वीं की छात्रा है। उन्होंने बताया कि घर में एक ही मोबाइल था जोकि खराब है, उसे ठीक कराने के लिए दिया है। अचीवमेंट सर्वे के बारे में उन्होंने कहा कि अॉनलाइन टीचर करवाने के लिए आए थे।

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