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बैंकाें में लाेन की बढ़ी डिमांड:हाउसिंग, एजुकेशन, लघु उद्योग व एग्रीकल्चर के लिए लोन की ज्यादा डिमांड, 3 माह में 31079 लोगों ने किया अप्लाई

पठानकोटएक महीने पहले
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  • काेराेनाकाल में कई लाेगाें की नाैकरी गई ताे कइयाें का काराेबार मंदी की चपेट में

कोरोनाकाल में कई लोगों की नौकरी गई और कइयों का कारोबार मंदी की चपेट में है जिससे निकलने के लिए बैंकों में विभिन्न सेक्टर्स में लोन की डिमांड भी बढ़ी है। 31 मार्च को खत्म तिमाही में जिले के बैंकों ने टारगेट का 77 फीसदी अचीव कर 1078.29 करोड़ का लोन बांटा है।

एग्रीकल्चर के अलावा हाउसिंग से लेकर एजुकेशन के साथ ही इंडस्ट्री लोन में सबसे ज्यादा डिमांड बड़ी है, तीनों में सबसे ज्यादा 117 फीसदी 1919.91 करोड़ बांटा गया है। जबकि 1 अप्रैल से लेकर दिसंबर 2020 तक विभिन्न सेक्टर में कुल 641 करोड़ का लोन बांटा था। बैंक अधिकारियों का मानना है कि लोगों को रोजगार खड़ा करने के लिए पैसे की जरूरत पड़ रही है और बैंक उनकी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। इधर, जिला सलाहकार एवं सुरक्षा समिति की बैठक एडीसी जनरल सुरिंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले के बैंकों के प्रतिनिधि के साथ सरकार की लोन योजनाओं और बैंकों की ओर से बांटे गए लोन की स्थिति पर चर्चा की गई। जिले में बैंकों की ओर से एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए 15 हजार से ज्यादा केस में 707.11 करोड़ बांटने का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 488.76 करोड़ का लोन बांटा गया है। बैंकों ने 69 फीसदी लक्ष्य अचीव किया है।

टागरेट से ज्यादा किया अचीव
एएसआई सेक्टर में 523.35 करोड़ के टारगेट में से 76 फीसदी अचीव कर 397.62 करोड़ का लोन बांटा गया है। तृतीय सेक्टर में शामिल प्रायरिटी सेक्टर के हाउसिंग, एजुकेशन से लेकर छोटी इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा ग्रोथ देखने को मिली है। इसमें जिले में तय किए 4200 अकाउंट्स में 164.18 करोड़ के टागरेट से ज्यादा 1919.91 करोड़ का लोन बांटा गया जोकि 117 फीसदी अचीव किया गया है।

प्रबंधक बोले...स्कीमों के अलावा बैंक की अपनी योजनाएं भी
जिला लीड बैंक के प्रबंधक सुनील दत्त ने बताया कि लॉकडाउन खुलने के बाद बैंक के पास लोन के केस आए हैं। कमजोर तबके, घरेलू इंडस्ट्री और एजुकेशन के साथ बैंकों की प्राॅयरिटी में शामिल हैं जिनके लिए सरकार की स्कीमों के अलावा बैंकों की ओर से अपनी योजनाएं भी लागू की गई हैं। एडीसी ने सभी बैंकों को कमजोर वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं के अधीन अधिक से अधिक कर्ज देने के निर्देश दिए और कहा कि अपने लंबित ऋण आवेदनों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाएगा। इस मौके पर सभी बैंकों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और सीसीटीवी कैमरों के सात अलार्म सिस्टम दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

आवेदक बोले...
कोरोनाकाल में बंद हो गया था धंधा फिर से चालू करने के लिए लोन लिया

  • सरना के अजीत कुमार का कहना है कि कोरोनाकाल में धंधा समाप्त हो गया था अब फिर से चालू करने के लिए बैंक से कर्जा लिया है।
  • शास्त्री नगर के राजेश कुमार का कहना है कि लॉकडाउन में मकान बनाने के लिए पैसों की थोड़ी शॉर्टेज हो गई थी इसके लिए हाउसिंग लोन के लिए बैंक में अप्लाई किया था।
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