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घोषणा की:डेथ सर्टिफिकेट में नहीं दिया जा रहा मौत का कारण कैसे मिलेगा आश्रिताें को फायदा, अब तक 375 मौतें

पठानकोट15 दिन पहले
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सिविल अस्पताल से जारी सर्टिफिकेट। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल से जारी सर्टिफिकेट।
  • कोरोना से मौत होने पर आश्रितों को पेंशन व बच्चों की स्नातक तक पढ़ाई का खर्च सीएम ने देने की घोषणा की थी

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोरोना से मौत होने पर उनके आश्रितों को 1500 रुपए पेंशन और बच्चों की स्नातक तक की पढ़ाई का खर्च सरकार की ओर से देने की घोषणा की थी, लेकिन जिले में कोरोना से दम तोड़ चुके मरीजों के परिजनों को अब तक जारी हुए डेथ सर्टिफिकेट में कहीं पर भी मौत के कारणों (कॉज आफ डेथ) में कोरोना का जिक्र नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि डेथ सर्टिफिकेट पर कॉज आफ डेथ नहीं आता है। दूसरी तरफ निगम की ओर से साधारण मृत्यु पर जारी होने वाले डेथ सर्टिफिकेट में कॉज आफ डेथ जरूर लिखा चलता है।

ऐसे में सवाल है कि मौत के कारणों पर दो अलग-अलग नीतियां कैसे हो सकती हैं। पीड़ित परिवारों ने सवाल उठाया है कि डेथ सर्टिफिकेट पर मौत के कारण नहीं हैं तो सरकारी मदद कैसे मिलेगी। ऐसे में सरकारी स्कीमों का फायदा लेने के लिए मौत को कोरोना साबित करने की मुश्किल खड़ी हो गई है। बता दें कि जिले में अब तक कोरोना से 17 हजार से ज्यादा केस आ चुके हैं, जिनमें से 375 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 35 के डेथ सर्टिफिकेट सेहत व परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी किया गया है, जबकि 70 सर्टिफिकेट अभी डिलीवर किए जाने हैं।

एकता के पति की कोरोना से मौत

बोलीं, साबित कैसे करेंगे कि कोरोना से मौत हुई है

मोहल्ला कच्चे क्वार्टर मॉडल टाउन के राजिंद्र कुमार की 15 मई को कोरोना से मौत हो गई थी। उनकी पत्नी एकता बताती है कि पति की मौत के 13 दिन बाद डेथ सर्टिफिकेट मिला है। सरकार कोरोना से मौत पर परिवार की मदद का वादा किया है, लेकिन साबित कैसे होगा कि उनके पति की मौत कोरोना से हुई है। सर्टीफिकेट के ऊपर कहीं पर भी कोरोना का कोई जिक्र ही नहीं है।

दर्शना देवी की कोरोना से मौत

लोगों की मांग-सर्टिफिकेट पर मौत का कारण लिखा जाए

मोहल्ला कच्चे क्वार्टर की दर्शना देवी का हाई ब्लड प्रशर होने पर सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी कोरोना से मौत हो गई। उनके पति उजागर सिंह ने बताया कि जो डेथ सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं, उस पर कोरोना का कोई जिक्र तक नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग उठाई है कि सर्टिफिकेट पर मौत का कारण कोरोना लिखा जाए ताकि भविष्य में सरकार की स्कीम का आश्रित परिवारों को कुछ फायदा हो।

डायग्नोस्टिक रिपोर्ट मौत का कारण बताएगी : डीसी

डीसी संयम अग्रवाल ने कहा कि डेथ सर्टिफिकेट पर बीमारी का नाम नहीं आता। कोरोना से डेथ केस में मरीज की डायग्नोस्टिक रिपोर्ट मौत का कारण बताएगी। परिजनों के पास रिपोर्ट होनी चाहिए।

एसएमओ बोले एसएमओ डाॅ. राकेश सरपाल ने कहा कि कोरोना के डेथ सर्टिफेकेट पर काज ऑफ डेथ नहीं लिखा होता है। परिजनों को यदि रिकाॅर्ड चाहिए तो वह प्राप्त कर सकता है।

निगम में भी कोरोना डेथ सर्टिफिकेट का ऐसा ही हाल

निगम की ओर से प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना से हुईं माैताें पर डेथ सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। सामान्य मौत पर डेथ सर्टिफिकेट में कॉज आॅफ डेथ का आप्शन बीमारी या फिर साधारण मौत लिखा आता है, लेकिन कोरोना डेथ में लिखकर नहीं दिया जा रहा है। मुलाजिमों का कहना है कि साफ्टवेयर में अपडेशन होने के बाद ही कॉज आफ डेथ लिखा जा सकता है।

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