न्याय की उम्मीद / कृष्णा की मौत की जांच को सांसद ने दिए थे आदेश, 24 दिन में बयान ही हुए, परिवार धरने पर बैठा

इंसाफ के लिए सुजानपुर में धरने पर बैठा हुआ मृतक कृष्णा का परिवार। इंसाफ के लिए सुजानपुर में धरने पर बैठा हुआ मृतक कृष्णा का परिवार।
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इंसाफ के लिए सुजानपुर में धरने पर बैठा हुआ मृतक कृष्णा का परिवार।इंसाफ के लिए सुजानपुर में धरने पर बैठा हुआ मृतक कृष्णा का परिवार।

  • कोरोना इमरजेंसी के बीच इलाज न मिलने से सुजानपुर के 6 साल के बच्चे की मौत का मामला

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

पठानकोट. कोरोना इमरजेंसी के बीच समय पर इलाज  न मिलने के चलते सुजानपुर के 6 साल के मासूम कृष्णा की मौत के मामले में 24 दिन बाद भी जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। सांसद सनी देओल खुद केंद्र और राज्य सरकार को मामले की इंक्वायरी कराने के बारे में लिख चुके हैं। मामले में परिवार के बयान भी हो चुके हैं। इधर, डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कृष्णा का परिवार चिलचिलाती गर्मी के बीच पुल नंबर 5 के पास धरने पर बैठ गया है। परिवार का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के चलते कृष्णा की मौत हुई है और कार्रवाई करने की बजाए डॉक्टरों को बचाया जा रहा है।

परिवार बोला-जब तक इंसाफ नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा 

धरने में बैठे कृष्णा के पिता उपेंद्र झा, डॉ. धीरज सिंह, मां कल्पना, चाचा अंशु मन्हास, लक्ष्मण सिंह और दलबीर सिंह का आरोप है कि जानबूझ जांच के बहाने डाक्टरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक कृष्णा को इंसाफ नहीं मिलेगा, पूरा परिवार धरने पर 24 घंटे बैठा रहेगा।

ऑक्सीजन न मिलने के कारण हो गई थी मासूम की मौत

बता दें कि 28 अप्रैल को सांस लेने में दिक्कत पर 6 साल का मासूम समय पर अॉक्सीजन नहीं मिल पाने के कारण मौत के मुंह में चला गया। मासूम को गोद में उठाए परिवार सुजानपुर से लेकर पठानकोट के अस्पतालों में डेढ़ घंटे तक भागता रहा। सिविल अस्पताल पठानकोट में बच्चे की सांस की नली की ब्लॉकेज खोलने के लिए मेडिकल इंस्ट्रूमेंट नहीं मिला और ऑक्सीजन प्रेशर मास्क तक नहीं था। प्राइवेट के पांच अस्पतालों में उसे कहीं अटेंड नहीं किया गया और लॉकडाउन कहकर उन्हें गेट से लौटा उल्टे पांव लौटा दिया गया। अंतत: मासूम ने दम तोड़ दिया था। भास्कर में छपी खबर का संज्ञान लेकर 29 अप्रैल को सांसद सनी देओल ने केंद्र और सरकार को जांच के लिखा था। इसके बाद डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा ने जांच एसडीएम अर्शदीप सिंह को सौंपी थी। इस बीच हेल्थ डिपार्टमेंट ने बच्चे की मौत के बाद उनके घर के बाहर पोस्टर चिपका पूरे परिवार को होम क्वारेंटाइन कर दिया था। पिछले एक हफ्ते में एसडीएम दो बार परिवार के पास गए हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर आज परिवार धरने पर बैठ गया व कहा-इंसाफ मिलने तक धरना जारी रहेगा।


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