गीता जयंती उत्सव:आज के दिन एकादशी व्रत, गीता उपदेश व गौ सेवा से मोक्षमार्ग की हाेती है प्राप्ति

पठानकोटएक महीने पहले
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  • बावा लाल दयाल मंदिर गोसांईपुर धाम में मनाया गीता जयंती उत्सव

बावा लाल दयाल मंदिर गोसांईपुर धाम में गीताजयंती का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर पंडित रमेश शास्त्री की अध्यक्षता में शहर के प्रमुख ब्राह्मणों ने भगवद्गीता का सामूहिक पठन किया। भगवद्गीता के विषय में जागृति लाने के लिए घर-घर में गीता का पाठ करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में पंडित रमेश शास्त्री ने गीतापाठ में भाग लेकर गीता का पूजन किया एवं गीता के विचारों का महत्व समझाया।

उन्होंने कहा कि आज ही मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी के दिन परमात्मा रूपी भगवान श्रीकृष्ण गोविन्द द्वारा धर्मयुद्ध (समरांगण) में मोह-अज्ञान अन्ध अर्जुन के बहाने मात्र माध्यम से हम समस्त सृष्टि के जीवों के कल्याणार्थ धर्मप्राण श्री गीताजी का उपदेश किया गया जो कि वर्तमान में भी कर्मनिष्ठ धर्माचरण युक्त योगमय जीवन का संदेश देता है। आज के दिन पूर्ण श्रद्धा विश्वास से एकादशी व्रत हरिस्मण गीता उपदेश अथवा गौ माता की सेवा मात्र से ही मोक्षमार्ग सुनिश्चित होता है, इसलिए दैनिक जीवन में गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। इस अवसर पर पंडित सुनील शर्मा, पंडित सुनील, पंडित सोनू शुक्ला, सुरेश शर्मा, दानिश गोस्वामी, मनोज उपस्थित थे।

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