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छठे-पे कमीशन के विरोध में शुरू की हड़ताल:ओपीडी एक घंटे रखी बंद, 10 इलेक्टिव सर्जरी नहीं हुईं, वार्डों में आउटसोर्स पर कर्मी रखकर चलाया काम, भर्ती मरीज हुए परेशान

पठानकोट13 दिन पहले
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जिला नर्सिंग एसोसिएशन ने पंजाब सरकार की मुलाजिम विरोधी नीतियों और छठे-पे कमीशन के विरोध में ओपीडी को जाने वाले मेन दरवाजे को कुंडी लगाकर बंद रखा और एसएमओ रूम के बाहर सबेरे 11 से 2 बजे तक धरना दिया। नर्सिंग स्टाफ ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वार्डों और आपरेशन थिएटर में कामकाज बंद रखा और ओपीडी भी एक घंटे तक बंद करवाई। जिससे 10 इलेक्टिव सर्जरी नहीं हुई। जबकि सिजेरियन व इमरजेंसी केस किए गए। अस्पताल प्रबंधन ने वार्डों में तीन नर्सों की बजाए एक-एक नर्सिग स्टूडेंट्स और आउटसोर्स कर्मी लगाकर काम चलाया।

नर्सों के हड़ताल पर चले जाने से वार्डों में भर्ती मरीज इलाज करवाने को परेशान हुए। वहीं मरहम पट्टी करवाने, इंजेक्शन लगवाने, ब्लड चढ़ाने वाले लोग परेशान होते रहे। ओपीडी भी एक घंटे तक बंद करवाने पर चेकअप करवाने आए लोगों को परेशानी हुई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कोरोना महामारी के दौरान नर्सिंग कैडर ने अपनी जान की परवाह किए बिना ही पूरी तनदेही के साथ अपनी ड्यूटी निभाते हुए सबसे आगे रहीं। लेकिन सरकार ने नर्सिंग कैडरों का सम्मान बढ़ाने की बजाए उनके बनते हक भी छीन रही है। उन्होंने छठे पे-कमिशन में जो कमियां रह गई हैं, उसमें सुधार न करने पर जत्थबंदियों में भारी रोष पाया है।

उनकी मांगे है कि जो अलाउंस नर्सिंग कैडर के बनते हैं, उन्हें न मिलने की सूरत में जैसे नर्सिंग केयर अलाउंस, वीकल अलाउंस, नाइट अलाउंस, ठेके के आधार पर काम कर रही स्टाफ नर्सों को पहल के आधार पर पक्का किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो 7 और 8 सितंबर को सामूहिक छुट्‌टी लेकर वार्डों में नर्सिंग रूमों को ताले लगाकर पूरा दिन हड़ताल रखी जाएगी और किसी भी मरीज का ट्रीटमेंट नहीं करेंगे। वहीं ओपीडी भी पूरी तरह से बंद करवाएंगे।

ब्लड चढ़ाने को कई बार कहा दोपहर तक नहीं चढ़ा-प्रवीण

भोआ वासी मबिला प्रवीण ने बताया कि अर्जुन को ब्लड चढ़ाना है। वह सवेरे से दोपहर तक नर्सिग में कई बार कहकर आई कि ब्लड चढ़ा दो। लेकिन स्टाफ हड़ताल पर चलने से ब्लड नहीं चढ़ा। दोपहर 1 बजे तक ब्लड चढ़ाया गया।

पट्‌टी करवाने के लिए सुबह से आया हूं, कोई नहीं मिला

तारागढ़ एरिया के रहने वाले जनक राज ने बताया कि उसके पैर पर चोट आई थी। वह सिविल अस्पताल में पैर पर पट्‌टी करवाने आया था। लेकिन स्टाफ न मिलने से परेशान हुआ।

कोरोना में तनदेही से ड्यूटी दी थी, सरकार सम्मान देने की बजाय हक छीन रही ह

हड़ताल पर बैठीं चेयरमैन सुषमा, प्रधान धरमिंद्र कौर, उपप्रधान बलजिंद्र कौर, शिवानी, जनरल सेक्रेटरी नवजोत कौर, कैशियर वीना रानी, मुख्य सलाहकार सुकृति, सृष्टा, रमन कुमार, ज्योति, अरूणा ज्योति ने कहा कि कोरोना के दौरान नर्सिंग कैडर ने अपनी जान की परवाह किए बिना ही पूरी तनदेही के साथ अपनी ड्यूटी निभाते हुए सबसे आगे रहीं। लेकिन सरकार ने नर्सों का सम्मान बढ़ाने की बजाए उनके बनते हक भी छीन रही है।

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