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खुशखबरी...:आरबीआई ने हिंदू कोऑपरेटिव बैंक पर ढाई साल पूर्व लगाए प्रतिबंध हटाए, अब एकाउंट से पैसे निकाल सकेंगे खाताधारक

पठानकोट2 महीने पहले
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हिंदू बैंक मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आरबीआई के फैसलों की जानकारी देते एमएलए अमित विज और बैंक के सीईओ अमन मेहता - Dainik Bhaskar
हिंदू बैंक मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आरबीआई के फैसलों की जानकारी देते एमएलए अमित विज और बैंक के सीईओ अमन मेहता
  • 69 हजार खाताधारकों और 13 हजार शेयर होल्डर्स के लिए खुशखबरी...
  • एनपीए 81 करोड़ होने पर आरबीआई ने 2019 में लगा दिया था प्रतिबंध, डिफाल्टरों के खिलाफ मुहिम चलाकर 80 करोड़ की रिकवरी की गई
  • खाताधारक सालभर से कर रहे थे धरना प्रदर्शन

हिंदू कोऑपरेटिव बैंक पठानकोट के 69 हजार खाताधारकों और 13 हजार शेयर होल्डर्स के लिए खुशखबरी है। ढाई साल पहले बैंक के खातों से धन निकासी पर लगाए गए प्रतिबंध को रिजर्व बैंक ने हटा लिया है। रिजर्व बैंक के प्रतिबंध लग जाने के कारण शहर की सबसे बड़ी बैंक में हजारों खाताधारकों का करोड़ो फंस गए थे और साल भर से लोग अपनी गाढ़ी-कमाई की पूंजी के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन बैंक मैनेजमेंट ने डिफाल्टरों से रिकवरी कर बैंक को फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है।

रिकवरी के लिए ओटीएस स्कीम समेत कई मुहिम चलाई,
बैंक ने 9% से बढ़ाकर 14% का बेंचमार्क हासिल किया

एमएलए अमित विज और बैंक के सीईओ अमन मेहता ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरबीआई के आदेश की प्रति दिखाते हुए बताया कि ढाई साल पहले बैंक पर प्रतिबंध लगने के बाद मसला विधान सभा में उठाया गया जिसके बाद बैंक मैनेजमेंट, पंजाब सरकार और प्रशासक की ज्वाइंट कोशिशों से डिफाल्टर्स के खिलाफ मुहिम चलाकर 80 करोड़ की रिकवरी की गई। ओटीएस स्कीम भी चलाई गई। बैंक के 91 मुलाजिमों को डेपुटेशन पर भेजकर खर्च कम किया गया। लंबे संघर्ष के कारण बैंक ने 9 फीसदी से बढ़कर 14 फीसदी का बेंचमार्क हासिल किया और बैंक के खर्च और आमदनी रेसियाे ठीक हुआ।

इस समय बैंक का खर्च 95 लाख, कमाई 1.15 करोड़
मौजूदा समय में बैंक का खर्च 95 लाख है जबकि कमाई बढ़कर 1 करोड़ 15 लाख हो गई है। लिहाजा आरबीआई ने धन निकासी पर लगा प्रतिबंध हटा लिया। एमएलए अमित विज ने इसके लिए रजिस्ट्रार विकास गर्ग, कोआपरेटिव मंत्री रहे सुखजिंदर सिंह रंधावा, एडमिनिस्ट्रेटर संयम अग्रवाल और बैंक मैनेजमेंट को क्रेडिट दिया और कहा कि देश भर का यह अकेला कोआपरेटिव बैंक है जो लड़खड़ाने के बाद फिर अपने पैरों पर खड़ा हो गया है, अब इसे हर कीमत पर चलाया जाएगा और मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि पंजाब कोआपरेटिव बैंक में इसे मर्ज कराया जाए। बैंक की इस हालत के लिए उस समय का बोर्ड भी जिम्मेदार रहा है। बैंक से पैसे निकासी के लिए डीसी पठानकोट, बैंक के सीईओ की कमेटी सोमवार को फैसला लेगी। अभी भी डिफाल्टरों से 47 करोड़ की रिकवरी पेंडिंग है जिसे जल्द रिकवर किया जाएगा। इस मौके पर मेयर पन्ना लाल भाटिया, सतीश महिंद्रू, अशीष विज, पार्षद नितिन महाजन लाडी, राकेश बबली, जुगल किशोर, विकास महाजन बंटी, राजीव सिंह, राजीव मनकोटिया मौजूद थे।

आरबीआई ने बोर्ड भंग कर एडमिनिस्ट्रेटर लगा दिए थे,
एनपीए और ब्याज मिलाकर 132 करोड़ रुपए की रिकवरी पेंडिंग थी

बैंक का एनपीए 81 करोड़ पहुंच जाने पर 25 मार्च 2019 को रिजर्व बैंक ने डाइरेक्शंस लगा दिए थे और उस समय बोर्ड आफ डाइरेक्टर्स भाजपा से जुड़े लोगों के पास था। आरबीआई ने बोर्ड भंग कर एडमिनिस्ट्रेटर लगा दिए थे। बैंक की हालत ऐसी हुई थी बैंक में राजनीतिक दखलंदाजी के कारण। डिफाल्टर्स के कर्ज अदा नहीं करने के कारण बैंक का एनपीए 81 करोड़ प्रिंसिपल अमाउंट और 51 करोड़ का ब्याज मिलाकर 132 करोड़ की रिकवरी पेंडिंग हो गई थी।

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का होगा चुनाव
आरबीआई के प्रतिबंध खुलने के बाद बैंक के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स का चुनाव अब कराया जाएगा जिसके लिए एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा प्रक्रिया शुरू कराई गई है। उसके पहले बोर्ड में भाजपा का कब्जा था अब कांग्रेस की सत्ता है। विधायक अमित विज ने कहा कि कोशिश होगी कि बोर्ड में सियासी व्यक्ति नहीं बल्कि बैंकिंग के जानकार प्रोफेशनल्स ही हों ताकि पिछले हालातों की पुनरावृत्ति न हो।

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