नर्सों की हड़ताल का असर:एसएनसीयू में सीरियस बच्चे एडमिट नहीं हो पाएंगे, सिविल में आउटसोर्स नर्सें व ट्रेनी स्टूडेंट्स से चलाया जा रहा काम

पठानकोटएक महीने पहले
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  • तीन माह पहले सरकार ने आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवाई थी, लेकिन कोई हल नहीं निकला

मंगलवार को जिला नर्सिंग एसोसिएशन ने पंजाब सरकार की मुलाजिम विरोधी नीतियों और छठे-पे कमीशन के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। नर्सिंग स्टाफ ने सिविल अस्पताल प्रांगण में धरना दिया और सरकार के खिलाफ रोष जताया। नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर चले जाने से 5 इलेक्टिव सर्जरी नहीं हुई। आर्थाे में प्लास्तर करवाने और उतरवाने वाले लोग इधर-उधर भटकते नजर आए।

यहीं नहीं इमरजेंसी और वार्डों में मरहम पट्‌टी करवाने, इंजेक्शन लगवाने, ब्लड चढ़ाने, ग्लूकोज लगवाने वाले मरीज परेशान होते रहे। ऑपरेशन थिएटर में सिर्फ 9 सिजेरियन ही हुए। नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर चले जाने से सिविल अस्पताल प्रबंधन ने वार्डों में आउटसोर्स और ट्रेनिंग पर आने वाले स्टूडेंट्स को लगाकर काम चलाया गया। बता दें कि एसएनसीयू में दिन और रात के वक्त नवजात सीरियस बच्चे भी एडमिट नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उनके इलाज को ट्रेंड स्टाफ की जरूरत है। ऐसे में सीरियस नवजात बच्चे भी रेफर होंगे।

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