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ग्रामीणों में आक्रोश:गांव उपरला गढ़बागा में रखा शराब के ठेके का खोखा, गुस्से में महिलाओं ने लाठियों से तोड़ा

रोपड़22 दिन पहले
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ठेके के खोखे को डंडों से तोड़ती व नारेबाजी करतीं गांव की महिलाएं। - Dainik Bhaskar
ठेके के खोखे को डंडों से तोड़ती व नारेबाजी करतीं गांव की महिलाएं।
  • गांव में शराब के ठेके का खोखा रखने का विरोध कर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
  • महिलाएं बोलीं हम गांव को नशे का अड्‌डा नहीं बनने देंगे

गांव उपरला गढ़बागा निवासियों ने गांव में शराब के ठेके का खोखा रखने का विरोध किया और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। मौके पर एकत्रित हुई महिलाएं इतने गुस्से में थीं कि उन्होंने शराब रखने के लिए रखे खोखे काे सड़क से दूसरी ओर पड़ती खड्ड में फेंक दिया और डंडे मार कर तोड़ दिया। 3 दिन पहले रखे इस खोखे में कारिंदे शराब की बोतलें रखने के लिए पहुंचे ताे इसकी भनक गांव की महिलाओं को लग गई। मौके पर महिलाओं की भीड़ देख कारिंदे वहां से खिसक गए। लेकिन गांव की महिलाओं ने अपना गुस्सा खोखे पर उतार दिया।

वहीं, उन्होंने कहा कि वह अपने गांव में शराब का ठेका नहीं रखने देंगे। गांव उपरला गढ़बागा निवासी महिला जसवीर कौर, सरोज, रमेश कौर, हरप्रीत कौर, जोगिंदर कौर, अवतार कौर, मलकीत कौर, कमलेश कुमारी, मक्खन सिंह, मलकीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, बलविंदर सिंह व गुरमेल सिंह ने बताया कि करीब 3 दिन पहले गांव की शामलात जमीन पर शराब का ठेका खोलने के लिए खोखा रखा था। उस समय गांव के महिला मंडल ने एकत्रित होकर इसका विरोध किया था और उन्हें ठेका न खोलने की चेतावनी दी थी। शनिवार को करीब 11 बजे शराब के ठेके पर कारिंदे शराब की बोतलें रखने के लिए पहुंच गए और जब गांव निवासियों ने विरोध किया तो मौके से भाग गए। गांव की महिलाओं ने खोखा उखाड़कर ताेड़ने के बाद खड्ड में फेंक दिया।

लाेगाें काे नशे की तरफ धकेल रही है प्रदेश सरकार : विधायक संदाेआ

क्षेत्र विधायक अमरजीत सिंह संदोआ ने कहा कि एक तरफ तो सरकार पंजाब में नशे को खत्म करने की बात कह रही है, लेकिन दूसरी तरफ हर गांव में शराब का ठेका खोल कर लोगों को नशे की तरफ धकेल रही है। सरकार व अफसरों की मिलीभगत से जगह-जगह ठेके खोले जा रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान स्कूल व दुकानें सरकार की तरफ से बंद करवाए गए हैं, लेकिन शराब के ठेके खोलने की छूट दी गई है। शराब के ठेके बंद भी हों तो भी शटर के नीचे से शराब बेची जाती है और प्रशासन को जानकारी होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गांव में शराब का ठेका नहीं खोलने दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन को भी आगे आना चाहिए।

ठेका से युवाओं को लगेगी लत : ग्रामीण

गांव निवासी बोले कि वह मेहनत करके जंगल से लकड़ी लाकर बेचते हैं और परिवारों का गुजारा करते हैं। गांव में शराब का ठेका खुलने से नौजवानों को नशे की लत लग जाएगी और नशे के कारण परिवार बर्बाद हो जाएंगे। गांव के आगे जाकर कुछ दूरी पर पहले से शराब का ठेका खुला हुआ है तो फिर इस गांव में ठेका क्यों खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना बीमारी को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के चलते परिवार पहले से ही मुश्किल में हैं, ऊपर से गांव में शराब का ठेका खोलकर सरकार गांव के लाेगाें को बर्बाद करना चाहती है। पहले भी इसका विरोध किया था उस समय अधिकारियों कहा था कि वह यहां पर खोखा नहीं खोलेंगे, लेकिन बावजूद इसके मनमानी करते हुए यहां ठेका खोल दिया। अगर ठेका खोलने की कोशिश की तो इसी तरह हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।

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