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अनिश्चितकालीन हड़ताल:पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, 110 में से सिर्फ 6 बसें चलीं

रोपड़22 दिन पहले
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  • अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर, लुधियाना, ऊना व पठानकोट रूट पर चल रही सरकारी बस, यात्री परेशान

कॉन्ट्रैक्ट व आउटसोर्सिंग मुलाजिमों की मांगें पूरी न होने पर पंजाब रोडवेज, पनबस व पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (पीआरटीसी) कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते रोपड़ बस डिपो में सिर्फ रेगुलर कर्मचारी ही ड्यूटी पर रहे। इसके चलते 110 बसों में से सिर्फ 6 बसें ही अपने रूट पर चल पाई और सरकार को 15 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

बता दें कि इस समय अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर, लुधियाना, ऊना और पठानकोट रूट पर सरकारी बसें चलाई जा रही हैं। यूनियन के नेताओं का कहना है कि पंजाब के ट्रांसपोर्ट मंत्री से 3 बार बैठकें होने के बावजूद मांगें पूरी न करने के रोष में यूनियन ने ये फैसला लिया है। रोपड़ डिपो में 300 के करीब कॉन्ट्रैक्ट व आउटसोर्स मुलाजिम हैं। मुलाजिमों ने डिपो के समक्ष टेंट लगाकर प्रदर्शन किया और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, रोपड़ बस डिपो में रविवार देर शाम को ही लंबे रूट पर जाने वाली पीआरटीसी की बसों को खड़ा कर दिया गया। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण यात्रियों को भारी समस्या का सामान करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी लंबे रूट पर जाने वाले मुसाफिरों को हुई।

हड़ताल के नोटिस के बावजूद सरकार ने बातचीत के लिए नहीं बुलाया, अब लगातार करेंगे संघर्ष : यूनियन

यूनियन के राज्य नेता शिव कुमार, राज्य कैशियर बलजिंदर सिंह, रोपड़ डिपो अध्यक्ष कुलवंत सिंह, सचिव जतिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार ने लंबे समय से मांगों का हल नहीं किया। हड़ताल के भेजे गए नोटिस के संबंध में बातचीत करने के लिए कोई मीटिंग भी नहीं बुलाई। अब जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक लगातार संघर्ष जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट मंत्री ने पहले 1 जुलाई और फिर 6 अगस्त को मीटिंग में यूनियन को भरोसा दिलाया था कि पहली कैबिनेट मीटिंग में मांगों का हल किया जाएगा लेकिन इसके उलट 16 व 26 अगस्त को हुई कैबिनेट मीटिंग में कोई हल नहीं हुआ। इस मौके पर उपाध्यक्ष कुलविंदर सिंह, वर्कशॉप अध्यक्ष सतविंदर सिंह, कैशियर सुखविंदर सिंह राजेमाजरा, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह, रविंदर सिंह, प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, जस्सी हवेली, मनदीप सिंह, लखवीर सिंह, रछपाल सिंह, परमजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

ये हैं यूनियन की मांगें- ट्रांसपोर्ट माफिया खत्म करके सरकारी बसों की संख्या कम से कम 10 हजार की जाए। पंजाब रोडवेज पनसप व पीआरटीसी के सभी कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए। सुप्रीम कोर्ट का 2016 का फैसला बराबर काम बराबर वेतन लागू किया जाए। 18 जुलाई 2014 की रोजगार छीनने वाली रिपोर्टों की कंडीशन रद्द कर मुलाजिमों को बहाल किया जाए। ठेकेदारी सिस्टम बंद किया जाए। पक्की भर्ती का प्रबंध किया जाए। कॉन्ट्रैक्ट पर रखे सभी मुलाजिमों को रेगुलर किया जाए।

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