सरकार के खिलाफ नारेबाजी:हड़ताल के चलते डीसी, तहसील और एसडीएम दफ्तर में काम बंद, लोगों को सोमवार तक करना पड़ेगा इंतजार

रोपड़एक महीने पहले
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कलमछोड़ हड़ताल के दौरान डीसी दफ्तर के बाहर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते यूनियन के सदस्य।-भास्कर - Dainik Bhaskar
कलमछोड़ हड़ताल के दौरान डीसी दफ्तर के बाहर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते यूनियन के सदस्य।-भास्कर
  • डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन की हड़ताल चौथे दिन भी जारी
  • लोग 4 दिन से हो रहे परेशान, यूनियन 18 अक्टूबर को मीटिंग के बाद लेगी आगे का फैसला

डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन की कलम छोड़ हड़ताल वीरवार को चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल दौरान डीसी दफ्तर, तहसील दफ्तर, एसडीएम दफ्तर और समूह उप तहसीलों के 80 के करीब मुलाजिमों ने काम बंद रखा और डीसी दफ्तर व एसडीएम दफ्तर के सामने रोष व्यक्त करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इस दौरान दफ्तरों में होने वाले काम एससी, बीसी, ओबीसी जाति सर्टिफिकेट व पंजाब रिहायशी सर्टिफिकेट, आमदन सर्टिफिकेट, मैरिज सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन, कोर्ट केस आदि के काम प्रभावित हैं। वहीं दफ्तरों में पहुंचने वाले लोगों को पिछले चार दिनों से परेशान होना पड़ रहा है। यूनियन की ओर से सोमवार को मीटिंग के बाद अगला फैसला किया जाएगा।

इसलिए लोगों को अभी तीन दिन की छुट्टी के बाद काम करवाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। गांव मंसूहां कलां के सोहन सिंह ने कहा कि वह अपनी जमीन की निशानदेही संबंधी 4 दिनों से चक्कर काट रहे हैं लेकिन कभी कहा जाता है कि आज अफसर नहीं है और कभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

वह रोजाना दफ्तर के चक्कर काटकर परेशान हो गए हैं। वहीं, गांव शामपुरा के गुरविंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी जमीन के संबंध में काम करवाने के लिए आए थे लेकिन हड़ताल होने के कारण कोई भी कर्मचारी दफ्तर में नहीं है। अब सोमवार तक इंतजार करने पड़ेगा और इसके बाद भी काम होगा कि नहीं कुछ पता नहीं।

राज्य बॉडी के साथ सरकार की मीटिंग रही बेनतीजा, कर्मियों में रोष

उधर, पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन के अध्यक्ष वरिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब की राज्य बॉडी के साथ पंजाब सरकार की मीटिंग बेनतीजा रहने के चलते 4 दिन से कलम छोड़ हड़ताल शुरू की है और जोकि 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। यूनियन द्वारा 6वें पे- कमीशन में संशोधन और एक फेक्टर लागू करवाने व पुरानी पेंशन स्कीम बहाल के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है।

राज्य कमेटी 18 अक्टूबर को ऑनलाइन मीटिंग करेगी और अगला फैसला लिया जाएगा। इस मौके पर हरपाल कौर, मलकीत सिंह, दिनेश जैन, रुपिंदर कौर, कर्मवीर सिंह, अंजू बाला, बलजीत कौर, अजय कुमार, जसप्रीत सिंह, हरमीत सिंह, मनोज कुमार, बुध सिंह ,कंवलजीत सिंह, कृष्ण सिंह, महेश जोशी, हेम लता, अमन कुमार, जसपाल सिंह, विनय धवन, रुपिंदर कौर, काका सिंह, हरदीप कुमार, भुपिंदर कुमार, रणधीर सिंह,नितिन शर्मा, राजन गुप्ता, जतिंदर सिंह, जसप्रीत सिंह प्रभजोत सिंह, हरमीत सिंह, बेअंत सिंह, गुरिंदर सिंह, राज रानी, राजविंदर कौर आदि उपस्थित थे।

ये हैं यूनियन की मांगें | यूनियन की मुख्य मांगों में सीनियर सहायक से नायब तहसीलदार बनने के लिए कोटा 50% फीसदी किया जाए। जिला स्तर पर सीनियर सहायक की सीधी भर्ती पर पदोन्नति कोटे की खाली पड़ी असामियों को पदोन्नति द्वारा भरा जाए। पुनर्गठन संबंधी पत्र वापस लेकर डीसी दफ्तरों में स्टाफ पूरा किया जाए।

असामियों के नाम बदलने संबंधी मानी गैर वित्तीय मांगें तुरंत लागू की जाएं। स्टेनो काडर की पदोन्नति की मानी गई मांगें लागू की जाएं। डीए की बकाया किश्तें रिलीज की जाएं। बनती पदोन्नतियां तुरंत की जाएं। पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। लोट संशोधन व जनगणना में काम का मान भत्ता दिया जाए। फील्ड में सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर पदोन्नति होने के लिए 50 वर्ष से ऊपर स्टेनोग्राफी टेस्ट में छूट दी जाए।

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