सरकारी खरीद बंद:जिले की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद बंद, पिछले साल से 19.8 प्रतिशत कम रही आमद

कपूरथला11 दिन पहले
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  • 3.91 लाख मीट्रिक टन था लक्ष्य था, खरीदा गया 3.14 लाख टन

अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद बंद हो गई है। मंडियों में कोई भी गेहूं नही आ रही है। इस बार उत्पादन भी कम रहा है। सरकारी खरीद का आंकड़ा मात्र 80% ही पूरा हो पाया है। आंकड़ा 3.91 लाख मीट्रिक टन का था, लेकिन आमद 3.14 लाख मीट्रिक टन ही हुआ है। पनग्रेन ने 21 प्रतिशत, मार्कफेड ने 25 प्रतिशत, पनसप ने 23 प्रतिशत व पसवक ने 14 प्रतिशत, एफसीआई ने 9 प्रतिशत गेहूं की खरीद की है। विभाग ने जिले में 3.91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन केवल 3.14 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है, जोकि 80.20 प्रतिशत ही खरीद का आंकड़ा पहुंचा है।

सबसे ज्यादा मार्कफेड ने खरीद की है। उसने 78286 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। जबकि, पनग्रेन ने 66329.43, पनसप ने 73243.4, पसवक ने 43594.55, एफसीआई ने 28423 और प्राइवेट ने 24435 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। अब अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद बंद हो गई है। इस बार पिछले साल के मुकाबले 19.8 प्रतिशत गेहूं की खरीद कम रही है। किसानों का गेहूं उत्पादन भी पिछले साल से पिछड़ा है। विभाग के अनुसार जिला कपूरथला में किसानों को 98.80 प्रतिशत गेहूं की अदायगी हो गई है। इनमें पनग्रेन 100.14 प्रतिशत, मार्कफेड 99.11 प्रतिशत, पनसप 98.30 प्रतिशत, पसवक 99.67 प्रतिशत, एफसीआई 94.78 प्रतिशत गेहूं की अदायगी कर चुका है। इसी तरह पनग्रेन 132.34 करोड़ रुपए, मार्कफेड 153.7 करोड़, पनसप 144.78 करोड़, पसवक 86.49 करोड़, एफसीआई 53.77 करोड़ रुपए आढ़तियों के खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं। इसकी अदायगी सीधी किसानों को हो रही है।

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