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फगवाड़ा की गोल्डन संधर शुगर मिल कुर्क:किसानों के गन्ने का 50.33 करोड़ रुपए न चुकाने पर कार्रवाई; जमीन को छोड़ सब अटैच

कपूरथला2 महीने पहले
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गोल्डन संधर शुगर मिल लिमिटेड फगवाड़ा को प्रशासन ने कुर्क कर लिया है। - Dainik Bhaskar
गोल्डन संधर शुगर मिल लिमिटेड फगवाड़ा को प्रशासन ने कुर्क कर लिया है।

पंजाब के कपूरथला की तहसील फगवाड़ा में गोल्ड जिम की कुर्की के बाद जिला प्रशासन ने और सख्त तेवर दिखाते हुए मैसर्ज गोल्डन संधर शुगर मिल लिमिटेड फगवाड़ा को भी कुर्क कर दिया है। मिल की जमीन के अलावा सभी प्लांट, मशीनरी, बिजली उत्पादन संयंत्र, ढांचा, भवन, यार्ड, रिहायशी एरिया, वाहन, चल-अचल संपत्ति और भौतिक वस्तुएं पंजाब सरकार के माध्यम से कलेक्टर कपूरथला के पक्ष में तत्काल प्रभाव से अटैच कर दिया गया है। कुर्की मिल की भूमि पर लागू नहीं है, क्योंकि यह भूमि महाराजा कपूरथला जगतजीत सिंह (वर्तमान में पंजाब सरकार) के मालिकाना अधिकार में है और केवल चीनी मिल के लिए शर्तों के अधीन दी जाती है।

DC कपूरथला विशेष सारंगल के अनुसार किसानों ने अपनी गन्ने की फसल तत्कालीन वाहद संधर शुगर मिल मौजूदा गोल्डन संधर शुगर मिल को बेच दी थी। लेकिन वर्ष 2019-20 से मिल की ओर से किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है। इससे जहां किसानों के हित बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। वहीं पंजाब सरकार, जिला प्रशासन और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कपूरथला के डीसी विशेष सारंगल जानकारी देते हुए।
कपूरथला के डीसी विशेष सारंगल जानकारी देते हुए।

बता दे कि मिल की हरियाणा की भूना तहसील में लगभग 150 एकड़ जमीन की बिक्री से जो लगभग 23.76 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, वह किसानों को देने के लिए 5700 योग्य किसानों की SDM दफ्तर फगवाडा की तरफ से बनाई गई सब कमेटी की ओर से वेरिफाई कर आपत्तियां प्राप्त की गई हैं।

इस संबंधी किसानों को भुगतान के लिए योग्य किसानों की सूची केन कमिश्नर पंजाब को भेज दी गई है और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन ने पिछले दिनों में प्रदेश के 22 जिलों के डीसीज को को पत्र लिखकर मिल की संपत्तियों को अटैच कर किसानों का बकाया भुगतान करने के बारे में लिखा था।

डीसी ने कहा कि तहसीलदार फगवाड़ा की ओर से 12 सितंबर 2022 तक दी गई रिपोर्ट के अनुसार कहा गया है कि मिल की तरफ किसानों का लगभग 50 करोड़ 33 लाख रुपये बकाया है, लेकिन मिल मालिकों ने किसानों को भुगतान के लिए कोई सहयोग नहीं दिया है। जिससे मिल मालिकों की जमीन, जायदाद पंजाब सरकार के माध्यम से पंजाब राजस्व एक्ट 1887 की धारा 72 को लागू कर कलेक्टर कपूरथला के पक्ष में कुर्क करना जरूरी है।

गोल्डन संधर मिल।
गोल्डन संधर मिल।

डीसी ने कहा कि उपरोक्त सभी तथ्यों के आधार पर एसडीएम फगवाड़ा ने डिफाल्टर मिल मालिकों से बकाया रकम की वसूली के लिए गोल्डन संधर शुगर मिल लिमिटेड फगवाड़ा जिला कपूरथला के जिले के सभी प्लांट, मशीनरी, बिजली उत्पादन प्लांट, ढांचा, इमारतें, यार्ड, रिहायशी क्षेत्र, वाहन, चल-अचल संपत्ति और भौतिक वस्तुओं को पंजाब सरकार के माध्यम से कलेक्टर कपूरथला के पक्ष में तत्काल प्रभाव से अटैच किए गए हैं।

इसके अलावा तहसीलदार और नायब तहसीलदार फगवाड़ा को निर्देश दिए गए हैं कि वे मिल के नाम जो भी प्लांट, मशीनरी, बिजली उत्पादन प्लांट, ढांचा, इमारतें, यार्ड, रिहायशी क्षेत्र, वाहन, चल-अचल संपत्ति तथा भौतिक वस्तुओं को कुर्क कर आगे की कार्रवाई करें।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गन्ना किसानों को 50 करोड़ 33 लाख रुपये के बकाया मिलों से दिलवाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है और इसके लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को एक-एक पैसा देने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और जरूरत अनुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले गुरुवार को जिला प्रशासन ने मिल मालिकों के बस स्टैंड फगवाड़ा के समीप स्थित गोल्ड जिम को भी कुर्क किया गया था।

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