नशा मुक्ति केंद्र से छुड़वाए 20 युवक:कपूरथला पुलिस ने रमीदी में मारा छापा; बंधक बनाकर मांगे थे 3 लाख, 4 काबू

कपूरथलाएक महीने पहले
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कपूरथला के गांव रमीदी में नशा मुक्ति केंद्र से पकड़े गए युवक और जानकारी देते पुलिस अधिकारी। - Dainik Bhaskar
कपूरथला के गांव रमीदी में नशा मुक्ति केंद्र से पकड़े गए युवक और जानकारी देते पुलिस अधिकारी।

पंजाब के कपूरथला के गांव रमीदी में एक नशा मुक्ति केंद्र पर छापा मार कर पुलिस ने 20 युवकों को मुक्त कराया है। आरोप है कि यहां पर धार्मिक ज्ञान से नशे से मुक्ति दिलाने का दावा किया जाता था। अवैध नशा मुक्ति केंद्र द्वारा लाखों रुपए ठगने और मारपीट के आरोप में पुलिस ने केंद्र संचालक समेत 5 लोगों के खिलाफ मामला किया है। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर छानबीन शुरू कर दी है।

पता चला है कि केंद्र संचालक बाबा जगतार सिंह नशे के आदी नौजवानों के घर वालों से बातचीत कर नशा छुड़वाने के लिए युवकों को अपने डेरे पर ले जाता था। डेरे में नौजवानों को नशे की गोलियां देकर उनके साथ मारपीट करने की बात भी सामने आई थी। बाद में युवकों को छोड़ने के बदले उनके घर वालों से डरा धमका कर मोटी रकम की मांग की जाती थी।

इलाज के मांगे थे 20 हजार रुपए

डीएसपी भुलत्थ अमरीक सिंह चाहल ने शनिवार को बताया कि गांव राजोवाल जिला जालंधर वासी परमजीत सिंह चंदी ने शिकायत थी कि उसका बेटा 4 महीने पहले दुबई से वापस आय था। वह नशे का आदी हो चुका था। उसे पता चला कि सुभानपुर के पास गांव रमीदी में शहीद बाबा दीप सिंह विद्यालय के नाम से नशा छुड़ाओ केंद्र है। जोकि धार्मिक ज्ञान के माध्यम से नशा छुड़वाते हैं। बेटे नरिंदर पाल सिंह को बाबा जगतार सिंह से मिलाया। उन्होंने 20 हजार रुपए नशा छुड़ाने के कोर्स की फीस की मांग की।

9 अप्रैल को ले गए थे युवक को

इसके बाद 9 अप्रैल को बाबा जगतार सिंह अपने साथियों पवित्र सिंह व पप्पू वासी भगवानपुर थाना भुलत्थ, बलजीत सिंह व सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा गाड़ी में गांव राजोवाल आए और उसके बेटे नरिंदरपाल सिंह को अपने साथ ले गए। एक सप्ताह बाद बाबा जगतार सिंह ने उसकी बेटी को फोन किया और 15 हजार रुपए अकांउट में डालने के लिए कहा। उसकी बेटी ने उसके खाते में रुपए डाल दिए।

कुछ दिन बीत जाने के बाद जब वह डेरे पर पहुंचा तो उसके बेटे से मिलने नही दिया। उससे कहा कि इलाज दौरान वह अपने बेटे से नही मिल सकते, केवल फोन पर ही बात करवा सकते हैं। एक दिन जब उसके बेटे ने फोन पर बात की तो वह काफी सहमा हुआ था तथा अपने साथ हुई मारपीट के बार बता रहा था।

पांव पर मिले चोट के निशान

बाबा ने इलाज के लिए 5 हजार रुपए की फिर से मांग की जोकि उसके अकांउट में डाल दिए गए। बाद में नशा छुड़ाओ संचालक ने फोन कर कहा कि उसके बेटे के इलाज में मुश्किल आ रही है। वह जल्द से जल्द 30 हजार रुपए पहुंचा दे। 6 जून को जब वह 30 हजार रुपए लेकर गांव रमीदी स्थित केंद्र में बेटे को मिलने के लिए पहुंचे तो उसके बेटे के पांव पर काफी चोटों निशान थे और उसकी हालत भी ठीक नही थी।

जान से मारने की दी धमकी

परमजीत सिंह चंदी ने बताया कि उन्होंने 30 हजार रुपए बाबा को दे दिए और बेटे को घर ले जाने की बात कही। बाबा जगतार सिंह ने कहा कि अभी इलाज नही हुआ है, एक सप्ताह रुकना पड़ेगा। 7 जून को उसके मोबाइल फोन पर बाबा जगतार सिंह का फोन आया और कहा कि उसका लड़का डेरे से भाग गया है और वह सीधा तुम्हारे पास पहुंचा है। उसे जल्दी से मेरे पास लेकर आओ। अगर पुलिस को बताया तो लड़के नरिंदर पाल सिंह को मार दिया जाएगा।

बेटे को छोड़ने को मांगे 3 लाख

उसने अपने बेटे की काफी तलाश की, लेकिन उनका नरिंदर नही मिला। कुछ दिन बाद बाबा ने फोन कर बताया कि उसका लड़का मिल गया है। अगर लड़का चाहिए तो 3 लाख रुपए देने होंगे। जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

20 युवक मिले बंधक

भुलत्थ पुलिस ने जब नशा छुडाओं केंद्र शहीद बाबा दीप सिंह विद्यालय गांव रमीदी में रेड की तो डेरे में 20 युवक बंधक मिले। पुलिस ने सभी को मुक्त करवाया। नशा छुडाओ केंद्र से लकड़ी के डंडे, जरुरी कागजात, कार, नशीली गोलियां बरामद की गई। पुलिस ने बाबा जगतार सिंह, सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा,बलजीत सिंह, पवित्र सिंह व पप्पू पर मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी अमरीक सिंह ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी बाबा जगतार सिंह पर पहले भी विभिन्न थानों में 11 मामले दर्ज हैं।