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इंसाफ है कि मिलता नहीं:पीड़िता बोली-पुलिस ने ऐसा अत्याचार किया कि 16 साल से बिस्तर पर हूं, अगर इंसाफ नहीं दे सकते तो मुझे मरने की इजाजत ही दे दो

जगराओं3 महीने पहले
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  • जगराओं पुलिस पर आरोप- भाई पर झूठा केस डाला, बहन को करंट लगा किया दिव्यांग, जांच काे पहुंचीं मानवाधिकार कमीशन की चेयरपर्सन
  • पुलिस का झूठ सच नहीं बन पाया- इकबाल को जब अरेस्ट किया तो लिखा- पिता की मौजूदगी में पकड़ा जबकि वे मर चुके थे
  • मनीषा गुलाटी का आश्वासन- 15 दिन में नई एसआईटी देगी रिपोर्ट, आरोपियों को छाेड़ेंगे नहीं

जगराओं के इकबाल सिंह का परिवार 16 सालों से इंसाफ के लिए भटक रहा है पर इंसाफ है कि मिलता ही नहीं। बुधवार को महिला मानवाधिकार कमीशन की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी जगराओं में इकबाल सिंह के घर जांच करने पहुंचीं तो एक बार फिर उम्मीद जगी।

इस दौरान इकबाल सिंह की बहन ने कहा- अगर इंसाफ नहीं दे सकते तो मरने की परमिशन ही दे दो। दरअसल, जगराओं में 16 साल पहले एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत हुई थी। मामले में तत्कालीन पुलिस अधिकारी ने इसे हत्या बता इकबाल को गिरफ्तार कर लिया।

बाद में कोर्ट ने इकबाल को बरी कर दिया। लेकिन उसकी बहन को हिरासत में रखकर पुलिस ने ऐसा अत्याचार हुआ कि वह दिव्यांग हाे गई। चारपाई पर है। इसी मामले को लेकर मनीषा गुलाटी जगराओं शिकायतकर्ता के घर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित लड़की और उसके परिवार से बातचीत करके पूरी जानकारी ली औ आश्वासन दिया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

दोषी चाहे जितनी पहुंच वाला हो, सजा दिलाऊंगी
पीड़ित लड़की की गंभीर हालत को देखते हुए वहां मौजूद हर किसी की आखें नम थी। चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने मामले की गंभीरता और लड़की की हालत को देखते हुए कहा कि मामला 16 साल पुराना है। एक सिट बनाकर फिर से जांच कर इंसाफ दिया जाएगा। सिट 15 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट में जो भी आरोपी सामने आया उस पर सख्त कार्रवाई होगी, आरोपी चाहे कितनी भी बड़ी पोस्ट पर क्यों ना हो, उसे सजा हर हाल में मिलेगी।

लड़की को करंट लगा टॉर्चर किया गया
2005 में जगराओं रेलवे लाइन के नजदीक एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध हालत में मौत हुई थी। इस घटना के करीब एक साल बाद पुलिस ने मृतक लड़की की मां मनप्रीत कौर धालीवाल और इकबाल सिंह रसूलपुर को मृतक लड़की के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

इस दौरान इकबाल सिंह रसूलपुर ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन पुलिस अधिकारी ने घर से उठाकर उसकी बहन पर अत्याचार करते हुए करंट तक लगाया। इससे उसकी बहन अपाहिज हो गई। लाचार होकर बिस्तर पकड़ लिया था। इस कत्ल केस में कोर्ट ने उसे बरी कर दिया। उसके बाद उसने इंसाफ के लिए अब तक हजारों आरटीआई डालकर जानकारी हासिल की और उसकी बहन को दिव्यांग बनाने वाले और उसे झूठे कत्ल मामले में फंसाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बहुत बार शिकायतें दर्ज करवाई लेकिन कई बार हुई जांच और विभिन्न कमिशनों द्वारा जांच करने के बाद उक्त पुलिस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के कई बार आदेश जारी किए गए लेकिन उन आदेशों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और वह इंसाफ लेने के लिए 16 सालों से भटक रहा है लेकिन उन्हें आज तक इंसाफ नहीं मिला।

मरे पिता को जिंदा बता कहा- उनकी मौजूदगी में चुन्नी बरामद हुई थी
इकबाल सिंह ने बताया कि उस पर झूठा केस डालने वाले पुलिस अधिकारी ने तो मेरे कई साल पहले मर चुके पिता को जिंदा दिखाते हुए उनके सामने गिरफ्तारी की बात और वह चुन्नी भी पिता की हाजिरी में बरामद की थी जिससे लड़की ने आत्महत्या की थी।

ऐसे ही कई झूठे सबूत पुलिस ने बना रखे थे जैसे कि बाइक का अभी जारी भी नहीं हुआ था पुलिस उस नंबर की गाड़ी में उसके घर आकर उसे पकड़ती है। इसके बावजूद इंसाफ के लिए 16 सालों से भटक रहे हैं। पीड़ित लड़की ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर को पत्र लिखा था कि इंसाफ नहीं तो उन्हें मौत ही दे दो।

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