हर मिनट में एक संक्रमित, हर घंटे में एक मौत:24 घंटों में 24 माैतें; 1440 नए केस, 940 मरीज ऑक्सीजन, 20 मरीज वेंटिलेटर पर, संक्रमित 8 हजार पार

लुधियाना6 महीने पहले
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सरकारी अस्पताल में बने कोविड वाॅर्ड में वीरवार रात 10.30 बजे महिला का शव मरीजों के पास स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। - Dainik Bhaskar
सरकारी अस्पताल में बने कोविड वाॅर्ड में वीरवार रात 10.30 बजे महिला का शव मरीजों के पास स्ट्रेचर पर पड़ा रहा।
  • महज तीन दिनों में प्राइवेट हॉस्पिटल्स में एडमिट हुए 354 मरीज

कोरोना संक्रमण बढ़ने से वीरवार को 1440 लोग पॉजिटिव पाए गए, जबकि 24 लोगों की इससे मौत हो गई। यानी शहर में पिछले 24 घंटे में हर एक मिनट मे एक मरीज कोरोना का शिकार हुआ और हर एक घंटे में एक ने दम तोड़ा। संक्रमण और मौत के यह सरकारी आंकड़े तो सरकारी बुलिटेन के है, अगर श्मशानघाटों में जलती चिताओं को गिने तो वीरवार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत तीन श्मशान मे ही 41 संस्कार हुए जो अपने आप में डराने वाले आंकड़े हैं। पिछले तीन दिन में ही जिले में विभिन्न प्राइवेट हॉस्पिटल्स में कोरोना के 354 नए मरीज एडमिट हुए हैं। औसतन 100 मरीज रोजाना दाखिल हो रहे हैं। लेकिन सरकारी रेट निर्धारित होने के बाद भी हॉस्पिटल्स मनमानी कर रहे हैं। बिलों में मार्केट से 400 रुपये में मिलने वाले ऑक्सीमीटर 3500 रुपये के डाले जा रहे हैं। एडमिशन के समय 30-50 हजार रुपए जमा करवाए जा रहे हैं और रोजाना का बिल 50 हजार तक वसूला जा रहा है।

कोरोना से मरे 10 मरीजों को नहीं थी कोई गंभीर बीमारी, दुगरी से अब तक 429 संक्रमित मिले

वीरवार को 24 मौतें हुई। जिसमें जिले की 18 लोगों की जान गई। इनमें 12 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। अब तक सबसे ज्यादा महिलाओं के मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। मृतकों में 10 मरीज ऐसे रहे, जिन्हें कोविड-19 होने के अलावा किसी भी अन्य तरह की कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। मृतकों में दोराहा, फोकल प्वाइंट, न्यू अमर नगर, गगन नगर, साउथ सिटी, चंडीगढ़ रोड, शिमलापुरी, ऋषि नगर, दुर्गा कॉलोनी, सिविल लाइंस और कबीर बस्ती की महिलाएं रहीं। जीवन नगर, शशि मोहल्ला, मॉडल टाउन, इंदिरा कॉलोनी, ऋषि नगर और सुरजीत कॉलोनी के पुरुष रहे।

आठ नए माइक्रो कंटेनमेंट किए घोषित: वीरवार को जिले में 8 नए माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए। इनमें दुर्गापुरी, संजीवनी हॉस्पिटल, गांव अकालगढ़, विवेकानंद वृद्ध आश्रम, राजगुरू नगर, गीता मंदिर आश्रम थरीके, बसंत एवेन्यू और माया नगर को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया। जबकि दुगरी में फेस वन और 2 को पहले ही कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा चुका है। यहां से अभी तक 429 संक्रमित पाए जा चुके हैं। लुधियाना के अब 8036 एक्टिव केस हैं। जो अब तक के सबसे ज्यादा हैं। इनमें से 5740 मरीज हॉस्पिटल्स में हैं। जिले के 940 मरीज अॉक्सीजन पर हैं और 20 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। वीरवार को 1140 मरीज ठीक होकर घर लौटे। अब तक 1364 की मौत हो चुकी है।

रात 10.30 बजे कोविड इमरजेंसी में मरीजों के साथ पड़ा रहा शव

सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी में बने कोविड वाॅर्ड में वीरवार को रात 10.30 बजे एक महिला का शव मरीजों के पास स्ट्रेचर पर ही रखा हुआ था। इसे कोई उठाने वाला नहीं था। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक जब उक्त महिला को अस्पताल लाया गया तो इसकी मौत हो चुकी थी। मगर मोर्चुरी कर्मचारी न होने से इसे हटाया नहीं गया। यही नहीं कोरोना के संदिग्ध मरीजों के पास उनके परिजन भी वार्ड में बैठे थे। जिससे उन्हें भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। यह तो मात्र एक उदाहरण है, सरकारी अस्पताल में ऐसे हालात आए दिन देखने को मिलते हैं।

मरीजों के परिजनों की जुबानी उनकी कहानी

  • हमने अपने परिजन की किडनी का इलाज कराया था। इलाज यहीं से चल रहा था। अप्रैल में दोबारा चैक करवाने आए तो हमने कोविड की जांच करवाई तो रिपोर्ट पॉजिटिव बताई। अब तक हम एक लाख लगा चुके हैं। अभी आगे कितना लगेगा नहीं पता।
  • बलविंदर सिंह ने बताया कि उनके परिजन हरविंदर सिंह को हॉस्पिटल में मुश्किल से बेड मिला। हॉस्पिटल ने एडमिशन पर ही 30 हजार रुपए लिए। दवाइयों के 9000 से ज्यादा रुपये लिए गए। 24 घंटों में ही हमारे मरीज की मौत हो गई।
  • हमारा मरीज एक हफ्ते से कोविड वॉर्ड में दाखिल है। रोज हमें फोन आ जाता है कि इतने पैसे जमा करवा दो। हम रोजाना 10-10 हजार कर्जा लेकर हॉस्पिटल में जमा करा रहे हैं। हमारा मरीज सिर्फ 36 साल का है। कर्ज लेकर इलाज करवाना अब मजबूरी है।
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