कोरोना की बढ़ी रफ्तार:341 नए संक्रमित, 6 दिन में हुईं 7 मौतें मृतकों की सांस की नली ब्लॉक मिल रही

लुधियाना10 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • संक्रमण दर बढ़कर पहुंची 11.35 फीसदी, 790 एक्टिव केसों में से 776 लुधियाना से संबंधित

इस साल जनवरी के छठे दिन भी कोविड के मरीजों की गिनती में भारी इजाफा देखने को मिला है। लुधियाना में वीरवार को कोविड के 341 संक्रमित मिले हैं। इनमें से 303 लुधियाना और 38 दूसरे जिलों व राज्यों से संबंधित हैं। वहीं, लगातार दूसरे दिन 2 मरीजों की मौत हुई है। इनमें से 1 मृतक लुधियाना और एक मृतक पटियाला से संबंधित है। वीरवार को मिले 341 संक्रमित 30 मई के बाद मिले हैं। 30 मई 2021 को जिले में 355 संक्रमित थे जिनमें से 298 लुधियाना के थे। वहीं, उस समय संक्रमण दर 2.98 फीसदी रही थी।

जबकि वीरवार को संक्रमण दर 11.35 फीसदी रही। जिले में एक्टिव केस बढ़ कर 790 हो चुके हैं। इनमें से 776 लुधियाना के हैं। इनमें से 750 होम आइसोलेशन में हैं। 4 सरकारी और 22 प्राइवेट हॉस्पिटल में हैं। दूसरे जिलों व राज्यों के 14 मरीजों का इलाज प्राइवेट हॉस्पिटल्स में चल रहा है। जनवरी के 6 दिनों के दौरान ही लुधियाना में 7 कोविड संक्रमितों की मौत हो गई है। इनमें से 3 लुधियाना से संबंधित हैं। वहीं, इन मृतकों में भी दो ही मरीजों ने कोविड-19 से बचाव की एक-एक डोज लगवाई थी। अन्य वैक्सीनेटेड नहीं थे। यही नहीं ये सभी हॉस्पिटल में बेहद कम ऑक्सीजन लेवल और गंभीर स्थिति में पहुंचे। जिसके कारण कुछ दिनों के दौरान ही इनकी मौत हो गई। यही नहीं, अमृतसर एयरपोर्ट में इटली से आई फ्लाइट में पॉजिटिव मिले 125 मरीजों में से 11 मरीज लुधियाना से संबंधित हैं। जिन्हें अमृतसर से एंबुलेंस के जरिए लुधियाना भेजा जा रहा है। इन्हें सिविल हॉस्पिटल में इंस्टीट्यूशनल आइसोलेट किया जाएगा और अन्य पॉजिटिव मिले मरीजों से अलग रखा जाएगा।

इटली से लौटे लुधियाना के 11 लोग भी अमृतसर एयरपोर्ट पर मिले पाॅजिटिव

इटली से लौटे हुए मरीजों को अन्य कोविड मरीजों से अलग रखा जाएगा। इटली को एट-रिस्क देश की कैटेगरी में रखा गया है। ये सभी रैपिड जांच में पॉजिटिव मिले हैं। इसके लिए हॉस्पिटल में सेनेटाइजेशन, वॉर्ड में साफ-सफाई और अन्य इंतजाम कर लिए गए हैं। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट पर पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों को दिल्ली में ही आइसोलेट करने के बजाए शहरों में भेजने को भी संक्रमण बढ़ने का कारण बताया जा रहा है। सेहत विभाग के मुताबिक इन मरीजों को वहीं पर ही आइसोलेट किया जाना चाहिए था। ताकि निगेटिव आने के बाद ही ये अपने शहरों में पहुंचते। सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इटली से लौटे और पॉजिटिव मिले मरीजों को सिविल हॉस्पिटल में रखा जाएगा। इनकी जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।

हल्के लक्षणों को समझ रहे फ्लू, इसलिए कर रहे अनदेखा

जो मरीज पहुंच रहे हैं वो गंभीर स्थिति वाले हैं। मरीजों में सांस की नली ज्यादा प्रभावित मिल रही है। फेफड़े प्रभावित नहीं है। वहीं, लोगों द्वारा आम फ्लू समझ कर ही कोविड के लक्षणों को अनदेखा किया जा रहा है। इसी कारण संक्रमण भी तेजी से बढ़ रहा है। ओमिक्रॉन वेरिएंट की बात की जाए तो इसमें हल्का गला दर्द, सिर दर्द, थकान जैसे लक्षण हैं। स्वाद और सूंघने की शक्ति इसमें प्रभावित नहीं होती, वहीं, ये एकदम से गंभीर नहीं होता। अगर परिवार में किसी को गला दर्द और खराब है, दूसरे दिन दूसरे और तीसरे दिन तीसरे मरीज का गला दर्द और खराब हो रहा है तो बिना किसी देरी टेस्टिंग जरूर करवाएं।

-डॉ. राजेश महाजन, मेडिसिन स्पेशलिस्ट, डीएमसी हॉस्पिटल

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