लोगों को सुविधाएं देने के वादे का सच:जिले के 983 गांवों के लिए पटवारियों के 345 पद, इन पर सिर्फ 132 कर रहे काम

लुधियाना5 महीने पहलेलेखक: वैवस्वत वेंकट
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टवारियों की हड़ताल के कारण भी पटवारखानों में काम ठप पड़ा - Dainik Bhaskar
टवारियों की हड़ताल के कारण भी पटवारखानों में काम ठप पड़ा
  • पटवारियों की हड़ताल से पटवारखानों में काम ठप
  • प्रशासन का दावा- 120 नए पटवारी भर्ती, साल की ट्रेनिंग पूरी कर ड्यूटी करेंगे ज्वॉइन, दिक्कतें होंगी कम

एक तरफ जहां सरकार लोगों की सुविधा के लिए काम किए जाने के बात कर रही है। वहीं, अगर रजिस्ट्रियां करवाने के बाद इंतकाल लेने और फर्द लेने की बात करें तो लोग बेहाल चल रहे हैं। जहां एक तरफ पटवारियों की कमी के चलते अपने काम के साथ अतिरिक्त कार्यप्रभार भी संभाल रहे हैं। वहीं, पटवारियों की हड़ताल के कारण भी पटवारखानों में काम ठप पड़ा है।

इसके चलते लोगों को मुश्किलें आ रही हैं। जिन लोगों को इंतकाल या फर्दें किसी भी सरकारी काम के लिए चाहिए, उन्हें इन दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लेकिन, उन्हें महीनों के चक्कर काटने के बाद भी उनकी खरीदी जायदाद के इंतकाल नहीं मिल रहे हैं। जहां पूछे जाने पर प्रशासन कोई भी इंतकाल के पेंडेंसी देने से यह कहकर मना कर रहा है कि ऐसी कोई जानकारी उनके पास नहीं हैं। वहीं, कुछ अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर यह बता रहे हैं कि लुधियाना में 10 हजार से अधिक इंतकाल पेंडिंग हैं। इसके पीछे पटवारियों की कमी एक बड़ा कारण है।

इधर, कानूनगो भी 11 कम, नतीजा... 10 हजार से अधिक इंतकाल पेंडिंग

बता दें कि लुधियाना में आते 983 गांवों के लिए पटवारियों की 345 पोस्ट मंजूरशुदा हैं। ये भी 1960 से लेकर 445 थी। लेकिन, अब सरकार द्वारा 100 पोस्ट कम कर दी गई हैं। जहां कानूनगो की मंजूरशुदा पोस्टें 56 हैं। वहीं, इस वक़्त केवल 45 कानूनगो ही काम कर रहे हैं। जबकि बाकी पोस्ट खाली पड़ी हैं। अगर पटवारियों की बात करें तो केवल 112 पटवारी ही काम कर रहे हैं और इनके अलावा 20 पोस्ट पर एडिशनल चार्ज दिए गए हैं। पंजाब कानूनगो एसो. के प्रधान रुपिंदर सिंह गरेवाल ने बतया की पटवारियों की असमियां खाली चलने से मुश्किलें आ रही हैं और कानूनगो के भी पोस्टें खाली पड़ी हैं। एक-एक पटवारी तीन सर्किल देख रहा है। ऐसे में उनपर जो बोझ पड़ा हुआ है उसे कोई भी नहीं देख रहा।

रिकॉर्ड ना देने पर पटवारी पर कार्रवाई की मांग

शिकायत में सैदां के पटवारी बलजिंदर सिंह ने बताया कि उसने 1 जुलाई से सैदां पटवारखाने में कार्यभार संभाला था, लेकिन तब से वहां पहले काम कर रहे पटवारी सुखजिंदर सिंह ने उन्हें वहां का रिकॉर्ड नहीं दिया। इसके चलते इंतकाल नहीं हो पा रहे। तहसीलदार लुधियाना पूर्वी ने एसडीएम को अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर लिखी चिट्ठी में बताया कि सुखजिंदर सिंह अब गिल-2 तहसील सेंट्रल में तैनात है, उसे कई बार कहने के बाद वो रिकॉर्ड नहीं दे रहाै। उसने लिखा है कि उनके दफ्तर के नए पटवारी बलजिंदर सिंह की शिकायत के बाद 3 अगस्त को चिट्ठी लिखकर रिकॉर्ड देने और इंतकाल क्लियर करवाने को कहा था। सुखजिंदर ने 10 अगस्त तक सारे इंतकाल क्लियर करवाने और रिकॉर्ड देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक उसके कुछ भी नहीं किया है। इसके चलते इलाके बहुत ही परेशान हो रहे हैं। इसके चलते उन्होंने पटवारी पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।

प्रशासन करेगा सख्ती, 2 पटवारियों को शोकॉज नोटिस जारी

वहीं, सदर कानूनगो राजिंदर सिंह ने माना कि लुधियाना में दस हजार से अधिक इंतकाल पेंडिंग हैं तो उन्होंने कहा कि पटवारियों की कम गिनती के साथ लगातार चल रही है। हड़ताल के चलते ही ये मुश्किल आ रही हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से सख्ती की जा रही हैं और 2 पटवारियों को शोकॉज नोटिस भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पेंडेंसी कुल्लीवाल-1 और 2, सैदां और जस्सियां में ज्यादा है।

नए पटवारी आने से घटेगी पेंडेंसी- रेवेन्यू अफसर

120 नए पटवारियों की नियुक्ति हो गई है और वे पटवारी ट्रेनिंग स्कूल में अपनी 1 साल की ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं। जैसी ही वे अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर लेंगे तो काफी फर्क पड़ जाएगा। मेरे पास अभी तक पेंडिंग इंतकाल की कोई जानकारी नहीं है।
-गुरजिंदर सिंह, डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू अफसर

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