एलईडी लाइट्स प्रोजेक्ट / टाटा को दो किश्तों में जारी किए जाएंगे 3.5 करोड़

3.5 crores to be released to Tata in two installments
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3.5 crores to be released to Tata in two installments

  • ऑल पार्टी मीटिंग में मेयर समेत कई कौंसलरों के विरोध के बावजूद पेमेंट अदायगी का फैसला
  • नगर निगम के हर माह बिजली बिल के बचेंगे 70 लाख

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

लुधियाना. शहर में एलईडी लाइट्स प्रोजेक्ट पर काम कर रही टाटा कंपनी को 2 किश्तों में 3.5 करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे। यह फैसला मंगलवार को कौंसलरों की ऑल पार्टी मीटिंग में लिया गया। हालांकि इस दौरान मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर समेत कई कौंसलर कंपनी को पेमेंट जारी करने के पक्ष में नहीं थे।

मगर अकाली कौंसलर जसपाल सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि जोन सी, डी में काम पूरा होने की पुष्टि खुद निगम अफसर कर चुके हैं तो एेसे में पेमेंट रोककर बचे काम को बंद करवाने पर निगम क्यों जोर दे रहा है।

उन्होंने यहां तक कहा कि हलका वेस्ट के सभी इलाके जोन-डी, सी में आते हैं। वहीं, ए-बी में ज्यादातर विपक्षी कौंसलरों के एरिया और बाहरी इलाके आते हैं। कंपनी को पेमेंट रिलीज होने पर शेष काम जल्द पूरा होगा तो लोगों को राहत मिलेगी।

इसके बाद सीनियर डिप्टी मेयर ने हामी भरी तो मेयर बलकार संधू बैकफुट पर आ गए और कंपनी को एनर्जी सेविंग की पेमेंट रिलीज करने की मंजूरी दे दी। बता दें कि जोन-डी, सी में अगस्त 2019 में एलईडी लाइट का काम पूरा होने पर करीब 3 करोड़ का बिल कंपनी ने निगम को भेजा था।

ये है मामला  

स्मार्ट सिटी के तहत टाटा ने 1.5 लाख एलईडी लाइट्स लगाने काम शुरू किया है। पिछले कुछ माह से प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने की बजाय रुकावट पैदा की जा रही है।

इससे परेशान कंपनी ने प्रोजेक्ट को ड्रॉप करने का नोटिस भी जारी दिया, लेकिन निगम ने बैकफुट पर आकर करोड़ों का नुकसान होने का हवाला देकर प्रोजेक्ट आगे बढ़ाया। बावजूद इसके अड़चनें आई कि कंपनी ने दो जोन में काम पूरा कर दिया है।

वहां पर एनर्जी सेविंग भी होने लगी है तो पेमेंट देने की बारी आई तो निगम ने कुछ कौंसलरों के कहने पर पेमेंट रोकने की कोशिश की।

नगर निगम के हर माह बिजली बिल के बचेंगे 70 लाख

पीपीपी मोड पर चल रहे प्रोजेक्ट के तहत टाटा 48 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इसके तहत एनर्जी सेविंग के 100 में से 85 फीसदी कंपनी अपने पास रखेगी। शेष 15 फीसदी स्मार्ट सिटी को अदा करेगी।

इस समय निगम एक लाख स्ट्रीट लाइटों का 3 करोड़ रुपए मासिक बिजली बिल अदा कर रहा है। एलईडी लगने के बाद बिजली बिल 60 लाख रुपए रह जाएगा। ऐसे में 2.40 करोड़ रुपए की बचत होगी, जिसमें से कंपनी 15 फीसदी स्मार्ट सिटी को अदा करेगी।

कंपनी के पास एलईडी लाइट्स की जिम्मेदारी 7 साल की है। इसके बाद ही स्मार्ट सिटी के पास सेविंग का पूरा पैसा आएगा। निगम को हर महीने बिजली बिल के 70 लाख रुपए बचेंगे। 7 साल में निगम 58.8 करोड़ बचाएगा।

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