पिता ने कहा था- न जाओ अमृतसर:जन्म दिन से पहले मां और दादी संग रुखस्त हुआ गुरफतेह, दादा ने खोया पोता और दोहता

लुधियाना5 महीने पहले
मृतक गुरफतेह के शव को देख विलाप करते परिजन।

पंजाब के शहर लुधियाना के सिविल लाइन स्थित रणजीत पंप के मालिक रणजीत सिंह का घर आज उजड़ कर रह गया। रणजीत सिंह के परिवार से आज 5 सदस्य दुनिया को अलविदा कह चले गए। मरने वालों में दो बच्चे और तीन महिलाएं शामिल है। मरने वालों में फतेह, सरबजीत कौर, अमनदीप कौर, मनप्रीत कौर , परमीत सिंह है।

मामला जालंधर-अमृतसर हाईवे पर हमीरा में एक सड़क हादसे का है। इस हादसे में एक परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कार में कुल 7 लोग सवार थे। जो सभी श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद घर लौट रहे थे। रास्ते में हमीरा के पास कार कैंटर से टकरा गई। कार को तेजिंदर सिंह चला रहा था। जिसके गंभीर चोटें लगी।

मृतक मनप्रीत कौर, मृतक गुरफतेह और मृतक अमनदीप कौर। (फाईल फोटो)
मृतक मनप्रीत कौर, मृतक गुरफतेह और मृतक अमनदीप कौर। (फाईल फोटो)

शवों को लुधियाना देर शाम लगाया गया। जैसे ही शव सिविल लाइन्स मरने वालों के घरों में पहुंचे तो पूरे इलाके में चिख-पुकार शुरू हो गई। मोहल्ले की हर आंख नम थी। परिवार के बुजुर्ग रणजीत सिंह एक ही बात रोते हुए दोहरा रहे थे कि तेजी को मैनें कहा था न जा आज अमृतसर। मेरा सब कुछ लुट गया।

पोता फतेह और दोहता परमीत दोनों एक साथ दुनिया से चले गए। वहीं सास और बहु की चिता का संस्कार एक साथ किया। लोग बताते है कि सास और बहु का आपसी काफी प्यार था। रणजीत सिंह रोते बिलखते कहने लगे कि अभी पौते फतेह ने अपना पहला जन्म दिन जो 28 अक्तूबर को आना था वो भी नहीं मनाया था कि भगवान ने उनकी खुशीयां छीन ली।

शवों को देख विलाप करते परिजन।
शवों को देख विलाप करते परिजन।

अभी बेटे ने पापा कहना भी नहीं सीखा था

मरने वाले 6 महीने के फतेह का पिता तजिंद्र सिंह अस्पताल में उपचार करवा कर शमशान घाट पहुंचा। तजिंदर सिंह एक ही बात कह रहा था कि मेरे बेटे ने अभी मेरे को एक बार भी पापा नहीं कहा था कि भगवान ने उसे छीन लिया। तजिंद्र की हालत भी अभी सही नहीं बताई जा रही। तजिन्द्र के सिर पर गंभीर चोटें आई है।

शवों के देख विलाप करते परिजन व पड़ौती।
शवों के देख विलाप करते परिजन व पड़ौती।

8 महीने पहले परिवार में जन्मे थे 4 लड़के, खा गई नजर

इलाके के लोग बताते है कि आज जिस परिवार में 5 मौतें हुई है, इस परिवार में आज से 8 महीने पहले 4 लड़के हुए थे। ये चारों लड़के रणजीत सिंह के बच्चे तजिंदर उसके भाई और बेटी के हुए थे। परिवार बहुत खुशहाल था लेकिन किसी की बुरी नजर ने परिवार को उजाड़ दिया। इलाके के लोग बताते है।

तजिन्द्र राजपुरा में करता है दुकान

तजिन्द्र के पिता रणजीत सिंह लुधियाना में पंप बेचने का काम करता है। वहीं तजिन्द्र राजपुरा में पंप की दुकान करता है। इलाके के लोग बताते है कि कल रात तजिन्द्र करीब 7 बजे वापिस राजपुरा से आया। इसके बाद उसकी बहन के श्री दरबार साहिब जाने का प्लान बनाया। इस दौरान उसके पिता रणजीत सिंह ने उसे रोका कि तुम आज अमृतसर मत जाओं, क्योंकि रात का समय हो गया था।

उन्हें पता था कि तजिन्द्र बिना आराम किये गाड़ी वापिस लुधियाना को ले आएगा। हुआ भी वही। लोग बताते है कि तजिन्द्र ने अपनी गाड़ी अपने जीजा के घर रख दी और वहां से जीजा की कार होंडा एक्टिवा ले ली। वापसी आते हुए बेआरामी के कारण खड़े कैंटर का तजिन्द्र को अंदाजा न रहा और उसके कैंटर में गाड़ी घुसा दी। इससे मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई।