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कर्फ्यू में नहीं थम रहीं वारदातें:शहर में पिछले एक महीने में चोरी की 52 वारदातें, 98% नहीं हो पाईं हल

लुधियानाएक महीने पहले
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बहादुरके रोड पर फैक्ट्री में हुई चोरी आज तक ट्रेस नहीं हो पाई। - Dainik Bhaskar
बहादुरके रोड पर फैक्ट्री में हुई चोरी आज तक ट्रेस नहीं हो पाई।
  • लॉकडाउन-कर्फ्यू में पुलिस गश्त बढ़ने के बावजूद नहीं थम रहीं वारदातें

शहर में लॉकडाउन-कर्फ्यू की स्थिति होने के चलते दोपहर में सभी बाजार-दुकानें बंद करवा दी जाती हैं। पुलिस की गश्त बढ़ने के बावजूद लगातार चोरी की वारदातें हो रही हैं, लेकिन फिर भी पुलिस विभाग ने इसे कम नहीं किया जा पा रहा। पिछले एक महीने में घरों, फैक्ट्रियों और वाहन चोरी की लगातार वारदातें की गई। मगर इस तरह बढ़ रही चोरी की वारदातें होने के कारण लोगों में खौफ है। पिछले एक महीने में ही चोरों ने 52 चोरी की वारदातें की हैं, लेकिन हैरानीजनक है कि इनमें से 98 फीसदी वारदातें ट्रेस ही नहीं हो सकी।

इस कारण पीड़ित कई बार थानों के चक्कर काट रहे हैं। इन वारदातों में चोरों ने 30 लाख से अधिक का सामान चोरी किया है। हालांकि कई मामलों में पुलिस को चोरों की फुटेज भी मिल चुकी है। मगर फिर भी पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं सकी। जबकि यह आंकड़े पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर और सामने आए मामलों से लिए गए हैं। जबकि कई वारदातों में तो मामले ही नहीं दर्ज किए जाते। हालांकि इन वारदातों को ट्रेस कर कई महीने निकल जाते हैं। जबकि फिर भी आधी ही ट्रेस हो पाती हैं। इसी तरह पिछले कई सालों से कुछ मामले ऐसे हैं, जो अनट्रेस हैं।

लॉकडाउन के चलते शहर में तैनात की ज्यादा फोर्स, फिर भी वारदातें

लॉकडाउन को पुरी तरह से जारी रखने के लिए पुलिस विभाग की ओर से शहर में 30 से अधिक नाके लगाए जा रहे हैं। जबकि 90 से अधिक पीसीआर मोटरसाइकिलें और 35 गाड़ियों को गश्त पर लगाया गया है। जबकि अधिकारियों की ओर से इन्हें ज्यादा गश्त करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि नाकों पर हर वाहन की चेकिंग के भी आदेश दिए हैं। अब इतनी फोर्स तैनात करने के बावजूद चोर आसानी से वारदातें कर भाग जाते हैं और चोरी के वाहन लेकर घूमते हैं।

पांच कारें, एक्टिवा और बाइक चोरी: जानकारी के अनुसार इन 30 दिनों में चोरों ने पांच कारें चुरा ली। हालांकि इस दौरान दो मोटरसाइकिलें और एक्टिवा भी चुरा ली गई, लेकिन इन्हीं वाहनों का इस्तेमाल कर बदमाश बड़ी वारदातों को अंजाम देते हैं। फिर भी इन्हें पुलिस ढूंढ नहीं पाती। जबकि पहले लूट, हत्या और झपटमारी की हुई बड़ी वारदातों में बदमाशों की ओर से ज्यादातर चोरी के वाहन ही इस्तेमाल किए जाते हैं।

फैक्ट्रियां भी निशाने पर, एक महीने में सात वारदातें

​​​​​​​वहीं, चोरों की ओर से अब फैक्ट्रियों को भी अपना निशाना बनाया जा रहा है। इस कारण एक महीने में सात फैक्ट्रियों में वारदातें की गईं। जबकि इसमें पांच फैक्ट्रियां फोकल पॉइंट में मौजूद हैं। इसके अलावा घरों में 12 वारदातें की गईं। इन फैक्ट्रियों में ही 20 लाख से अधिक का सामान चोरी किया जा चुका है। इस वजह से व्यापारी वर्ग काफी परेशान है।​​​​​​​

शहर में हो रही वारदातों को साथ ही ट्रेस किया जाता है। कई वाहन चोर गिरोह को हाल ही गिरफ्तार कर कई गाड़ियां भी बरामद की गई। कई बार बदमाश वारदातें कर इधर-उधर फरार हो जाते हैं, लेकिन उन्हें भी ट्रेस कर गिरफ्तार किया जा रहा है।

-एसएचओ अवतार सिंह, इंचार्ज सीआईए-1​​​​​​​



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