पहली बार बड़ा एक्शन:57 हजार अवैध इमारतें बनवाने के लिए जिम्मेदार 62 बिल्डिंग इंस्पेक्टर, 47 एटीपी को चार्जशीट के आदेश

लुधियाना8 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • एडिशनल कमिश्नर की रिपोर्ट में 2016 से 2020 तक बनी अवैध इमारतों के खुलासे का मामला
  • प्रॉपर्टी के काटे चालान और टैक्स रिटर्न मैच न होने से सामने आया घोटाला

निगम हद में साल 2016 से 2020 तक 57 हजार 862 अवैध इमारतें बनने का खुलासा एडिशनल कमिश्नर रिशीपाल सिंह की जांच रिपोर्ट में हो चुका है। ऐसे में अब आप सरकार बनते ही निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल ने सख्त एक्शन लेकर जिन 109 इंस्पेक्टर, एटीपी के कार्यकाल के दौरान ये अवैध इमारतें बनी हैं, उनको चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं।

इससे पहले कमिश्नर ने सभी 109 अफसरों को शोकाज नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब तलब किया था। इसके बाद अब सभी को चार्जशीट जारी करने के आदेश दिए हैं। बता दें कि लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के मंत्री के आदेशों के बाद निगम कमिश्नर ने पावरकॉम के जारी नए बिजली कनेक्शनों और निगम की तरफ से पास कम नक्शों काे लेकर जांच करने के आदेश दिए थे। कमिश्नर के आदेशों के बाद एडिशनल कमिश्नर रिशीपाल सिंह ने मामले में जांच कर अवैध इमारतों को लेकर बिल्डिंग ब्रांच में बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है।

जांच रिपोर्ट में ये बात सामने आई कि निगम हद में साल 2016 से 2020 तक पावरकॉम ने 76770 नए बिजली कनेक्शन जारी किए हैं। इसी समय निगम बिल्डिंग ब्रांच ने चारों जोनों को मिलाकर महज 7476 ही नक्शे पास किए। वहीं, ये खुलासा हुआ कि जिन 11 हजार 441 इमारतों के चालान काटे गए हैं, इनमें से भी 9699 ऐसे हैं, जिसमें प्रॉपर्टी की कैटेगरी जैसे रिहायशी, कॉमर्शियल, इंडस्ट्रियल, दुकानें तो दर्शाई ही नहीं गई हैं और न ही प्रॉपर्टियों का सही एड्रेस चालान की फाइलों में दर्ज किया गया। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि बिल्डिंग ब्रांच की तरफ से रिकॉर्ड को छुपाने की कोशिश की गई है, जो सीधे तौर पर अधिकारियों की कारगुजारी पर सवाल खड़े करती हैं। एडिशनल कमिश्नर ने साबित किया है कि एटीपी और बिल्डिंग इंस्पेक्टर की लापरवाही से ही घोटाला हुआ है।

बिल्डिंग ब्रांच ने सही ढंग से नहीं काटे चालान

अवैध इमारतों की जांच में ये बात भी सामने आई कि बिल्डिंग ब्रांच ने चालान सही तरीके से नहीं काटा और इसके चलते करोड़ों रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स भी चोरी हुआ है। जांच में ये बात सामने आई कि उनकी तरफ से खुद करीब 70 ऐसी प्रॉपर्टी की जांच की गई। इसमें प्रॉपर्टी का काटा गया चालान और प्रॉपर्टी टैक्स रिटर्न मैच ही नहीं हो रही है।

इनके नाम आए सामने

एटीपी सुरिंदर बिंद्रा, एटीपी धर्मपाल सिंह, एटीपी मोहित भारद्वाज, अंकित मिड्ढा, स्माइली ग्रोवर, रवनीत कौर, सतीश कुमार, हरविंदर सिंह, प्रदीप सहगल, दानिश पुपनेजा, भूपिंदर सिंह, भूपिंदर सिंह, जगजीत सिंह बराड़, विजय कुमार, राजेश पुरी, विजय कुमार, हरविंदर सिंह, प्रदीप मित्तर, हरविंदर सिंह, कुलजीत सिंह मांगट, राजकुमार, मोहन सिंह, संजीव देवगन, मोनिका आनंद, सुनील शर्मा, सतीश कुमार, इंद्रजीत सिंह।

लापरवाही करने वालों को नहीं बख्शेंगे- कमिश्नर

जिनके समय के दौरान ये इमारतें बनी हैं, उनको पहले शाेकाज नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद अब चार्जशीट जारी की जा रही है। लापरवाही करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
-प्रदीप कुमार सभ्रवाल, नगर निगम कमिश्नर

अवैध इमारतों के मामले में बिल्डिंग ब्रांच मान चुकी है कि अवैध इमारतें बनी हैं। इसलिए इनको चार्जशीट किया जाएगा। इसके लिए अलग से आदेश जारी करने की जरूरत नहीं। निगम कमिश्नर अपने स्तर पर इन्हें चार्जशीट कर हमारे पास भेजेंगे। दूसरा हमारी तरफ से अलग जांच टीम बनाई है। इसकी जांच रिपोर्ट सबमिट होने पर हमारे स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
-एके सिन्हा, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट

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