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सरबत बीमार योजना:लुधियाना में 6.92 करोड़ का क्लेम बकाया, कल से ट्रीटमेंट नहीं देंगे निजी अस्पताल मरीजों को पहले ही लौटाना किया शुरू

लुधियाना21 दिन पहले
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मरीज बोले-निजी अस्पतालों ने इलाज के लिए मना किया तो सरकारी में आए - Dainik Bhaskar
मरीज बोले-निजी अस्पतालों ने इलाज के लिए मना किया तो सरकारी में आए
  • मरीज बोले-निजी अस्पतालों ने इलाज के लिए मना किया तो सरकारी में आए
  • 70% क्लेम क्लियर हो तब इलाज कर सकते हैं

आयुष्मान भारत स्कीम सरबत सेहत बीमा योजना के तहत आम लोगों को प्राइवेट हॉस्पिटल में मिल रहा इलाज फिर से संकट में है। अक्टूबर 2021 से इस स्कीम के तहत मरीजों को प्राइवेट में कभी इलाज मिलता है तो कभी नहीं मिलता है। अब फिर से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा सभी डॉक्टर्स को सोमवार से इसके तहत इलाज देने से मना कर दिया है। ऐसे में अगर सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो कल से मरीजों को स्कीम के तहत ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा।

उन्हें या तो इंतजार करना होगा या सरकारी हॉस्पिटल में इलाज करवाना होगा या फिर अपनी जेब से खर्चा करने के लिए मजबूर होना होगा। लुधियाना में इस स्कीम के तहत 894389 ई-कार्ड होल्डर हैं। दिसंबर के बाद जिले में लगभग 6.92 करोड़ का ट्रीटमेंट सरबत बीमा योजना के तहत हो चुका है। जोकि अब तक क्लियर नहीं हुआ है। पंजाब में 700 प्राइवेट हॉस्पिटल इस स्कीम के तहत काम कर रहे हैं। जिनके लगभग 250 करोड़ पेंडिंग हैं। मार्च में ट्रस्ट मोड के तहत इलाज शुरू हुआ। कई हॉस्पिटल्स द्वारा हामी भी भरी गई लेकिन पिछला क्लेम न मिलने से हॉस्पिटल्स का खर्चा नहीं निकल पा रहा था।

मार्च-अप्रैल में ही 3 करोड़ से ज्यादा का हुआ ट्रीटमेंट

सरबत योजना के तहत लुधियाना में 16 सरकारी और 84 प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज मिलता है। फरवरी तक 4 करोड़ का क्लेम पेंडिंग था। मार्च-अप्रैल में ही 3.35 करोड़ का इलाज हुआ। निजी अस्पतालों के मुताबिक 5 माह से क्लेम नहीं मिला है। इस के कारण मध्यम स्तर के प्राइवेट हॉस्पिटल्स को रोजाना के कामों और खर्च निकालने में परेशानी हो रही है। जिले में अब तक कुल 58.20 करोड़ का क्लेम जमा किया गया है। जिसमें से 55.81 करोड अप्रूव हुआ है। यानि 2.38 करोड़ के क्लेम में किसी न किसी कारण से रोक लगी। 48.89 करोड़ का क्लेम हॉस्पिटल्स को मिल चुका है। लेकिन अप्रूवल वाले में से अब तक 6.92 करोड़ क्लियर होना बाकी है।

70% क्लेम क्लियर हो तब इलाज कर सकते हैं

पहले इस स्कीम के तहत किसी तरह की समस्या नहीं आ रही थी लेकिन पिछले साल से क्लेम क्लियर होने पर परेशानी होने लगी। दिसंबर के बाद एक भी क्लेम क्लियर नहीं हुआ है। पंजाब भर के 250 करोड़ का क्लेम पेंडिंग है। इसी कारण सोमवार से इस स्कीम के तहत इलाज न करने का निर्णय लिया गया है। सरकार द्वारा क्लेम क्लियर करने का भरोसा तो दिया जा रहा है लेकिन कब होगा ये नहीं बताया जा रहा। अगर सरकार 70 फीसदी तक भी क्लेम क्लियर करे तो भी इलाज नहीं रोका जाएगा।
- डॉ. सुनील कत्याल, सेक्रेटरी, आईएमए पंजाब

मध्यम स्तर के हॉस्पिटल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अब स्टाफ की सैलरी तक भी देने में उन्हें परेशानी आ रही है। ट्रस्ट मोड के तहत भी इलाज देने के बाद भी क्लेम क्लियर नहीं हुआ है। स्कीम के तहत इलाज नहीं होगा तो आम लोगों को भी परेशानी आएगी। हॉस्पिटल्स को तो आर्थिक तौर पर परेशानी आ ही रही है। लेकिन मरीज भी परेशान होंगे।
- डॉ. बिमल कनीश, प्रधान, आईएमए लुधियाना

टीबी के चलते हम पहले प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए गए थे। लेकिन हमें ट्रीटमेंट नहीं मिला और वापिस भेज दिया गया। इसके कारण हम सिविल हॉस्पिटल में इलाज के लिए आए।
- खुशनीदा, मरीज राहों रोड

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