मंत्री आशु को घेरने की तैयारी में 'कांग्रेसी':आसान नहीं होगी राह; गुरप्रीत सिंह गोगी के बाद दो और नेता चुनाव लड़ने की तैयारी में

लुधियाना11 दिन पहले
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भारत भूषण आशु, जिनके लिए विधानसभा चुनाव की राह इस बार आसान नहीं होगी। - Dainik Bhaskar
भारत भूषण आशु, जिनके लिए विधानसभा चुनाव की राह इस बार आसान नहीं होगी।

कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के लिए पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 की राह आसान नहीं रहने वाली है। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष व पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एक्सपोर्ट कोर्पोरेशन के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह गोगी मंत्री की राह का रोड़ा बन सकते हैं। 2018 काेर्पोरेशन चुनाव के बाद से साइडलाइन चल रहे गोगी ने मंत्री आशु के खिलाफ खुले तौर पर मोर्चा भी खोल दिया है। गुरप्रीत गोगी अकेले ऐसे नेता नहीं है, जो चुनाव में आशु की वोटों पर असर डालेंगे, बल्कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 17 वार्ड ऐसे आते हैं, जो अंदर खाते आशु के विरोधी हैं। विधानसभा क्षेत्र वेस्ट में लगभग सभी पार्षद उनकी पार्टी से हैं, मगर अंदरखाते वह आशु से खार खा रहे हैं और विरोध जताने का मन बनाए बैठे हैं। यही नहीं इसके अलावा भी कुछ कांग्रेसी ऐसे हैं, जो वोटों पर असर डालेंगे।

आप की टिकट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं गुरप्रीत गोगी।
आप की टिकट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं गुरप्रीत गोगी।

गुरप्रीत गोगी को टिकट से भी पड़ेगा असर

आम आदमी पार्टी की तरफ से अभी तक विधानसभा क्षेत्र वेस्ट से उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया है। पिछला चुनाव यहां से एहबाब सिंह गरेवाल ने लड़ा था और 20 हजार वोट हासिल की थीं। मगर भारत भूषण आशु यहां से 35 हजार के करीब की लीड से जीते थे। इस बार हालात कुछ विपरीत हैं। इस बार कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में गए गुरप्रीत सिंह गोगी खुद वार्ड नंबर 76 से मौजूदा पार्षद हैं और लगातार चार बार के पार्षद हैं। वह कहते हैं कि पिछले चुनाव के दौरान उन्हें 8000 से ज्यादा वोट पड़े थे, जो उनके अपने पर्सनल हैं। वह मेयर पद के लिए दावेदार थे, इसलिए मंत्री ने उन्हें हराने पर जोर लगाया था और कांग्रेस की कुछ वोट नहीं पड़ने दी थी। उनके वार्ड के 20 हजार वोट के अलावा उनके दूसरे 17 वार्ड में भी वोट हैं और पार्षद खुद उन्हें फोन करके आश्वासन दे रहे हैं कि वोट देंगे।

भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए अरविंद खन्ना भी हो सकते हैं वेस्ट से उम्मीदवार।
भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए अरविंद खन्ना भी हो सकते हैं वेस्ट से उम्मीदवार।

भाजपा अरविंद खन्ना को उतार सकती है उम्मीदवार

यह भी चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से हाल ही में पार्टी में शामिल हुए पूंजीपति व पुराने कांग्रेसी अरविंद खन्ना को भारत भूषण आशु के खिलाफ चुनाव मैदान में उतार सकती है। इसकी चर्चा चल रही है। यह भी कहा जा रहा है कि अरविंद खन्ना ने यहां के भाजपाइयों से संपर्क करना भी शुरू कर दिया है। अगर अरविंद खन्ना यहां से चुनाव मैदान में उतरते हैं तो भारत भूषण आशु के लिए चुनौती जरूर होंगे।

घोटालों के आरोप लगा रहे विरोधी

मंत्री आशु के खिलाफ शिअद के सीनियर नेता महेश इंद्र सिंह गरेवाल चुनाव मैदान में पहले ही उतर चुके हैं। गोगी भी टक्कर के कैंडीडेट हो सकते हैं और अगर भाजपा यहां से कोई बड़ा चेहरा उतारती है तो इसका असर भी आशू की सीट पर पड़ेगा। भाजपा पहले ही इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के घोटालों और नगर निगम में घोटालों का आरोप लगाती आ रही है और इन्हीं मुद्दों को आगे भी भुनाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वोटों पर असर पड़ना लाजिमी है।

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