पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आरसी ने मिलने पर आवेदकों ने आरटीए को लिखा पत्र:अप्रूवल के बाद चंडीगढ़ से नहीं हो पा रही प्रिटिंग, 1400 आरसी अटकीं

लुधियाना2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
राजीव कुमार - Dainik Bhaskar
राजीव कुमार

एजेंट राज खत्म करने के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने आरसी सीधे आवेदक के घर पहुंचाने का सिस्टम शुरू किया है। इससे लुधियाना ही नहीं, बल्कि पंजाबभर की आरसी की प्रिंटिंग चंडीगढ़ से शुरू की। यह सुविधा लोगों के लिए असुविधा बनकर रह गई है। आरसी न मिलने के कारण आवेदक पुलिस के डर से वाहन सड़क पर वाहन नहीं उतार पा रहे हैं।

वहीं, नई कॉमर्शियल गाड़ी की आरसी न मिलने पर भी वाहन मालिक गाड़ी पर कोई काम नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण घर पर खड़ी गाड़ी का ही उन्हें ब्याज देना पड़ रहा है। यानी गाड़ी लेने के बावजूद ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के नए तौर तरीकों का आवेदकों को हर्जाना भरना पड़ रहा है। जहां आवेदक ने वाहन अपने नाम करवाने पर आरसी घर नहीं पहुंच रही है। वहीं, नई आरसी भी आवेदक को न मिलकर वापस चंडीगढ़ जा चुकी है।

आरसी के लिए आवेदकों को जाना होगा चंडीगढ़

जानकारी के मुताबिक करीब 900 नए वाहनों की आरसी वापस चंडीगढ़ जा चुकी है। जबकि जिन आवेदकों ने सेकेंड हैंड वाहन (मालिकी बदलने) खरीदे हैं और उसकी आरसी भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे आवेदकों की संख्या करीब 500 है। ये वो आवेदक हैं, जिनकी आरटीए से अप्रूवल हो चुकी है, परंतु चंडीगढ़ से प्रिंटिंग नहीं हो पाई है।

जिन लोगो की नई आरसी चंडीगढ़ वापस चली गई है। इसके लिए आवेदकों को चंडीगढ़ ही जाना होगा, क्योंकि लोकल स्तर पर कोई भी सुविधा नहीं रखी गई है। आवेदक आरटीए दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं।

आवेदक बोले- आरसी के लिए चंडीगढ़ जाना मुश्किल, लोकल ही व्यवस्था की जाए

आवेदक राजीव कुमार ने बताया कि 2 माह पहले एक्टिवा की आरसी अप्लाई की थी, मगर अभी तक आरसी नहीं मिल पाई। इसके लिए सरकारी फीस 35 रुपए भी दे चुके हैं। आवेदक गुरजोत सिंह ने बताया कि फरवरी में नई कार खरीदी थी। 17 फरवरी को आरसी अप्लाई की थी, जोकि आरटीए की तरफ से अप्रूव भी हो चुकी है।

मगर चंडीगढ़ से अभी तक आरसी बन कर नहीं आई है। आरटीए-एजेंसी में पूछने पर कोई नहीं बता रहा कि आरसी कैसे और कब मिलेगी। आवेदक तजिंदर सिंह ने बताया कि उसके मोटरसाइकिल की आरसी पुरानी थी, उसे स्मार्टचिप वाली बनवाने के लिए फरवरी में अप्लाई किया था। परंतु फीस जमा करने के बाद भी आरसी घर तक नहीं पहुंची है। जबकि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी लगी है। डिपार्टमेंट ने कोई ऐसा नंबर नहीं जारी किया है कि जिससे आवेदकों लाभ मिल सकें।

खबरें और भी हैं...