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सिमरजीत बैंस कोर्ट में नहीं हुए पेश:नई SIT करेगी जांच, पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए मांगी लंबी तारीख, अदालत ने 10 दिसंबर निर्धारित की

लुधियाना2 महीने पहले
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पंजाब के जिला लुधियाना के आत्मनगर से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए हैं। जानकारी मिल रही है कि पुलिस की तरफ से अदालत में अर्जी दी गई है कि विधायक को गिरफ्तार करने के लिए लंबी तारीख दी जाए, ताकि उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले के आरोपित मिल नहीं रहे हैं। दूसरी तरफ इस मामले की जांच के लिए नई SIT भी बनाई गई है। जिसमें दो DSP, एक महिला पुलिस मुलाजिम को शामिल किया गया है। अदालत की तरफ से केस की सुनवाई के लिए अगली तारीख 10 दिसंबर दी है।

पीड़िता के वकील हरीष राय ढांडा ने कहा है कि पुलिस द्वारा अदालत में आज सुनवाई के दौरान दिखाए गए रुख से साफ है कि सरकार पूरी तरह से आरोपी का पक्ष ले रही है। मामले की जांच के लिए नई SIT बनाना अदालत की अवहेलना है। सिमरजीत सिंह बैंस पुलिस के चालान पेश करने के बाद तीन तारीखों पर पेश नहीं हुए हैं। उनके खिलाफ 18 नवंबर की तारीख पर गैर जमानती वारंट जारी (NBW) हुए। वह चालान पेश होने के बाद अदालती कार्रवाई में शामिल नहीं हो रहे हैं। अदालत ने पुलिस को आदेश जारी किया था कि विधायक बैंस को 1 दिसंबर को अदालत में पेश किया जाए, मगर ऐसा नहीं हो पाया है।

गिरफ्तार नहीं कर रही पुलिस, विधायक कर रहे रैलियां

सिमरजीत के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज है। पुलिस सिमरजीत के अलावा दूसरे आरोपियों को अदालती प्रक्रिया में शामिल नहीं कर पाई है। पुलिस ने अदालत में दायर चार्जशीट में कहा कि वह भागने वाले नहीं हैं, क्योंकि वह लोगों के नुमाइंदा हैं। विधायक बैंस ने अभी कुछ दिन पहले ही जवाला सिंह चौक में चुनावी जनसभा की थी, इसके अलावा वह अपने कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। इसकी फोटो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।

फोटो 29 नवंबर की है, विधायक बैंस अपने कार्यालय में लोगों से मिल रहे हैं।
फोटो 29 नवंबर की है, विधायक बैंस अपने कार्यालय में लोगों से मिल रहे हैं।

7 जुलाई 2021 को दर्ज हुआ था केस

एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरन जीत सिंह की अदालत ने 7 जुलाई 2021 को थाना डिविजन नंबर 6 की पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। विधायक बैंस ने इन आदेशों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने याचिका को रद्द कर दिया था और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी। पिछले साल 16 नवंबर 2020 को महिला ने विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, कमलजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा, गोगी शर्मा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। पुलिस ने केस दर्ज करके अदालत में चार्जशीट दायर कर दी है। पहली तारीख 18 नवंबर थी, मगर विधायक अदालत में पेश नहीं हुए तो गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए।

पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी है महिला

विधायक पर आरोप लगाने वाली महिला पिछले 8 माह से पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठी है। उसने साल पहले शिकायत की थी, लेकिन जब पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की तो वह धरने पर बैठ गई। इस बीच उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।

जानें कौन हैं विधायक सिमरनजीत सिंह बैंस

कभी सिमरनजीत सिंह मान के साथ राजनीतिक करियर शुरू करने वाले सिमरजीत सिंह बैंस ने सुखबीर बादल की अगुवाई में अकाली दल जॉइन किया। इस दौरान उन पर कई आरोप लगे। उनके खिलाफ तहसीलदार के कार्यालय में घुसकर मारपीट करने का भी मामला दर्ज है। अकाली दल के चुनाव टिकट नहीं देने से नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ी। बाद में सिरमजीत सिंह बैंस और उनके भाई बलविंदर सिंह बैंस आजाद चुनाव लड़े और जीते भी। अब उन्होंने लोक इंसाफ पार्टी बनाई है और वह इसी से चुनाव लड़ते हैं। पिछला चुनाव आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था और इस बार अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं।

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