बम प्लानर की पहचान के प्रयास शुरू:4 हिस्सों में बंटा शरीर, अलग-अलग जगहों से मिले 2 हिस्से, फटे कपड़ों और टैटू के सहारे जांच

लुधियानाएक वर्ष पहलेलेखक: दिलबाग दानिश
  • कॉपी लिंक
लुधियाना के सिविल अस्पताल में शाव को रखते हुए समाज सेवी। - Dainik Bhaskar
लुधियाना के सिविल अस्पताल में शाव को रखते हुए समाज सेवी।

पंजाब के लुधियाना की जिला कचहरी में हुए बम ब्लास्ट को प्लान करने वाले शख्स की मौके पर ही मौत हुई। पंजाब पुलिस और केंद्र की जांच एजेंसियां अब तक की जांच में मान चुकी है कि ब्लास्ट बम को प्लांट करते समय ही हुआ है। ब्लास्ट में बम प्लानर के चिथड़े उड़ गए हैं। उसके मुंह पर मांस नहीं है और शरीर के दो हिस्से बचे हैं। उसके शरीर पर खंडे का टैटू बना हुआ है। इसी के सहारे उसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

लुधियाना कोर्ट कॉम्प्लेक्स से शव को ले जाने से पहले जांच करते पुलिस अधिकारी।
लुधियाना कोर्ट कॉम्प्लेक्स से शव को ले जाने से पहले जांच करते पुलिस अधिकारी।

देर रात सवा 10 बजे उसके शरीर के दो हिस्सों को NIA और NSG ने जांच के बाद सिविल अस्पताल में रखवा दिया है। शव को अस्पताल पहुंचाने वाले संवेदना ट्रस्ट के वालंटियर जसपाल सिंह और जग्गा सिंह ने बताया कि हमें शव को हटाने के लिए बुलाया गया था। जब हम वहां पहुंचे तो देखा कि मलबे के नीचे अलग-अलग जगहों पर मानव शरीर के अंग पड़े दिख रहे थे।

प्राथमिक दृश्य में लग रहा था कि मलबे के नीचे कई शव हैं। जो शव वहां से निकाल लिया था उसके बाजू में और टांगें नहीं मिली थी। पूरी रात सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से मलबे की जांच की गई है। सुबह फिर से उक्त समाजसेवियों को बुलाया गया है।

मुंह बुरी तरह क्षतिग्रस्त, पहचानना भी मुश्किल

बम प्लानर का मुंह भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। उसके पास से कोई कागज या सबूत नहीं मिला है। इसलिए पुलिस के सामने सबसे बड़ी मुश्किल उसकी शिनाख्त की है। उसके कपड़े भी पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। पुलिस अब इन्हीं कपड़ों के सहारे उसकी शिनाख्त को आगे बढ़ाने में लगी हुई है। अब पुलिस कचहरी की तरफ आने वाले रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरे तो चेक कर रही है, मगर उनमें से बम प्लानर कौन है यह पता कर पाना मुश्किल हो रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों के देरी से पहुंचने के कारण भी आई समस्या

12 बजकर 20 मिनट पर हुए ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां रात दस बजे तक पहुंची। पहले सुबह पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी थी, मगर जब जांच केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के हवाले की गई तो पुलिस को उनका इंतजार करना पड़ा और वह क्राइम स्पॉट पर जांच नहीं कर पाई। यही कारण है कि बम प्लानर की शिनाख्त में देरी हुई है।

फोटोस्टेट मशीन चलाने वालों से पूछताछ करेगी पुलिस

आज पुलिस कचहरी में आने वाले लोगों से पूछताछ करेगी। जिस जगह पर ब्लास्ट हुआ वहां पर फोटोस्टेट की मशीनें लगी हुई हैं। वहां पर काम करने वाली महिलाओं और युवकों से पुलिस की तरफ से पूछताछ की जानी है। सिविल अस्पताल में दो महिलाएं दाखिल हैं। आज पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है।

खबरें और भी हैं...