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आंदोलन का बिगुल:काराेबारी बाेले-पांच रुपए बिजली के किए वादे की घोषणा करें नहीं तो व्यापारी करेंगे प्रदर्शन

लुधियाना25 दिन पहले
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बशर्ते पंजाब से 30000 और 50,000 के लगभग यूनिट पंजाब से पलायन कर गए हैं। - Dainik Bhaskar
बशर्ते पंजाब से 30000 और 50,000 के लगभग यूनिट पंजाब से पलायन कर गए हैं।
  • सरकार ने बिजली के रेट में राहत देकर किया भद्दा मजाक : सिद्धू

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल की ओर से रोष बैठक का आयोजन सिमिट्री रोड स्थित सुनील मेहरा के निवास स्थान पर किया गया। बैठक में सुनील मेहरा, पवन लहर, अरविंद मक्कड़, बलजीत मक्कड़, संजय गुप्ता, हरकेश मित्तल और राजीव अरोड़ा माैजूद रहे। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार 5 रुपए बिजली के किए गए वायदे को पूरा करें और कोविड के दौरान लोगो के मुफ्त बिजली की घोषणा करें। नहीं तो व्यापारी आंदोलन का बिगुल बजाएंगे।

उन्हाेंने कहा कि कुछ ही महीनों के बाद चुनाव कमीशन की ओर से कंटेंप्ट ऑफ कोड लग रहा है और पंजाब में कैप्टन सरकार की कारगुजारी की मुंह बोलती तस्वीर, जिसमें पंजाब के इंडस्ट्री और ट्रेड को निराश और नाराज किया है। पवन लहर ने कहा कि आज पंजाब में 50,000 छोटी और बड़ी इंडस्ट्री सरकार की व्यापार और उद्योग की नीतियों के कारण पंजाब से बाहरी राज्यों में पलायन कर गई हैं। कोई इंडस्ट्री हिमाचल, गुजरात, महाराष्ट्र, मुंबई, साउथ और कई बाहर विदेशों में भी बड़े-बड़े यूनिट चले गए हैं।

इस दुखदाई घटना में सरकार की घोषणा कि यहां पर नई इंडस्ट्री आएगी और अपने यूनिट यहां लगाएगी और आज न ही कोई यहां इंडस्ट्री आई और न ही किसी और ने कोई इंडस्ट्री यहां लगाई। बशर्ते पंजाब से 30000 और 50,000 के लगभग यूनिट पंजाब से पलायन कर गए हैं।

एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू सदस्य कार्यकारी समिति भारतीय जनता पार्टी पंजाब ने कहा कि पांच साल पहले कांग्रेस ने वादे कर पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाई थी। लेकिन, पंजाबियों को बड़ी उम्मीद थी कि कैप्टन साहब पंजाब का चेहरा बदल देंगे। लेकिन पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में कैप्टन सरकार ने पंजाब वासियों को 12 रुपए प्रति यूनिट बिजली प्रयोग करने के बदले केवल 1 रुपये की राहत देकर बड़ी छाप छोड़ी है। इस राहत से सरकार कुछ इकाइयों को एक रुपये कुछ पर 50 पैसे की राहत देकर पंजाबियों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। पंजाब के लोग इस ऊंट के मुंह में जीरे की मदद को कभी नहीं भूलेंगे। इस दौरान सभी ने हाथों में तख्तियां पकड़ रोष प्रदर्शन किया।

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