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बाल सुधार घर में शारीरिक शोषण:लगातार शिकार हो रहे बाल कैदी; 10 दिन में दूसरी FIR; "गैंग" से मिले हुए हैं अधिकारी

लुधियाना9 महीने पहले
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लुधियाना में बाल सुधार गृह में जांच करते हुए राष्ट्रीय बाल सुरक्षा आयोग के अधिकारी। - Dainik Bhaskar
लुधियाना में बाल सुधार गृह में जांच करते हुए राष्ट्रीय बाल सुरक्षा आयोग के अधिकारी।

पंजाब के लुधियाना जिले में बाल सुधार घर में बाल कैदियों के शरीरिक शोषण का मामला सामने आया है, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने 10 दिन में दूसरी एफआईआर दर्ज की है। इस गंभीर मुद्दे पर जेल के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं, मगर जो जानकारियां सामने आ रही हैं, वह काफी हैरान और परेशान करने वाली हैं।

पुलिस द्वारा थाना शिमलापुरी में दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, हिमाचल प्रदेश से मूल निवासी किशोर स्थानीय बाल सुधार गृह में बंद है। उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है और सुनवाई अदालत में चल रही है। सूत्रों के अनुसार, यह मामला पीड़ित ने राष्ट्रीय बाल सुरक्षा आयोग के समक्ष भी उठाया था, जब वह यहां पर जांच करने के लिए आए थे।

पीड़ित किशोर द्वारा की गई शिकायत में बताया गया है कि उसके साथ एक बार नहीं, बल्कि 1 मई 2021 से 30 अक्टूबर तक यानि 5 माह तक कुकर्म होता आ रहा है। उसके द्वारा लिखित शिकायत बाल सुधार गृह के जेलर को दी गई थी और अब पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया है।

राष्ट्रीय बाल सुरक्षा आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी अधिकारियों से बात करती हुईं।
राष्ट्रीय बाल सुरक्षा आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी अधिकारियों से बात करती हुईं।

पहले भी दर्ज हो चुका है केस

यह पहला मामला नहीं है, जब किसी बाल कैदी ने ऐसा आरोप लगाया हो। इससे पहले भी थाना शिमलापुरी में 12 नवंबर को केस रजिस्टर किया गया था। मामले की जांच में कई चौंका देने वाले खुलासे हुए थे। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद बाल सुधार घर से ही युवकों को प्रोडक्शन वारंट पर लिया था और उन्हें दोबारा जेल में बंद कर दिया है। मगर यह सिलसिला इसके बाद भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

पुलिस जांच में खुलासा, 10 कैदियों का गिरोह करता है कुकर्म

बाल सुधार घर में कैदियों को एक साथ ही रखा जाता है। यहां पर 10 ऐसे युवकों का गिरोह है, जो शरीरिक तौर पर कमजोर युवकों से मारपीट भी करते हैं और उनके साथ कुकर्म भी करते हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि मामले में सुधार घर के मुलाजिम भी मिले हुए हैं और उन्हें पता होने के बावजूद इस पर एक्शन नहीं लिया जाता है। जिस कारण यह कृत्य लगातार बढ़ रहा है।

18 नवंबर को शिकायत, इसी दिन किया था राष्ट्रीय बाल सुरक्षा आयोग ने दौरा

राष्ट्रीय बाल सुरक्षा आयोग की रजिस्ट्रार अनू चौधरी, कंसलटेंट अंशू शर्मा और कंसलटेंट करिशमा बुरागाहिन की तरफ से 18 नवंबर को ही शिमलापुरी के बाल सुधार घर का दौरा किया गया था और इसके बाद उनकी तरफ से जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई थी। जिससे जाहिर हो रहा है कि यह मुद्दा उनके सामने भी उठा था और वह मामले की जांच भी करवा रही हैं।

गंभीरता से हो रही जांच, फिर प्रोडक्शन वारंट पर आएंगे आरोपी

रणजीत सिंह प्रभारी थाना शिमलापुरी ने कहा कि इस तरह का मामला पहले भी दर्ज हो चुका है। तब हम जेल से कुछ कैदियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आए थे और खुलासा हुआ था कि जेल के ही कुछ कैदी गिरोह बनाकर छोटे और शरीरिक तौर पर कमजोर युवकों के साथ कुकर्म कर रहे हैं। हम मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं, मगर कैदियों की सुरक्षा का जिम्मा जेल प्रबंधकों के पास है।

जेल में समस्या है, हम इसे ठीक कर रहे: सुपरिंटेंडेंट
जेल सुपरिंटेंडेंट अरुण अग्रवाल का कहना है कि हां जेल में कुछ बच्चों के साथ कुकर्म हुआ है और इसकी शिकायत पुलिस के पास की गई है और आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। हम अपने स्तर पर भी इसकी जांच कर रहे हैं। मगर फोन पर शेयर नहीं की जा सकती है, आप सोमवार को कार्यालय आएं और पूरी जानकारी सांझा की जाएगी।

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