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दुविधा:कॉलेजों को वीसी के दिशा निर्देशों का इंतजार, असमंजस में स्टूडेंट्स-पेरेंट्स

लुधियाना10 महीने पहले
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  • फाइनल ईयर की परीक्षाओं को लेकर यूजीसी की गाइडलाइंस रद्द होने की संभावना नहीं
  • कोरोना पर भी नहीं पाया जा सका है काबू

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों और उच्च शैक्षणिक संस्थाओं की परीक्षाओं और नए एकेडमिक सत्र को लेकर रिवाइज्ड गाइडलाइन्स 6 जुलाई को जारी कर दी हैं। इसमें विश्वविद्यालयों और उच्च शैक्षिक संस्थाओं में यूजी और पीजी की फाइनल ईयर, फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं सितंबर अंत तक आयोजित कराने का निर्देश दे दिए हैं। 

यूजीसी का तर्क है कि इस गाइडलाइंस से टर्म असेसमेंट में एकरूपता आएगी। अगर स्टूडेंट्स के फाइनल ईयर की परीक्षाएं नहीं कराएंगे तो इससे उनकी डिग्री की वैधता पर सवाल उठेगा।

वहीं, देशभर में लॉकडाउन के बाद भी कोविड-19 को काबू नहीं किया जा सका है। लॉकडाउन खुलने के बाद कोविड-19 के मामले और तेजी से बढ़ रहे हैं, जिस कारण कई राज्य सरकारें, स्टूडेंट्स और संस्थान परीक्षाएं करवाने के हक में नहीं है 

दरअसल उनका कहना है कि ऐसी हालत में परीक्षाएं करवाने से न सिर्फ स्टूडेंट्स की जिंदगी, बल्कि फ्रेंड्स सर्कल, फैमिली और कॉलेज स्टाफ को खतरा पैदा हो सकता है। इससे बेहतर है कि एग्जाम्स को रद्द कर दिया जाए और इस जानलेवा कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए स्टूडेंट्स का प्रमोट करने का फैसला लिया जाए।

ऑनलाइन परीक्षाएं करवाने का विकल्प संभव नहीं

^यूजी और पीजी के फाइनल ईयर एग्जाम को लेकर यूजीसी तो गाइडलाइन दे चुका है। अब कॉलेज वाइस चांसलर के दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे स्थिति साफ होगी कि अगर परीक्षाएं ली जानी हैं तो क्या योजना रहेगी। हालांकि स्टूडेंट्स और पेरेंट्स कोरोना महामारी की बिगड़ती हालत को देखते हुए परीक्षाएं देने के पक्ष में नहीं हैं। -सरिता बहल, प्रिंसिपल, देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन

^कोविड-19 के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए फाइनल ईयर की परीक्षाओं को भी रद्द करने की संभावना थी, लेकिन ऐसा न होने पर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स असमंजस में हैं। वहीं, राज्य सरकार कोरोना की स्थिति से वाकिफ है और परीक्षाएं करवाने के विरोध में है। हालांकि यूजीसी ने ऑनलाइन परीक्षाएं लेने का भी ऑप्शन दिया है, लेकिन वह संभव नहीं है। -डॉ इंद्रजीत , प्रिंसिपल, रामगढ़िया गर्ल्स कॉलेज

हेल्थ और सेफ्टी हो प्राथमिकता: कोरोना महामारी में स्टूडेंट्स की हेल्थ और सेफ्टी प्रायोरिटी होनी चाहिए। वैसे भी कोरोना की वजह से काफी समय बर्बाद हो गया है। ऐसे में परीक्षाएं रद्द कर देनी चाहिए। कोरोना का स्ट्रेस और परीक्षाएं न होने की अटकलों को लेकर स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर भी काफी असर पड़ा है। अब फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को भी प्रमोट कर देना चाहिए। -तनिशा, बीए फाइनल ईयर स्टूडेंट

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