चुनाव से पहले उठा आतंकवाद का मुद्दा:कांग्रेस और अकाली दल आमने-सामने, CM चन्नी के आरोप का महेशइंद्र सिंह गरेवाल ने दिया करारा जवाब

लुधियानाएक महीने पहले
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मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा पंजाब में आतंकवाद के काले दौर के लिए अकाली दल को जिम्मेदार ठहराने से सियासत में उबाल है। उनके इस आरोप का जवाब शिअद के सीनियर नेता महेशइंद्र सिंह गरेवाल ने दिया है। उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता था पंजाब के मुख्यमंत्री को इतनी कम जानकारी है। वह कहते हैं कि आतंकवाद के लिए अकाली दल जिम्मेदार है। शायद वह भूल रहे हैं कि 1991 के चुनाव में उन्होंने 27 उमीदवार और पार्टी अध्यक्ष की शहादत दी थी।

मगर 1992 में उनके किसी भी उम्मीदवार को खरोंच तक नहीं आई। इसका क्या मतलब निकाला जाना चाहिए। उस समय कांग्रेस के किन लोगों के साथ संबंध थे। लोगों को सब पता है कि पंजाब का सबसे ज्यादा नुकसान किसने किया है। कांग्रेस हमेशा से पंजाब की दुश्मन रही है और खासतौर पर गांधी परिवार ने सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब और पंजाबियों का किया है। इसके लिए कांग्रेस का नाम पंजाब के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। अकाली दल ने पंजाब की तरक्की और खुशहाली के लिए काम किया है।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारवार्ता के दौरान लगाए थे गंभीर आरोप

चन्नी ने पत्रकारवार्ता के दौरान गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि बीएसएफ को दिए गए अधिक अधिकार पर सुखबीर सिंह बादल भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं, जिसे बर्दाशत नहीं किया जा सकता। वह पंजाब को बुरे हालातों में ले जाना चाहते हैं। आतंकवाद के काले दौर के लिए भी अकाली दल जिम्मेदार था ओर पंजाब का नुकसान सबसे ज्यादा उसी समय में हुआ है। अब फिर से उसी तरह के भड़ाकाऊ बयान दिए जा रहे है। वह सुखबीर सिंह बादल द्वारा श्री हरिमंदिर साहिब और दुर्गियाना मंदिर में फौज के घुस जाने की आशंका जताने वाले बयान की बात कर रहे थे।

चुनाव से पहले हर बार उठता है बुरे दौर का मुद्दा

हर चुनाव से पहले आतंकवाद के काले दौर, श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले और बेअदबी का मुद्दा हर बार उठता है। पहले इसे शिरोमणि अकाली दल बादल की तरफ से उठाया जाता था, मगर अब कांग्रेस ने पहल की है। मुख्यमंत्री द्वारा आतंकवाद के लिए अकाली दल को जिम्मेदार ठहराया गया है और जाहिर-सी बात है कि अकाली दल अब 1984 में श्री हरिमंदिर साहिब पर हुए हमले को जोर-शोर से उठाएगा।

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