चुनाव परिणाम:जगराओं, समराला, रायकोट, पायल में कांग्रेस आई, खन्ना-दोराहा में जीत दोहराई

लुधियाना10 महीने पहले
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  • 8 नगर कौंसिल के 114 वॉर्डों के नतीजे: कांग्रेस 82, शिअद 16, भाजपा 2, आप 3, आजाद 11 सीटों पर जीते

जिले की 8 नगर कौंसिल के चुनावों के नतीजे बुधवार को आने के बाद एक बार फिर सियासी हलकों में हलचल शुरू हो गई है। नगर कौंसिल खन्ना, जगराओं, समराला, रायकोट, दोराहा, पायल, साहनेवाल व मुल्लांपुर दाखा में कुल 114 वाॅर्डों में चुनाव हुए। कांग्रेस ने खन्ना व दोराहा में अपनी जीत दोहराई तो जगराओं, समराला, रायकोट व पायल में शिअद-भाजपा के पुराने सियासी-किले ढहाए। जबकि मुल्लांपुर दाखा के उप चुनाव में साख कायम रखी। हालांकि साहनेवाल के उप चुनाव में हार के चलते कांग्रेस को जोर का झटका धीरे से लगा है। बसपा कहीं भी खाता नहीं खोल पाई जबकि तीन जगह मतदाताओं ने नोटा के बटन दबाए।

रायकोट में सिर्फ कांग्रेस, बसपा का कहीं भी खाता नहीं खुला, तीन जगह चला नोटा

खन्ना : कांग्रेस फिर से बढ़त लेकर सत्ता के करीब, यहां उसने 33 में से 19 वार्ड में जीती, विपक्षी-आजाद भी मिल जाएं तो आंकड़ा 14 ही बनता है। जगराओं : कांग्रेस बड़ा उलटफेर कर सत्ता के करीब, यहां 23 में 17 वाॅर्ड में जीती, आजाद-शिअद मिला भी लें तो आंकड़ा महज 6 तक ही पहुंचेगा। रायकोट : सबसे बड़ा उलटफेर कर कांग्रेस सभी 15 वाॅर्ड में जीतकर सत्ता की हकदार बनीं, क्लीन-स्वीप में उड़े अकाली, भाजपा समेत सभी उम्मीदवार। दोराहा : यहां कांग्रेस 15 में से 11 वाॅर्डों पर कब्जा कर सत्ता की हकदार, विपक्षी आजाद मिलाकर महज 4 उम्मीदवार ही जीते, उलटफेर की आशंका कम। समराला : इस बार समराला में कांग्रेस ने 15 में से 10 वाॅर्ड अपनी झोली में डाल 5 वाॅर्ड में ही जीत सके शिअद का फिर से सत्ता पाने का सपना तोड़ दिया। पायल : यहां भी कांग्रेस ने 11 में से 9 वाॅर्ड में जीतकर सत्ता पाने की राह पक्की कर ली, दरअसल अकाली व आजाद प्रत्याशी एक-एक वाॅर्ड में ही सिमटे। मुल्लांपुर दाखा : एक वाॅर्ड के उप चुनाव में जीत हासिल कर कांग्रेस ने अपनी साख कायम रखी, पिछली बार यहां सभी 13 वाॅर्डों में कांग्रेस का कब्जा था। साहनेवाल : एक वाॅर्ड के चुनाव में यहां सत्ताधारी होने के बावजूद कांग्रेस को शिअद के हाथों शिकस्त मिलने से सियासी-झटका, हालांकि सत्ता बरकरार।

उलटफेर किसी एक फैक्टर का नतीजा नहीं, स्थानीय मुद्दे, बगावत का भी असर-

जिले में नगर कौंसिल चुनावों के नतीजों को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों के रणनीतिकार उनके “सियासी-पोस्टमार्टम’ में भी जुट गए हैं। ऐसा माना जाता है कि सूबे की सत्ता पर काबिज पार्टी स्थानीय निकाय से जुड़े चुनावों में बढ़त तो लेती है, लेकिन एकदम चौंकाऊ-नतीजों के पीछे दूसरी कई बड़ी वजह भी होती हैं। मसलन जिले में एक-एक वाॅर्ड के उप चुनाव वाली 2 नगर कौंसिल मुल्लांपुर दाखा व साहनेवाल को छोड़ भी दें तो बाकी 6 अन्य कौंसिल के नतीजे भी कई संकेत देते हैं। सियासी-जानकारों की नजर में आर्थिक तंगी से जूझती कांग्रेस सरकार ने इन कस्बाई इलाकों में ऐसा कुछ तो किया नहीं था कि सारे नतीजे उसके ही हक में आते। फिर भी विपक्ष में बिखराव, स्थानीय मुद्दों की अनदेखी व टिकट बंटवारे के चलते भितरघात एेसे कई फैक्टर सत्ताधारी पार्टी के हक में चले गए।

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