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बुड्ढा नाला सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट:निगम कमिश्नर ने की अधिकारियों और मेंबरों के साथ मीटिंग; खंभे-ट्रांसफार्मर न हटाने पर फटकार, कहा- कोताही बर्दाश्त नहीं

लुधियानाएक महीने पहले
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बुड्ढे नाले को प्रदूषणमुक्त करने के लिए राज्य सरकार ने 650 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसकी शुरुआत हो चुकी है। कंपनी ने बुड्ढे नाले के किनारे पाइप लाइन डालने के साथ जमालपुर में 225 एमएलडी का एसटीपी बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की कोई बाधा न आए, ताकि काम तेजी से हो।

इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है और उस कमेटी की तरफ से हर 15 दिन बाद प्रोजेक्ट को लेकर मीटिंग का लक्ष्य रखा है। ऐसे में कमेटी चेयरमैन और निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल ने कमेटी मेंबरों और अफसरों के साथ निगम जोन डी में मीटिंग की। इसमें निगम अफसरों समेत प्रोजेक्ट पर काम करने वाली कंपनी के नुमाइंदे, ड्रेनेज विभाग के अफसर, पीपीसीबी अफसर और मेंबर मौजूद रहे।

नाले के किनारे जब सर्वे किया गया तो रिपोर्ट में ये बताया गया कि पावरकॉम के तहत नाले किनारे बिजली के 18 खंभे और 4 ट्रांसफार्मर प्रोजेक्ट में रुकावट बन रहे हैं। इन्हें हटाना जरूरी है। सर्वे के अनुसार कमेटी के पास रिपोर्ट पहुंची और इन 18 खंभों और 4 ट्रांसफार्मरों को हटाने के लिए पावरकॉम चीफ इंजीनियर को कहा, लेकिन ढुलमुल रवैये के चलते अभी तक न तो खंभे हटे हैं और न ही ट्रांसफार्मर। वीरवार को जब मीटिंग में ये बात सामने आई तो कमेटी चेयरमैन के तौर पर निगम कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और पावरकॉम चीफ इंजीनियर को फोन कर खंभे-ट्रांसफार्मर हटाने के लिए कहा।

पाइपलाइन बिछाने के धीमे कार्य को लेकर भी हुए सख्त, बोले- काम में तेजी लाओ
इसके अलावा मीटिंग में यह भी बात सामने आई कि जिस कंपनी को बुड्ढे नाले की कायाकल्प का ठेका दिया गया है, उसकी तरफ से पाइपलाइन बिछाने का काम तो शुरू कर दिया है, लेकिन उस काम में भी धीमी चाल देखकर सवाल किया तो यह बात बताई गई कि पाइप की शॉर्टेज के चलते काम थोड़ा धीमा है। इस पर निगम कमिश्नर ने सख्ती दिखाते हुए कंपनी को हिदायतें जारी की कि राज्य सरकार ने जिस फ्लो के साथ काम को करने के आदेश जारी किए हैं, उसी अनुसार यहां पर काम जारी रखना होगा। निजी समस्याओं से उन्हें कोई मतलब नहीं है, उन्हें काम में तेजी चाहिए।

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