पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Ludhiana
  • Court Orders To Register Rape Case Against Lok Insaaf Party's Mukhi MLA Simarjit Bains Without Delay, Also Called For Copy Of FIR

पंजाब में बड़ा मामला:कोर्ट ने दिए लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत बैंस के खिलाफ बिना‌ देरी रेप का केस दर्ज करने के आदेश, FIR की कापी भी मंगवाई

लुधियाना20 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
विधायक सिमरजीत बैंस - Dainik Bhaskar
विधायक सिमरजीत बैंस

लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख लुधियाना से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ कोर्ट ने रेप का केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में 45 साल की महिला ने विधायक सिमरजीत बैंस और उनके कुछ साथियों के खिलाफ अदालत में पिटीशन दायर की थी। जिस का निपटारा करते हुए लुधियाना के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत सिंह ने थाना डिवीजन नंबर 6 के SHO को केस दर्ज करने को कहा है और FIR की कॉपी अदालत को भी भेजने के आदेश दिए हैं।

इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। जिसमें पुलिस को कोर्ट के आदेश की कंप्लायंस रिपोर्ट देनी होगी। पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कोर्ट के इस आदेश से विधायक सिमरजीत बैंस की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

14 पेजों के आदेश में कहा, केस दर्ज कर पुलिस जुटाए सबूत

इस मामले में एडिशनल चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट ने 14 पेजों के आदेश में कहा कि विधायक व उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। जिसकी गहनता से जांच होनी जरूरी है। जांच के दौरान ही इस मामले में पुलिस पूरे सबूत जुटा सकती है। ऐसे हालातों में महिला को खुद सबूत इकट्ठा कर कोर्ट में पेश करने के लिए नहीं कहा जा सकता। इसलिए इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस के द्वारा जांच करवाना जरूरी है।

कोर्ट ने पुलिस को रेप के साथ सबूतों से छेड़छाड़ व अन्य धाराओं में केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। हालांकि इस मामले में अभी तक विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी है। इस मामले में विधायक बैंस के साथ कर्मजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह और गोगी शर्मा को भी आरोपी बनाया गया है।

यह है मामला

लुधियाना की रहने वाली एक महिला ने विधायक बैंस पर रेप समेत अन्य आरोप लगाए थे। पुलिस द्वारा मामला दर्ज न करने पर महिला द्वारा एडवोकेट हरीश राय ढांडा व अन्य सहयोगी वकीलों के जरिए थाना डिवीजन नंबर छह के हलका मजिस्ट्रेट पलविंदर सिंह की अदालत में विधायक बैंस व उनके साथियों के खिलाफ रेप, छेड़छाड़, धमकाने व साजिश के आरोप लगा एक दरखास्त 156(3) सीआरपीसी के तहत लगाई थी। जिसमें महिला ने कहा था कि उसके पति की मौत हो चुकी है। उन्होंने लोन पर एक घर खरीदा था। लेकिन पति की मौत के बाद लोन की किश्तें न दे पाने के कारण बैंक वाले उसे परेशान करने लगे।

वह इस संबंध में विधायक बैंस के पास मदद के लिए गई थी। महिला के अनुसार बैंस के संपर्क में आने के बाद उसे चार अगस्त 2020 को अपने ऑफिस बुलाकर उसके साथ रेप किया। इसी तरह उसे कई बार ऑफिस बुलाकर रेप किया। जबकि बाकी साथी उसे धमकाने व दबाव बनाने की साजिश में शामिल है।

ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा महिला की दरखास्त को रद्द कर दिया गया। जिस पर महिला रिवीजन में चली गई। जिस पर एडिशनल सेशन जज आरके गर्ग द्वारा मामला दोबारा ट्रायल कोर्ट में भेजकर अच्छे से सुनवाई करने के आदेश दिए। जिस पर एसीजेएम हरसिमरनजीत सिंह द्वारा दोनों पक्ष के वकीलों को सुनने के बाद महिला द्वारा डाली 156 (3) सीआरपीसी की दरखास्त को मंजूर कर आदेश जारी किए। पीड़िता के वकील हरीश राय ढांडा ने कहा कि सरकार द्वारा कानून व इंसाफ को कुचलने की कोशिश नाकामयाब हुई और कानून की जीत हुई है। वहीं एडवोकेट वरूण गुप्ता ने कहा कि कोर्ट द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों को देखने के बाद उसी के आधार पर फैसला सुनाया है।

खबरें और भी हैं...