रियलिटी चेक:सिविल अस्पताल में गंदगी, मरीजों को व्हीलचेयर नहीं मिल रही, लाखों से खरीदे सामान को कबाड़ में फेंका

लुधियाना11 दिन पहले
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  • कायाकल्प में सूबे में तीसरा स्थान हासिल करने वाले सिविल अस्पताल की वास्तविक स्थिति ऐसी

हाल ही में पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन (पीएचएससी) ने सूबे में सरकारी अस्पतालों की 2020-21 की कायाकल्प की सूची जारी की। इसमें सिविल अस्पताल सूबे के 22 जिलों में से तीसरा रैंक हासिल करने में सफल रहा। गौर हो कि 2020-21 का कायाकल्प वर्चुअल हुआ था।

इसमें टीमों ने ऑनलाइन ही अस्पतालों की सुविधाओं, साफ-सफाई, सेनिटेशन और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया, लेकिन इस रिजल्ट और सिविल अस्पताल की वर्तमान स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है। सिविल अस्पताल में न सिर्फ जगह-जगह गंदगी फैली है। साथ ही पानी भी जमा रहता है। मरीजों को इस्तेमाल के लिए व्हीलचेयर तक नहीं मिल पा रही है। लाखों खर्च कर मिले अस्पताल के सामान को कबाड़ कर ढेर लगाकर रखा है। ऐसी स्थिति देखकर यही सवाल उठ रहा है कि आखिर अस्पताल को फाइनल स्कोर 79.9 फीसदी कैसे हासिल हुए। यही नहीं ऐसी स्थिति में भी सूबेभर में तीसरा रैंक भी हासिल कर लिया।

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