अवेयरनेस की पाठशाला:ऑक्सीमीटर, पिंक लिंक आए तो न खोलें, नहीं तो साइबर ठगी के हो जाएंगे शिकार

लुधियाना6 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • हर महीने विभाग में आ रहीं 150 से ज्यादा शिकायतें

साइबर ठगी के ट्रेंड समय के साथ-साथ बदलते जा रहे हैं। लेकिन इनसे लोगों को अवेयर करने के लिए साइबर सैल की टीम ने अवेयरनेस करने को ऑनलाइन पाठशाला लगानी शुरू कर दी है। जिसमें पोस्ट और मैसेज के जरिए ठगों से कैसे बचें, इसके बारे में अवेयर किया जा रहा है। पुलिस ने ऑनलाइन और सैल में आने वाली शिकायतों को चैक करने के बाद 17 ऐसे लिंक खंगाले हैं।

जिनकी मदद से सबसे ज्यादा ठगी हो रही है। जिसके बारे में लोगों को ऑनलाइन समझाया जा रहा है। आकंड़ों की बात करें हर रोज साइबर सैल में 5 से 6 शिकायतें साइबर फ्राॅड की आ रही हैं। जिनपर एफआईआर रजिस्टर्ड की जा रही है और बहुत से मामलों की जांच भी जारी है। अभी भी पुलिस रिकाॅर्ड में 2 हजार से ज्यादा शिकायतों पर जांच चल रही है। लेकिन, इसे कंट्रोल करने के लिए पुलिस अब अवेयरनेस के मैथड पर काम कर रही है। जिसमें लोगों को साइबर सैल में और ऑनलाइन दोनों जगह पर जागरूक किया जा रहा है।

एमाजोन स्कैम, नेटफ्लिक्स स्कैम, केवाईसी स्कैम, आर्न 31 हजार समेत 17 लिंक भेज लोगों को फंसा रहे हैकर

6 लिंक सबसे ज्यादा ट्रेंड में, इसी पर हो रही मशक्कत

  1. ऑक्सीमीटर स्कैम- इस स्कैम में ऑनलाइन एंड्रायर्ड ऑक्सीमीटर डाउनलोड करने के लिए लिंक दिया जा रहा। जिसमें लिखा जाता है कि आसानी से अपनी ऑक्सीजन चेक कर सकते हैं। लेकिन इसे डाॅउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो जाता है।
  2. एमाजाेन एनिवर्सरी लिंक- इस लिंक पर लोगों को बेहतरीन ऑफर दिए जाते हैं, कि अगर वो इसे ज्वाइन करते हैं तो एमाजाॅन पर हर चीज पर 50 फीसदी की छूट मिलेगी। जिसे टच करते ही सिस्टम हैक हो जाता है।
  3. पिंक लिंक - किसी भी वाॅट्सएप ग्रुप या ऑनलाइन साइट पर पिंक लिंक भेजा जा रहा है। ये लिंक मोबाइल की सारी डिटेल्स अपने-आप ही हैकर तक पहुंचा देती है। जिसके बाद बैंक एप का इस्तेमाल कर पैसे ट्रांसफर किए जा रहें हैं।
  4. नेटफ्लिक्स लिंक - इस लिंक में लोगों को 6 महीने फ्री मेंबरशिप का ऑफर दिया जाता है। उक्त मैसेज टैक्सट के रूप में भेजा जा रहा है और नीचे लिंक भी शेयर किया होता है। उक्त लिंक मोबाइल को हैक कर देता है।
  5. केवाईसी लिंक - पेटीएम पर केवाईसी करवाने के नाम पर लिंक भेजने के एप से भी ठगी का काम चल रहा है। लिंक को खोलते ही खाते से पैसे उड़ने लगते हैं।
  6. आर्न 31 हजार - कोरोना पेशेंट को 31 हजार रूपए सरकार की तरफ से देने के नाम पर ठगी की जा रही है। उक्त लिंक में डिटेल भरने को कहा जाता है। जैसे ही लिंक को खोलते है तो सिस्टम हैकर के हवाले हो जाता है।

पुलिस द्वारा सलेक्ट किए 17 लिंक में से 6 लिंक ऐसे हैं, जोकि इन दिनों काफी चर्चित हैं। जिसके जरिए लोगों से 15 लाख से ज्यादा की ठगी हो चुकी है। पढ़िए हैकर कैसे कर सकते हैं आपका फोन और सिस्टम हैक..

पुलिस ऑनलाइन, ऑफलाइन कर रही जागरूक

साइबर सैल की टीम ठगी के मामलों से लोगों को बचाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन लोगों को अवेयर कर रही है। सैल में आने वाले लोगों को पूरी जानकारी दी जाती है कि किसी भी लिंक को न खोलें। इसके अलावा ऑनलाइन लोगों के सवालों के जवाब और उन्हें वीडियो काॅल के जरिए ठगों से सतर्क किया जाता है।

हमारी टीम लोगों को अवेयर कर रही है। इसके अलावा लोगों को भी चाहिए कि वो किसी भी अंजान लिंक को न खोलें। बाकी हमारे पास जो शिकायतें आती है, उनपर इंवेस्टिगेशन के बाद एफआईआर रजिस्टर की जा रहीं है।

-रूपिंदर कौर भट्टी, एडीसीपी क्राइम

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