राजनीतिक दखल के बाद बदला शहर का समय:पुलिस पर AAP MLA पड़ रहे भारी, 11 बजे की जगह अब 11.45 बजे तक खुलेगे ढाबे, जल्द होंगे आदेश जारी

लुधियाना13 दिन पहले
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शहर का समय बदलवाने के लिए सर्कट हाऊस में पिछले दिनों बैठक करते आम आदमी पार्टी लुधियाना के विधायक । (फाईल फोटो) - Dainik Bhaskar
शहर का समय बदलवाने के लिए सर्कट हाऊस में पिछले दिनों बैठक करते आम आदमी पार्टी लुधियाना के विधायक । (फाईल फोटो)

पंजाब के शहर लुधियाना में पिछलों दिनों बढ़ रही वारदातों के कारण पुलिस कमिश्रनर कौस्तुभ शर्मा ने निर्देश जारी किये थे कि कोई भी ढाबा या आईसक्रीम पार्लर रात 11 बजे के बाद नहीं खुलेगा। इस बात शहर में खूब विवाद हुआ। शहर के दुकानदार आम आदमी पार्टी के विधायकों की शरण में चले गये थे।

इस मामले में लोगों के साथ आम आदमी पार्टी के विधायकों ने बैठकें भी की। विधायकों ने लोगों को भरोसा दिया था कि वह शहर बंद होने का समय बदलवा देंगे। इस बात पर एक बार तो लुधियाना CP और विधायकों की आपस में मीटिंग किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही थी। पुलिस ने भी इस मामले में स्टैंड ले लिया था कि समय नहीं बदला जाएगा। फिर राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस को नरम होना पड़ा।

पहले शहर रात 11 बजे बंद हो जाया करता था लेकिन अब बताया जा रहा है कि राजनीतिक नेताओं के आगे CP को भी अपने दिये निर्देश बदलने पड़े।शहर बंद होने का समय 11 बजे की जगह अब 11.45 हो गया है। CP ने अब फिर से नये आर्डर लिखित में शनिवार देर शाम निकाले। पुलिस कमिश्रनर ने सख्त निर्देश दिये है कि यदि किसी ढाबे या आईसक्रीम पार्लर के बाहर कोई भी गाड़ी लगा कर शराब पीता मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कमिश्रनर डा.कौस्तुभ शर्मा।
पुलिस कमिश्रनर डा.कौस्तुभ शर्मा।

आप सरकार खुद घिरी अपनी कही बात पर

चुनाव जीतने से पहले और सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि पंजाब पुलिस को ओपन हैंड रखा जाएगा। शहरों में किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए ये देखना पुलिस का काम है, नेताओं का नहीं। कोई नेता या विधायक पुलिस के काम में दखल नहीं देगा। लेकिन लुधियाना के आम आदमी पार्टी के विधायक पुलिस पर अपना दबाव बनाने में लगे है और पुलिस कमिश्रनर के दिये निर्देशों में कही न कही बदलाव करवा कर अपना राजनीतिक प्रभाव लोगों में दिखाना चाहते है। यदि इसी तरह शहर में पुलिस के कार्य में राजनेताओं का दखल रहता है तो कही न कही पुलिस अपने आप में राजनेताओं का दबाव महसूस करेंगी और खुल कर काम नहीं कर पाएगी।