ED को मिले 6.70 करोड़ रुपए:GMADA गबन मामले में सुखबीर बादल के करीबी गुरदीप सिंह के घर 2 दिन से चल रही जांच

लुधियानाएक वर्ष पहले
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पंजाब के ग्रेटर मोहाली एरिया डवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) गबन मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने पांच लॉकर और 6.70 करोड़ रुपए बरामद किए हैं। इस मामले की जांच ED के साथ इनकम टैक्स विभाग (IT) की तरफ से भी की जा रही है। ED और IT वर्ष 2017 की तरफ से GAMADA में हुए 1200 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े में मुख्य आरोपी सुरिंदर पहलवान से ट्रांसपोर्ट कारोबारी और फास्ट-वे केबल कंपनी के मालिक गुरदीप सिंह से लिंक तलाश रही हैं।

शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल के करीबी गुरदीप सिंह के घर पर ED के बाद शुक्रवार को इनकम टैक्स महकमे ने भी जांच शुरू कर दी। जांच के दूसरे दिन IT के 24 अधिकारी गुरदीप सिंह के घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि टीम को यहां से बड़ी मात्रा में नकदी मिली है और इसकी जांच के लिए ही IT को बुलाया है।

ED टीम गुरुवार सुबह गुरदीप के घर पहुंची। टीमें उनके घर और फास्ट-वे कार्यालय पर जांच कर रही हैं। गुरदीप सिंह सुखबीर के नजदीकी हैं और सुरिंदर पहलवान भी अकाली दल का करीबी रहा है। इस रेड से पंजाब की राजनीति में बड़ा उबाल आने की चर्चाएं गर्म हैं।

गुरदीप के घर समेत अन्य ठिकानों पर जांच

ED की टीमें शहर में गुरदीप सिंह के घर समेत 4 जगह जांच कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, ED अधिकारियों ने गुरदीप सिंह और उनके स्टाफ से बैंक डिटेल से लेकर दूसरी तरह के रिकॉर्ड की मांग की है। यह भी जानकारी मिल रही है कि उनके कार्यालयों में अकाउंट डिपार्टमेंट में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटरों की भी जांच हो रही है। पिछले समय में हुए लेन-देन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्र बता रहे हैं कि पंजाब में ED की टीमों ने कई जगह छापा मारा है। मामला 2017 में स्टेट विजिलेंस टीम की ओर से दर्ज केस से जुड़ा है और ठेके देने के मामले में बड़े घोटाले का है।

गुरदीप सिंह के घर पर छापे की कार्रवाई के बीच चल रही हलचल।
गुरदीप सिंह के घर पर छापे की कार्रवाई के बीच चल रही हलचल।

गुरदीप सिंह का केबल और ट्रांसपोर्ट का बड़ा कारोबार

गुरदीप सिंह पंजाब में फास्ट-वे ऑपरेटर कंपनी के मालिक हैं। वह शिरोमणि अकाली दल के नेता भी हैं। इसके अलावा गुरदीप सिंह जुझार ट्रांसपोर्ट के मालिक भी हैं। जुझार ट्रांसपोर्ट पंजाब में बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियों में से एक है। इसके तहत बसें, ट्रक और दूसरे वाहन चलते हैं।

अय्याली के बाद गुरदीप पर शिकंजा

पंजाब में अकाली दल बादल के विधायक मनप्रीत सिंह अय्याली के बाद पार्टी के नजदीकी गुरदीप सिंह पर बड़ी कार्रवाई हुई है। इनकम टैक्स अधिकारियों की तरफ से 9 दिन पहले यह जांच की गई थी। हालांकि जांच में विभाग को कुछ भी नहीं मिला था, लेकिन इसे SAD नेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

गुरदीप सिंह के घर पर छापे की कार्रवाई के बीच चल रही हलचल।
गुरदीप सिंह के घर पर छापे की कार्रवाई के बीच चल रही हलचल।

चुनाव के लिए दबाव की राजनीति

पंजाब में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले राजनीतिक नेता सेंट्रल एजेंसियों के निशाने पर हैं। इससे पहले लुधियाना से सुखबीर बादल के करीबी अकाली विधायक मनप्रीत सिंह अय्याली पर IT की रेड हुई। ED ने AAP छोड़ कांग्रेसी नेता सुखपाल खैहरा को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। सेंट्रल एजेंसियां इसे रुटीन कार्रवाई बता रही हैं, लेकिन सियासत के लिहाज से अचानक बढ़ी सख्ती को पंजाब में 3 महीने बाद हो रहे चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या है 2017 GMADA का गबन मामला

ED के सूत्रों के मुताबिक, वह GAMADA के पूर्व चीफ इंजीनियर सुरिंदर पाल सिंह के साथ गुरदीप जुझार के लिंक की जांच कर रहे हैं। सुरिंदर पाल उर्फ पहलवान अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल का करीबी रहा है। उसे जालंधर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में नामजद किया था। यह केस पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की जांच के बाद दर्ज किया था। विजिलेंस ब्यूरो ने 9 जून 2017 को पहलवान को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ जांच में पता चला था कि उसने गलत रेट पर 1200 करोड़ के काम अलॉट किए।

उस पर बोगस फर्म और फैमिली मेंबर के अकाउंट में ब्लैक मनी जमा कराने का आरोप है। सुरिंदर पाल पहलवान ने 1993 में जूनियर इंजीनियर के तौर पर पंजाब मंडी बोर्ड जॉइन किया था। इसके बाद 2014 में वह गमाडा में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर बना। फिर 2016 में उसे कार्यकारी चीफ इंजीनियर बना दिया गया। सितंबर 2019 में विजिलेंस ब्यूरो ने उसकी 59 प्रॉपर्टी अटैच की थी, जिनकी कीमत करीब 26 करोड़ रुपए थी। यह कार्रवाई मोहाली कोर्ट के आदेश पर की गई थी। इस मामले में विजिलेंस 4 चालान भी कोर्ट में पेश कर चुका है।

विजिलेंस ब्यूरो की जांच में सामने आया था कि सुरिंदर पहलवान ने अपने परिवार वालों के नाम पर 3 बोगस कंपनियां बनाई थीं। इसमें कई करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। GMADA में रहते सुरिंदर पहलवान ने 200 से ज्यादा प्रोजेक्टों में अपनी पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाया। उन्होंने 'इक ओंकार' बिल्डर्स एंड कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. बनाई और उसे अवैध तरीके से वर्क ऑर्डर अलॉट किए। यह कंपनी लुधियाना के गोबिंद नगर में एक घर से चल रही थी। इसके जरिए करीब 400 करोड़ की हेराफेरी की गई। इसके अलावा उसने लुधियाना, रोपड़, मोहाली और चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदी थी। विजिलेंस ब्यूरो ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया।