बैंस के खिलाफ कड़वल का शक्ति प्रदर्शन:आत्मनगर में बड़ी चुनावी रैली के साथ चुनाव प्रचार का आगाज, विधायक का किला ढाना चाहती है कांग्रेस

लुधियाना9 महीने पहले
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रैली स्थल पर प्रबंधों का जायजा लेते विधायक कंवलजीत सिंह कड़वल व कुलदीप सिंह वैद। - Dainik Bhaskar
रैली स्थल पर प्रबंधों का जायजा लेते विधायक कंवलजीत सिंह कड़वल व कुलदीप सिंह वैद।

कंवलजीत सिंह कड़वल, विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इसके लिए विधायक बैंस की पसंदीदा जगह गिल रोड की अनाज मंडी को ही चुना गया है। यहां पर 22 नवंबर को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहुंच रहे हैं और वे वर्करों के साथ-साथ आम जन को भी संबोधित करेंगे। रैली के माध्यम से पंजाब में कांग्रेस का चुनावी बिगुल बज रहा है और बैंस का किला ढाने का प्रयास भी होगा। अनाज मंडी में रैली की तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही हैं। नगर निगम के सफाई कर्मी दो दिन से एरिया चमकाने में लगे हैं, सड़कों की मुरम्मत की जा रही है और सीएम सिक्योरिटी के अधिकारी भी यहां पहुंच चुके हैं। अनाज मंडी में बड़ी संख्या में वर्करों और आम लोगों के बैठने का बंदोबस्त कर दिया गया है।

रैली स्थल पर सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के स्वागत में लग रहे बोर्ड।
रैली स्थल पर सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के स्वागत में लग रहे बोर्ड।

बैंस पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी, फायदा लेना चाहती है कांग्रेस
विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और उनके 6 साथियों के खिलाफ उनके ही एरिया की एक महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया है। इस मामले में पुलिस अदालत में चालान भी पेश कर चुकी है। पिछली तारीख पर सिमरजीत सिंह बैंस अदालत में पेश नहीं हुए थे तो उनके गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। कांग्रेस इसका फायदा उठाना चाहती है। जब बैंस बड़े मामले में फंसे हैं तो यहां से चुनाव जीतना कांग्रेस को आसान लग रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस की तरफ से पहली रैली यहां पर ही की जा रही है।

लुधियाना में अनाज मंडी गिल रोड पर सफाई करते हुए सफाई कर्मचारी।
लुधियाना में अनाज मंडी गिल रोड पर सफाई करते हुए सफाई कर्मचारी।

2017 का चुनाव बैंस के खिलाफ लड़ चुके हैं कड़वल
2017 का विधानसभा चुनाव कंवलजीत सिंह कडवल ने सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ लड़ा था और वह करीब 17 हजार वोट से हार गए थे। आत्मनगर विधानसभा क्षेत्र सिमरजीत सिंह बैंस का गढ़ माना जाता है और वह यहां पर अच्छा प्रभाव रखते हैं। इसी बीच कंवलजीत सिंह कड़वल की तरफ से अब पूरा जोर लगाया जा रहा है कि वह टिकट हासिल कर लें और यहां से चुनाव जीत जाएं। जबकि विधायक कुलदीप वैद इसकी भविष्यवाणी कर चुके हैं।

कभी दोस्त थे, अब दुश्मन हो गए कड़वल-बैंस
सिमरजीत सिंह बैंस और कंवलजीत सिंह कडवल पहले खास दोस्त हुआ करते थे। कहा जाता है कि सिमरजीत सिंह बैंस का लंबा सियासी जीवन कडवल के साथ ही बीता है। अकाली दल बादल में रहते हुए तहसीलदार से मारपीट के मामला दोनों पर दर्ज हुआ था। मगर अब वह दोनों एक दूसरे के सियासी विरोधी हैं और एक दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं।