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प्रदूषण से शहरियों को बड़ी राहत:उत्तर भारत में पहला माॅडर्न कारकस यूटिलाइजेशन प्लांट बनकर हो चुका तैयार, 30 मई तक होगा शुरू

लुधियाना5 महीने पहले
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प्लांट को पीपीपी मोड पर बनाया है। - Dainik Bhaskar
प्लांट को पीपीपी मोड पर बनाया है।

निगम लिमिट में मृत पशुओं के कारण फैलने वाली बीमारियों व प्रदूषण से शहरियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत नूरपुर बेट में कारकस यूटीलाइजेशन प्लांट बनकर तैयार हो चुका है। ये 30 मई तक शुरू हाेगा। इसकी पुष्टि निगम कमिश्नर व स्मार्ट सिटी के सीईओ प्रदीप कुमार सभ्रवाल ने की है। निगम कमिश्नर ने बताया कि नूरपुर में मॉडर्न तरीके से प्लांट बनाया गया है, जो नाॅर्थ इंडिया का पहला प्लांट होगा, जिससे पॉल्यूशन का जीरो डिस्चार्ज होगा। प्लांट को पीपीपी मोड पर बनाया है।

सात सालों तक इस प्लांट का ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। इस दौरान निगम को एक लाख की आमदनी तय समय अनुसार कंपनी द्वारा अदा होगी। बता दें कि भास्कर द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद मेयर बलकार सिंह संधू और अन्य अधिकारियों ने जोधपुर कारकस यूटीलाइजेशन प्लांट का दौरा किया था। और उसके बाद यहां पर स्मार्ट सिटी के तहत प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी।

शिकायत मिलते ही तीन घंटों में मृत जानवर को उठाएगी कंपनी

निगम कमिश्नर ने बताया कि प्लांट बनने के बाद शहर में कहीं भी पशु की मौत होने पर उसे तीन घंटे में उठाना जरूरी होगा। यह प्लांट 5 एकड़ में बनाया गया है। प्लांट में रोज 150 पशुओं की कैपेसिटी होगी। इसमें 50 बड़े और 100 छोटे मॉडर्न मशीनें होंगी। मृत पशुओं से प्लांट के जरिए कई प्रकार की चीजें तैयार होंगी। जिसे कंपनी खुद ही बेचेगी।

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