सीएस का दावा:हलवारा में जनवरी तक उड़ान, इसी माह में नहरी पानी योजना पर शुरू होगा काम

लुधियाना3 महीने पहले
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बचत भवन में मीटिंग के दौरान चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन। - Dainik Bhaskar
बचत भवन में मीटिंग के दौरान चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन।
  • शहर की नुहार बदलेंगे 11494 करोड़ के प्रोजेक्ट

हलवारा में जनवरी 2022 तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने, निगम हद में शहर में 24 घंटे नहरी पानी योजना लाने और 650 करोड़ से बुड्ढा नाला कायाकल्प प्रोजेक्ट दिसंबर 2022 तक पूरा होने वाले प्रमुख प्रोजेक्टों समेत विकास के अन्य चल रहे कामों को लेकर चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन ने सभी सरकारी महकमों के अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग की।

मीटिंग में सीएस ने दावा किया है कि लुधियाना को स्मार्ट और अत्याधुनिक शहर में बदलने के उद्देश्य से 11493.89 करोड़ रुपए के बुनियादी ढांचे के विकास प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। इस दौरान सीएस ने जिला प्रशासन के सीनियर अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग दौरान चल रहे प्रमुख विकास कार्यों की प्रगति का जायजा भी लिया।

वहीं इससे पहले प्रेस काॅन्फ्रेंस में किला रायपुर में अडाणी ग्रुप द्वारा अपना ड्राई पोर्ट बंद करने के सवाल पर चीफ सेक्रेटरी ने साफ तौर पर किसान विरोध को कारण नहीं माना। उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि लोकल स्तर पर कई बार समस्याएं आ जाती हैं। इंडस्ट्री को बिजनेस आसान करने के लिए ज्यादा मदद की जा रही है। तीन इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जा रहे हैं। इनमें लुधियाना, राजपुरा के नजदीक और बठिंडा शामिल हैं। आदित्य बिरला, जेके पेपर द्वारा इडंस्ट्री पार्क में अपनी यूनिट्स स्थापित की गई हैं।

प्रोजेक्ट रिव्यू : दिसंबर 2022 तक हो जाएगा बुड्‌ढे नाले का कायाकल

  • 3,383.89 करोड़ रुपए की लागत से 24 घंटे नहरी पानी की सप्लाई प्रोजेक्ट लाया जाएगा। इसके ट्रीटमेंट प्लांट की जमीन की पहचान कर ली गई है और 38 करोड़ रुपए की राशि भी जारी की जा चुकी है। सीएस ने आदेश दिए कि ज़मीन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 31 अगस्त, 2021 तक पूरी की जाए।
  • सीएस ने 5700 करोड़ की लागत से नये राष्ट्रीय राजमार्गोंः दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस वे, तलवंडी भाई से फ़िरोज़पुर को 4-लेन बनाने, लुधियाना-तलवंडी एनएच-95, खरड़-लुधियाना और लाडोवाल बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया इस साल 15 अक्तूबर तक मुकम्मल करने को कहा गया।
  • बुढ्ढा नाला के प्रदूषण से लोगों को राहत देने के लिए 650 करोड़ रुपए की लागत से बुढ्ढा नाला के कायाकल्प का काम जोरों पर चल रहा है और सीएस ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अगले साल दिसंबर तक पूरा होगा।
  • हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण के बारे में सीएस ने कहा कि अगले साल जनवरी तक इसका काम मुकम्मल होगा।
  • गांव धनांसू में हाई-टेक साइकिल वैली अगले साल फरवरी तक पूरी तरह चालू हो जाएगी।
  • लुधियाना नगर निगम द्वारा सभी विकास प्रोजेक्टों को निर्धारित समय में मुकम्मल करने के निर्देश देते हुए राजस्व वसूली का जायज़ा भी लिया और अधिकारियों को इसमें तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
  • इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में चल रहे विकास कार्यां को लेकर भी चर्चा की।
  • गांव बुर्ज हरी सिंह(रायकोट) और लुधियाना शहर के जमालपुर क्षेत्र में दो नए सरकारी डिग्री कॉलेज बनाए जा रहे हैं और दोनों इस साल अक्तूबर तक मुकम्मल हो जाएंगे।

पटियाला में दो दिनों में शुरू होगी जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्टिंग
वहीं, मीडिया के साथ बातचीत के दौरान चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान पंजाब में जितने भी संक्रमित मिले उनमें से अधिकतर डेल्टा वेरिएंट के रहे थे। केंद्र की लैब्स में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल्स भेजे जाते हैं। ऐसे में अब राज्य स्तर पर भी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज पटियाला में सिक्वेंसिंग के लिए उपकरण लगाने के अलावा, पायलट टेस्टिंग और स्टाफ की ट्रेनिंग करवा दी है। दो दिनों में रुटिन में नए वेरिएंट की जांच शुरू कर देंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा सेहत कर्मी भी किए जा रहे भर्ती, नई पोस्टें भी की तैयार
सूबे में सेहत सुविधाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही नई पोस्ट भी तैयार की गई हैं। स्पेशलिस्ट से लेकर एमबीबीएस डॉक्टर्स, नर्सेस, टेक्नीशियन इत्यादि रखे जा रहे हैं। एग्जाम की जिम्मेदारी बाबा फरीद यूनिवर्सिटी को दी गई है। पंजाब में एक लाख आबादी में से एक मौत का आंकड़ा दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुकाबले एक तिहाई है। पंजाब ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम में किसी भी मौत के आंकड़े को छुपाया नहीं गया है। पंजाब में कोविड-19 से ज्यादा मौतें नहीं हुई हैं जो अब साफ हो गया है।

स्कूलों में रोजाना लिए जाएंगे 10 हजार सैंपल
शिक्षा विभाग को खास हिदायत दी हैं कि स्कूलों से रोजाना 10 हजार सैंपल्स लिए जाएं। ताकि संक्रमण के बारे में जल्द से जल्द पहचान हो सके। कोवा एप को अपग्रेड किया जा चुका है। साथ ही डेटा एनालिसिस, जीआईएस(ज्योग्राफिक इंफाॅर्मेशन सिस्टम) आधारित फॉलोअप किया जा रहा है।

जिससे हमें ये पता चल रहा है कि किस इलाके से ज्यादा केस आने शुरू हुए हैं। ऐसे में हम माइक्रो लेवल पर ही कंटेनमेंट जोन बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। स्लम एरिया में वैक्सीनेशन को बढ़ाने के लिए हम कह रहे हैं कि किसी भी प्रूफ की कमी पर वैक्सीन लगवाने से नहीं रोका जाएगा।

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