लुधियाना में गणेश चतुर्थी की धूम:बेहद आकर्षक हैं 200 किलो बेल्जियम चॉकलेट से बने गणेश का अवतार, वजन 212 किलो है और ऊंचाई साढ़े 7 फीट

लुधियानाएक महीने पहले
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चॉकलेट से बने गणेश के साथ बेकरी के मालिक हरजिंदर कुकरेजा। - Dainik Bhaskar
चॉकलेट से बने गणेश के साथ बेकरी के मालिक हरजिंदर कुकरेजा।

पंजाब के लुधियाना शहर में जगह-जगह गणेश चतुर्थी की धूम है। पंडाल और घरों में श्री गणेश विराजमान हुए हैं और हर जगह इनका अलग ही रूप दिख रहा है। मगर सराभा नगर की बेलफ्रांस बेकरी में विराजमान गणेश का रूप ही निराला है। उन्हें देखने बड़ी संख्या लोग पहुंच रहे हैं। सराभा नगर की खासियत यह है कि उनकी मूर्ति को 200 किलो बेल्जियम चॉकलेट से बनाया गया है और इनका वजन 212 किलो है व हाइट साढ़े 7 फीट है। यह खाए जा सकते हैं और इससे भी ज्यादा मनमोहक इस पर लगे ड्राईफ्रूट हैं, जो इटली से लाए गए हैं। इस चॉकलेट गणेशा का पूजन होता है और इसके लिए लोग यहां विशेष तौर पर पहुंचते हैं। बेकरी के मालिक हरजिंदर कुकरेजा बताते हैं कि वह 6 साल से इसी तरह चॉकलेट के गणेश बनाते है। पिछले साल बैठे हुए गणेश बनाए थे और इस बार लेटे हुए गणेशा बनाए हैं।

चॉकलेट से बने गणेश की पूजा करते लोग।
चॉकलेट से बने गणेश की पूजा करते लोग।

पर्यावरण फ्रेंडली हैं गणेश

हरजिंदर कुकरेजा बताते हैं कि क्योंकि गणेश चॉकलेट से बने हैं तो यह पर्यावरण फ्रेंडली हैं। कई जगह पर पीओपी के गणेश बनाए जाते हैं और इसे बाद में दरिया में विसर्जित किया जाता है, जिससे पानी का प्रदूषण फैलता है। मगर यहां ऐसा नहीं है। 8 दिन की पूजा अर्चना के बाद इस चॉकलेट गणेश को दूध में विसर्जित किया जाएगा और फिर इस दूध को आसपास के बच्चों को प्रसाद के तौर पर बांट दिया जाएगा। इससे बच्चों को गणेश का प्रसाद भी मिलेगा और प्रदूषण भी नहीं होगा।

6 साल से ऐसे ही मनाते हैं गणेश चतुर्थी

हरजिंदर कुकरेजा के अनुसार, वह पिछले 6 साल से इसी तरह से चॉकलेट के गणेश बना रहे हैं। पहले बेहद छोटे आकार के गणेशा बनाया करते थे और अब इसका वजन बढ़ाया गया है व आकार भी। हरजिंदर कहते हैं कि लोग यहां इस विशेष गणेश की पूजा अर्चना में ही शामिल होने नहीं आते हैं, बल्कि इसके साथ सेल्फी खिंचवाने भी आते हैं। इसकी संभाल करना बेहद जरूरी है। इसे ठंडा रखने के लिए एसी दिन रात चलते हैं, क्योंकि जरा-सी गर्मी इसकी डेकोरेशन खराब कर देगी। यही कारण है कि लोग इसे अपने घर पर नहीं रखना चाहते हैं।

चॉकलेट से बने गणेश को ड्राइफ्रूट से सजाते हरजिंदर कुकरेजा।
चॉकलेट से बने गणेश को ड्राइफ्रूट से सजाते हरजिंदर कुकरेजा।

एक सप्ताह का समय लगा बनाने में

जिस तरह से श्री गणेश की मूर्तियां बनाने वाले कारीगर गणेश चतुर्थी से एक माह पहले ही इस काम में जुट जाते हैं। उसी तरह इस गणेश को बनाने का काम एक सप्ताह पहले ही शुरू हो जाता है। बेकरी के विशेष कारीगर इस पर पूरा-पूरा दिन लगाकर इसे 7 दिन में बनाते हैं और इतने ही दिन इसे संभालकर रखने में लगते हैं। इसके लिए विशेष तापमान की जरूरत होती है और यह काम काफी खर्चीला व मेहनत वाला है। मगर आस्था के आगे कोई चीज मायने नहीं रखती है।

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