कोरोना की मार:वैक्सीन डिमांड से 40% मिल रही, 18+ को लगाना होगी चुनौती, ऑक्सीजन खपत भी तीन गुणा हो गई

लुधियाना7 महीने पहले
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अब तक जिले की 19.6 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगी है। - Dainik Bhaskar
अब तक जिले की 19.6 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगी है।
  • 1052 नए संक्रमित, लुधियाना के 952, 18 मरीजों की मौत, 7844 एक्टिव मरीज
  • कोविशील्ड की दूसरी डोज 6-8 हफ्ते बाद ही लगवाएं : डॉ. जुनेजा

एक मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के लाेगाें काे वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। मगर हालात यह है कि मौजूदा डिमांड की मात्र 40 फीसदी वैक्सीन ही उपलब्ध हो रही है। इससे वैक्सीनेशन के लिए जो कैंप पहले 80 के करीब लगते थे अब घटकर वीरवार को 31 ही लगेंगे। ऐसे में दो दिन बाद 18 प्लस के लोगों को वैक्सीनेशन कैसे लगेगी और जिले को कितनी सप्लाई मिलेगी, इसका प्रोग्राम अभी तय ही नहीं है। आंकड़ों पर जाएं तो अब तक जिले की 19.6 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगी है।

जिले में 18 साल से ऊपर की कुल 26,06,484 आबादी है, जिसमें से 45 प्लस के 5,10,379 को अब तक वैक्सीन लगी है। इसमें भी 16.64 फीसदी आबादी को अभी पहली डोज और महज 2.93 फीसदी को ही दूसरी डोज लग सकी है। हालात यह है कि वैक्सीनेशन सप्लाई और डिमांड में बड़ा अंतर होने से कई सेंटरों पर तो वैक्सीनेशन लगवाने वाले वापस लौटकर जा रहे हैं या कतारों में खड़े रहकर इंतजार कर रहे हैं। 27 अप्रैल को तो वैक्सीन की कमी से 2949 और 22 अप्रैल को 5338 ही वैक्सीन लगी थी। 45 पार के लोगों की वैक्सीनेशन पूरी कर पाने को पर्याप्त वैक्सीन नहीं मिल रही तो दो दिन बाद हालात क्या होंगे, इसका अनुमान लगाया जा सकता है।

वैक्सीनेशन कैंप 80 से घटकर 31 तक पहुंचे, दो दिन बाद 18+ को वैक्सीन लगाना कैसे होगा संभव

डिस्ट्रिक्ट इम्यूनाइजेशन अफसर डॉ. पुनीत जुनेजा ने बताया कि वैक्सीन की डोज के बारे में पता चलने के बाद ही वैक्सीनेशन साइट्स के बारे में निर्णय हो सकेगा। अभी हम कुछ नहीं कह सकते। सरकार के आदेश के मुताबिक ही हम काम करेंगे। वहीं, कई लोगों को जिन्होंने कोविशील्ड की वैक्सीन लगवाई। अगर उन्हें ये मैसेज आया है कि वो 28 दिनों बाद वैक्सीन लगवाएं तो वो 6-8 हफ्ते में वैक्सीन लगवाए। सर्वर में समस्या से ये टेक्निकल समस्या आई है।

18 की मौत, 770 ऑक्सीजन पर

लुधियाना में बुधवार को 1052 नए संक्रमित पाए गए। इनमें से 952 लुधियाना और 100 बाहरी जिलों व राज्यों के रहे। बुधवार को 18 मरीजों की मौत हुई। इनमें से 15 मरीज लुधियाना से संबंधित थे। जिले के एक्टिव केस अब बढ़ कर 7844 हो चुके हैं। इनमें से 6021 होम आइसोलेशन में हैं। जबकि 770 मरीज ऑक्सीजन पर हैं और 15 मरीज गंभीर हैं। जिन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। बुधवार को 546 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। अब तक कुल 1346 मरीजों की मौत हो चुकी है। बुधवार को आए संक्रमितों में संपर्कों के 83 मरीज, 10 सेहत कर्मियों, 2 गर्भवतियों, 1 पुलिस मुलाजिम, 13 कैदियों, 1 अंतर्राष्ट्रीय ट्रेवलर की रिपोर्ट पॉजिटिव रही।

बुधवार को 236 रैपिड रिस्पांस टीमों ने 1491 मरीजों की स्क्रीनिंग की। जिले में अब 7618 एक्टिव होम क्वारेंटाइन केस हैं। बुधवार को 8152 सैंपल्स लिए गए। अन्य जिलों व राज्यों के अब तक 7690 मरीज संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 326 एक्टिव केस हैं और 682 की मौत हो चुकी है।

बुधवार को हुई मौतों में 7 महिलाएं और 8 पुरुष थे। इनमें से 8 मरीज डायबिटीज और 7 मरीज हाइपरटेंशन के मरीज थे। हालात यह है कि मृतकों की अंतिम रसमें भी वालंटियर ही पीपीई किट पहन कर रहे हैं। मृतकों में दुगरी, मेहरबान, सुखदेव एवेन्यू, अजीत नगर, गोल्फ लिंक, शिमलापुरी और खन्ना की महिलाएं, शिवाजी नगर, नेहरु नगर, सुभाष नगर, विकास नगर, हौरा, ताजपुर रोड, सुंदर नगर और राड़ा साहिब से पुरुष शामिल रहे।

हॉस्पिटल्स में एडमिट हैं 1440 मरीज, : जिले में 1440 मरीज हॉस्पिटल्स में एडमिट हैं। इनमें 1047 मरीज ऑक्सीजन पर हैं और 393 आईसीयू बेड्स पर हैं। वहीं, जिले में ऑक्सीजन की मांग जो 15 मार्च से पहले राेज 5-10 टन थी अब बढ़कर 32 टन हो चुकी है। 3600 सिलेंडर रोजाना के लग रहे हैं। इनमें से 1800 सिलेंडर लुधियाना से और 1800 बाहरी राज्यों से मंगवाए जा रहे हैं।

कोरोना मृतकों के परिजनों के लिए सिविल अस्पताल में निगम ने बनाया कंट्रोल रूम

कोविड-19 से मरने वाले लोगों का संस्कार समय पर न होने और परिजनों को यहां वहां भटकने के लिए मजबूर नहीं होना होगा। सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने मेयर बलकार सिंह संधू और निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल से मीटिंग की। मीटिंग में बताया गया कि कोविड-19 से मरने वाले लोगों के संस्कार के लिए कमेटी का गठन किया गया है। उन्हाेंने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के संस्कार में परिवार की मदद के लिए सिविल अस्पताल में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जो रस्में, पीपीई किटों, सेनेटेशन आदि में सहयोग करेगा। यह कंट्रोल रूम निगम द्वारा चलाया जाएगा और भोजन सिविल सप्लाई संवेदना ट्रस्ट द्वारा मुहैया करवाया जा रहा है। कंट्रोल रूम सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दोपहर 2 बजे तक रात 10 बजे तक दो शिफ्टों में काम करेगा। संवेदना ट्रस्ट ने सात वाहन भी मुहैया कराए हैं, ताकि संस्कार के लिए परेशानी न आए।

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