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साइकल उद्योग जगत को बड़ी क्षति:नोवा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन हरमोहिंदर पाहवा का दिल का दौरा पड़ने से निधन, कॉफी क्लब के दोस्तों में मजाक पर आखिरी बार हंसे

लुधियाना9 दिन पहले
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नोवा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और लुधियाना के जाने माने उद्यमी हरमोहिंदर सिंह पाहवा का रविवार को देहांत हो गया। वह आज अपने उन दोस्तों के साथ इस जहान से रुखसत हुए हैं, जिनके साथ समय बिताना उन्हें सबसे अच्छा लगता था।

दरअसल, हरमोहिंदर सिंह पाहवा हर रविवार अपने दोस्तों के साथ कॉफी जरूर पीते थे। इसी क्रम में आज वह कॉफी क्लब के अपने चुनिंदा दोस्तों के साथ सतलुज क्लब में कॉफी पी रहे थे। अचानक एक चुटकले पर खिलखिलाकर हंसते हुए वह नीचे गिर गए।

एक समारोह के दौरान हरमोहिंदर सिंह पाहवा और अन्य। -फाइल फोटो
एक समारोह के दौरान हरमोहिंदर सिंह पाहवा और अन्य। -फाइल फोटो

उन्हें आनन-फानन में हीरो हार्ट ले जाया गया, लेकिन वहां पर उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के साथ उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। 77 वर्षीय सरदार पाहवा जाने-माने उद्योगपति, नोवा साइकल, एवन साइकल कंपोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और वीएस ऑटो प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष भी थे। पाहवा के परिवार में बेटा रोहित और दो बेटियां हैं। उनकी एक बेटी के लंदन से आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स (सीआईसीयू) के उपाध्यक्ष पंकज शर्मा बताते हैं कि “वह रविवार दोपहर सतलुज क्लब में अपने कॉफी क्लब के सदस्यों के साथ कॉफी का आनंद ले रहे थे और एक मजाक पर जब हंसते हुए दाद दे रहे थे तो वह अचानक गिर गए। .उन्हें हीरो डीएमसी हार्ट सेंटर ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वह दिन की बीमारी से काफी समय से पीड़ित थे। यह अभी भी अविश्वसनीय है और उनके इस तरह हंसते हुए कल्ब को छोड़कर जाने से क्लब के सदस्य गहरे सदमे में हैं। पाकिस्तान में जनमें, पटना में बसे, लुधियाना को बनाया कर्म भूमी स हरमोहिंदर सिंह पाहवा का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था। 1947 के विभाजन के समय परिवार भारत आ गया था और वह पटना में रहने लगे थे। बाद में पढ़ाई के लिए वह पटियाला के वाईपीएस कालेज आ गए थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एवन साइकिल के संस्थापक अपने चाचा हंस राज पाहवा के साथ काम करने लगे। वह 2002 तक कंपनी के डायरेक्टर रहे और बाद में 2002 में उन्होंने नोवा साइकिल कंपनी शुरू की। अब उनकी कंपनी साइकिल के साथ साथ इलेक्ट्रिक वाहन भी बनाती है। वह पहले साइकिल पार्टस बनाते थे और बाद में पूर्ण साइकिल बनाने लगे थे। वह देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी साइकिल की पूर्ती करते हैं। यूपीसीएमए के अध्यक्ष रहे हैं स. पाहवा उद्योगपति बदीश जिंदल के अनुसार स. पाहवा हमेशा साइकिल उद्योग के विकास के लिए प्रयासरत रहे हैं। "उन्होंने यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (यूसीपीएमए) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तीन दिन पहले यूसीपीएमए की नवनिर्वाचित टीम उनका आशीर्वाद लेने उनके घर भी गई थी। वह कहते हैं कि हमने लुधियाना साइकिल उद्योग क एक रत्न खो दिया है।

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