पंजाब में नहीं होगी बाहरी राज्यों के धान की खरीद:सीमाओं पर दिन-रात लगेंगे विशेष नाके, डिप्टी सीएम रंधावा ने सरहदी क्षेत्रों के पुलिस प्रमुखों को विशेष नाकाबंदी के दिए आदेश

लुधियाना2 महीने पहले
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धान सीजन के शुरू होती ही पंजाब सरकार ने अहम फैसला लिया है। अब बाहरी राज्यों से यहां पर धान की खरीद नहीं होगी और इसके लिए पुलिस विभाग को शामिल कर लिया गया है। सरहदी क्षेत्रों के एसएसपी को विशेष नाकाबंदी के आदेश दिए गए हैं।

धान सीजन की शुरुआत में उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पुलिस विभाग को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि दूसरे राज्यों से चावल और धान के अवैध आयात को पंजाब की मंडियों में प्रवेश न करने दिया जाए। सभी जिला पुलिस प्रमुखों को दिन-रात सभी मुख्य सड़कों और लिंक सड़कों पर नाकाबंदी करने और पंजाब के आसपास के राज्यों की सीमाओं के माध्यम से चावल और धान के प्रवाह की जांच करने के लिए ऐसे वाहनों की जांच करने के लिए कहा है।

अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की होगी तैनाती
उपमुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से मुलाकात के बाद पत्र लिखकर राज्य सरकार को अन्य राज्यों से चावल/धान की आमद की जांच के लिए आज शाम तक अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को जिलों में तैनात करने के लिए भी कहा गया है।

सुखजिंदर रंधावा ने सभी एसएसपी को आगाह किया है कि इन आदेशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए, खासकर फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, संगरूर, पटियाला, एस.ए.एस.नगर, रूपनगर, होशियारपुर, गुरदासपुर और पठानकोट पुलिस प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी वाहन किसी भी तरह से इस तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सके।

पंजाब में एमएसपी पर फसल का फायदा लेते हैं व्यापारी
बता दें कि पंजाब के किसानों की फसल सरकार की तरफ से एमएसपी पर खरीद की जाती है और दूसरे राज्यों में इसकी सुविधा नहीं है। इसीलिए दूसरे क्षेत्रों से धान लाकर यहां बेची जाती है और किसानों के नाम पर एमएसपी लेकर बड़े स्तर पर गबन किया जाता है। केंद्र सरकार के पैसे को दूसरे ढंग से व्यापारी किसानों के नाम से अपनी जेब में डालते हैं और सरकार को लाखें का चूना लगाया जाता है।

अकाली दल पहले ही उठा चुका है सवाल
शिरोमणि अकाली दल बादल की तरफ से इस मुद्दे को पहले ही उठाया जा चुका है। यह आरोप लग चुके हैं कि पंजाब में हुई धान की उपज से ज्यादा धान को सरकार ने खरीद लिया है। यह आरोप लगे थे कि कांग्रेस के विधायकों ने फूड सप्लाई विभाग के साथ मिलकर करोडों रुपए का गबन धान खरीद में किया गया है। जिसके बाद गृह विभाग की तरफ से यह फैसला लिया गया है।

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