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  • If The Tax Receipts Are Not Shown On Receipt Of The Notice, Then The Corporation Will Consider The Water sewerage Connection Illegal.

सीलिंग की कार्रवाई:नोटिस मिलने पर टैक्स की रसीदें नहीं दिखाई, तो निगम मानेगा पानी-सीवरेज कनेक्शन अवैध

लुधियाना2 महीने पहले
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नगर निगम - Dainik Bhaskar
नगर निगम
  • 50 हजार से ज्यादा काे नोटिस जारी करने की तैयारी
  • प्रॉपर्टी, पानी-सीवरेज का रिकॉर्ड यूआईडी से लिंक करना अनिवार्य

शहरवासियों को निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने पर 30 सितंबर तक 10 फीसदी रिबेट दी। इसका कई लोगों ने फायदा भी उठाया है। लेकिन कई ऐसे डिफॉल्टर हैं, जिनकी तरफ से प्रॉपर्टी टैक्स का पैसा जमा नहीं करवाया गया है। ऐसे डिफॉल्टरों पर सीलिंग की कार्रवाई की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। वहीं, दूसरी तरफ निगम की टैक्स ब्रांच ने अब जिनकी प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड यूआईडी नंबर से लिंक नहीं है, उनको नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है।

इसकी पुष्टि निगम के सुपरिंटेंडेंट हेड विवेक वर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि 50 हजार से ज्यादा नोटिस तैयार किए गए हैं। इस नोटिस के जरिए लोगों को सूचित किया जा रहा है कि जिनका यूआईडी नंबर प्रॉपर्टी टैक्स और पानी-सीवरेज टैक्स से लिंक नहीं है, उसे लिंक करवाया जाए। साथ ही जमा करवाए गए टैक्स का प्रूफ भी मांगा गया है। अगर समय अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स, पानी-सीवरेज और डिस्पोजल के जमा करवाए पैसों की रसीदें नहीं दिखाई जाएंगी तो निगम ये समझ लेगा कि उनका पानी-सीवरेज, डिस्पोजल का कनैक्शन अवैध चल रहा है। जिस कारण नगर निगम द्वारा म्यूनिसिपल एक्ट के तहत कार्रवाई करेगा।

50 हजार से ज्यादा काे नोटिस जारी करने की तैयारी

नोटिस में लिखा है निगम हद में आती सभी प्रापर्टियों से वसूले जाने वाले प्रॉपर्टी टैक्स, पानी-सीवरज और डिस्पोजल के रिकॉर्ड को केवल एक ही यूआईडी नंबर से लिंक किया जा रहा है। निगम सर्वे के मुताबिक उनकी प्रॉपर्टी के यूआईडी में प्रॉपर्टी टैक्स, पानी-सीवरेज, डिस्पोजल का कोई भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसलिए 7 दिन में अपनी प्रॉपर्टी पर लगे पानी-सीवरेज, डिस्पोजल कनेक्शन और प्रापर्टी टैक्स की रसीद दिखा कर पानी-सीवरेज, प्रॉपर्टी टैक्स का रिकॉर्ड यूआईडी से लिंक करवाएं। ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का टैक्स जमा करवाने के समय कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। क्योंकि नगर निगम द्वारा भविष्य में यूआईडी तहत ही प्रापर्टी टैक्स, पानी-सीवरेज और डिस्पोजल के बिलों की अदायगी वसूली जानी है।

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