लुधियाना में अवैध हथियारों के सौदागर गिरफ्तार:मध्य प्रदेश से लाकर फेसबुक के जरिए लोगों को बेचते थे, 3 काबू; 32 बोर के 2 पिस्टल बरामद

लुधियाना2 महीने पहले
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आरोपियों से जुड़ी जानकारी देते हुए डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींडसा एवं अन्य। - Dainik Bhaskar
आरोपियों से जुड़ी जानकारी देते हुए डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींडसा एवं अन्य।

मध्यप्रदेश से लाकर अलग-अलग जगहों पर अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने काबू किया है। यह लोग फेसबुक के जरिए अपना नेटवर्क चला रहे थे और अवैध पिस्टल का काला कारोबार कर रहे थे। पुलिस ने इन्हें लुधियाना बस स्टैंड से काबू किया है। इनके पास से 32 बोर के दो पिस्टल बरामद किए गए हैं। यह तीनों अलग अलग तरीके से काम करते थे। वह मध्य प्रदेश से अवैध हथियार लेकर आते थे और यहां लुधियाना और आस पास के एरिया में इनकी सप्लाई करते थे।

डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींडसा ने बताया कि मुख्य आरोपी हिंदपाल सिंह निवासी गांव ललियां जालंधर पेशेवर मुजरिम हैं। वह बलविंदर सिंह निवासी बड़ाला जालंधर के साथ मिलकर मध्यप्रदेश से अवैध हथियार लेकर आते थे और अर्जुन कुमार निवासी चिट्टी कालोनी हैबोवाल के जरिए इन्हें आगे सप्लाई करते थे। पुलिस ने इन्हें लुधियाना के बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ थाना डिवीजन नंबर पांच में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

फेसबुक पर होता था हथियारों का सौदा
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह सभी मध्य प्रदेश से अवैध हथियार लाकर फेसबुक के जरिए ग्राहकों से सौदा करते थे। फेसबुक अकाउंट के माध्यम से ही उन्हें फोटो दिखाई जाती थीं और इसी माध्यम से मोल भाव किया जाता था। यही नहीं इन्हीं फेसबुक अकाउंट के माध्यम से ही जगह का चयन होता था यहां पर डिलीवरी दी जानी है। यह तीनों लुधियाना में हथियारों की डिलीवरी देने आए थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह किसे इन हथियारों की डिलीवरी देने के लिए आए थे।

हिंदपाल पर दर्ज हैं कई मामले, फोन का नहीं करता था इस्तेमाल
हिंदपाल सिंह पर हत्या समेत नशा तस्करी के पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह हत्या के एक मामले में बीस साल की सजा काट रहा था और कुछ ही समय पहले हाईकोर्ट से जमानत लेकर जेल से बाहर आया था। जेल में ही उसकी जान पहचान अर्जुन से हुई थी और उसी ने ही मध्यप्रदेश के हथियार तस्करों से मिलवाया था। हिंदपाल काफी शातिर आपराधी है। वह फोन का इस्तेमाल बेहद कम करता है।

गैंगस्टरों और आतंकियों से लिंक तलाश रही पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका लिंक गैंगस्टरों और आतंकवादियों से तो नहीं है। जिस तरह से बार्डर पार से हथियार आ रहे हैं और इसे आगे डिलीवर किया जा रहा है। इस वजह से ही पुलिस इस एंगल पर काम कर रही है। यह हथियार किस लिए इस्तेमाल होने थे और किसने करने थे यह भी पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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